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भाजपा की लहर दिखाने पर दैनिक जागरण के खिलाफ यूपी के 15 जिलों में एफआईआर

TricityToday Correspondent/New Delhi


देश के सबसे बड़े समाचार पत्र दैनिक जागरण पर एक्जिट पोल के नाम पर भारतीय जनता पार्टी के पक्ष में चुनावी माहौल बनाने और आदर्श आचार संहिता तोड़ने का आरोप लगा है। भारत निर्वाचन आयोग ने दैनिक जागरण के जिम्मेदार संपादकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया। जिसके आधार पर उत्तर प्रदेश के 15 जिलों में सोमवार की देर रात एफआईआर दर्ज की गई हैं।

यूपी चुनाव के पहले चरण का मतदान 11 फरवरी को हुआ था। उस पर दैनिक जागरण ने पब्लिक फीड बैक सर्वे प्रकाशित किया है। जिसमें भारतीय जनता पार्टी को इस चरण की 73 विधानसभा सीटों में सबसे आगे बताया था। बहुजन समाज पार्टी को दूसरे और समाजवादी पार्टी-कांग्रेस गठबंधन को तीसरे स्थान पर दिखाया गया है। सर्वे के परिणाम वोटरों से बातचीत के आधार पर पेश किए गए थे। दैनिक जागरण के साथ रिसोर्स डेवलपमेंट इंटरनेशल प्राइवेट लिमिटेड नाम की कंपनी ने यह डाटा एकत्र किया था।

11 फरवरी को मुजफ्फरनगर, मेरठ, शामली, बागपत, गौतमबुद्ध नगर, बुलंदशहर, हापुड़, गाजियाबाद, अलीगढ़, आगरा, मथुरा, हाथरस, एटा, कासगंज और फिरोजाबाद जिलों में 73 विधानसभा सीटों के लिए मतदान हो चुका है। मतदान के बाद अखबार और कंपनी ने वोटरों से फीड बैक हासिल किया और उसके परिणाम प्रकाशित किए हैं। आयोग ने 08 मार्च तक किसी भी एक्जिट पोल के प्रकाशन और प्रसारण पर पाबंदी लगा रखी है।

दैनिक जागरण के समाचार को आयोग ने गंभीरता से लिया और सभी 15 जिलों के डीएम को मामले में जांच करके रिपोर्ट देने का आदेश दिया था। सोमवार की शाम तक रिपोर्ट मांगी गई थीं। सभी डीएम ने सोमवार की शाम छह बजे रिपोर्ट भेज दीं और बताया कि यह आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन है। जिसके बाद आयोग ने तत्काल कार्रवाई करने का आदेश दिया। सोमवार की देर रात सभी जिलों में धड़ाधड़ एफआईआर दर्ज की गई हैं।

दैनिक जागरण के संपादकों और रिसोर्स डेवलपमेंट इंटरनेशल प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंधकों के खिलाफ आईपीसी की धारा 188 और पीपुल्स रिपरजेंटेशन एक्ट की धारा 126-ए और बी के तहत ये मुकदमे दर्ज किए गए हैं। इन धाराओं के तहत आरोपी को दोषी पाए जाने पर दो वर्ष तक का कारावास हो सकता है। जुर्माना भी लगाया जा सकता है।