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BREAKING: जीआईपी माॅल के जमीन आवंटन में अरबों का घोटाला, नोएडा के सीईओ हाईकोर्ट में तलब

TricityToday Correspondent


दिल्ली-एनसीआर के सबसे बड़े माॅल और नोएडा की शान कहे जाने वाले ग्रेट इंडिया प्लेस (जीआईपी) को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट सख्त हो गया है। एक याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने नोएडा के सीईओ को जांच करने और रिपोर्ट लेकर कोर्ट में हाजिर होने का आदेश दिया है। कोर्ट को बताया गया है कि जीआईपी के जमीन आवंटन में अरबों रुपये का घोटाला हुआ है। निर्माण में भारी गड़बड़ियां हैं। जस्टिस अरुण टंडन की अदालत ने यह आदेश दिया है।

इलाहाबाद हाईकोर्ट के अधिवक्ता पंकज दुबे ने बताया, आजाद हिन्द फौज ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में वर्ष 2008 में एक याचिका दायर की थी। न्यायालय को बताया कि नोएडा विकास प्राधिकरण ने वर्ष 2002 में इंटरनेशनल रिक्रेशन पार्क प्राइवेट लिमिटेड को 5,79,043 वर्ग मीटर भूमि का आवंटन किया है। लीज डीड के मुताबिक जमीन नोएडा के निवासियों के लिए मनोरंजन के साधन विकसित होने थे। लीज डीड में लिखा है कि बराबर में बाॅटेनिकल गार्डन है। लिहाजा निर्माण और उपयोग की दृष्टि से यह बेहद संवेदनशील स्थान है।

याची का आरोप है कि जहां इस जमीन का आवंटन किया गया वहां कीमत 1.47 लाख रुपये प्रति वर्ग मीटर से अधिक थी। लेकिन बराबर में बाॅटेनिकल गार्डन का हवाला देते हुए भूमि के उपयोग को रिक्रेशनल ग्रीन श्रेणी में रखा गया था, जिसके आधार पर आवंटन दर महज 1,905 रुपये तय कर दी गई। इससे सरकार और नोएडा को अरबों रुपये का नुकसान हुआ है।

एडवोकेट पंकज दुबे का कहना है कि आवंटन की श्रेणी और नक्शों को दरकिनार करके निर्माण किया गया है। अब इस मामले में हाईकोर्ट ने नोएडा के सीईओ दीपक अग्रवाल को मौके पर जाकर जांच करने और रिपोर्ट हाईकोर्ट में दाखिल करने का आदेश दिया है। 03 मार्च को इस मामले में न्यायालय सुनवाई करेगा।
 

जीआईपी से जुड़े मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट 03 मार्च को सुनवाई करेगा। मुझे मौके पर जाकर निर्माण और भूमि उपयोग की जांच करने का आदेश दिया गया था। मैंने जांच कर ली है। हाईकोर्ट में रिपोर्ट दाखिल की जाएगी।
दीपक अग्रवाल, सीईओ, नोएडा