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बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट पर दौड़ेंगी 100 साल पुरानी कारें

TricityToday Correspondent


ग्रेटर नोएडा के बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट में 19 फरवरी को विंटेज कारों की रेसिंग होगी। इस रेस में देश के राजघरानों की पुराने कारें भी शामिल होंगी। दुनिया भर से भी कुछ चुनिंदा कारें भारत आ रही हैं। करीब 80 से 100 साल पुरानी राॅल्स राॅयस, मर्सडीज और फोर्ड की कारें भी यहां देखने को मिलेगी। दुनिया भर से चुनी गई 100 विंटेज और क्लासिक कारें शामिल हो रही हैं। इसका आयोजन 21 गन सेल्यूट हेरीटेज एंड कल्चरल ट्रस्ट द्वारा किया जा रहा है, ये ट्रस्ट का 7वां सत्र है।

21 गन सेल्यूट हेरीटेज एंड कल्चरल ट्रस्ट के संस्थापक एवं मैनेजिंग ट्रस्टी मदन मोहन ने कहा कि 19 फरवरी को लीजेंडरी 1912 राॅल्य राॅयल सिल्वर घोस्ट, 1967 फैंटम-5, 1922 की मून, 1927 की लैंजेस्टर और 1933 कैडीलक वी-12, 7 पैसेंजर लिमोजिन के साथ दुनिया भर से चुनी गई विंटेज कारें बुद्ध इंटरनेशनल फार्मूला-1 रेसिंग ट्रैक ग्रेटर नोएडा में रेस में भी शामिल होंगी। मदन मोहन ने कहा कि 7वा सत्र एकमात्र ऐसा आयोजन है जिसमें भारत के साथ ही अमेरिका, फ्रांस, जर्मनी, इटली और येके से भी विंटेज कारें आ रही हैं। यहां उनकी खुद की 15 व देश विदेश की 85 गाडियां शामिल हो रही हैं। 19 फरवरी की सुबह करीब 9 बजे से विंटेज गाड़ियों की रैली दिल्ली के इंडिया गेट से शुरू होकर अगस्त क्रांति पार्क, राष्ट्रपति भवन, पुराना किला रोड, महात्मा गांधी मार्क से बुद्धा मंदिर, डीएनडी टोल होकर ग्रेटर नोएडा के स्पोर्ट्स सिटी में करीब दोपहर 12 बजे तक पहुंच जाएंगी।

इस रेस में प्री वाॅर, पोस्ट वाॅर व क्लासिक विंटेज कारें तीन वर्गों में शामिल होंगी। मदन मोहन ने कहा कि हमारा लक्ष्य आयोजन के साथ भारत को एक विश्वस्तरीय ग्लोबल मोटरिंग टूरिज्म स्थल के तौर पर विकसित किया जाना है। इस लक्ष्य के लिये हमने भारत और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विंटेज और क्लासिक कारों के मालिकों को अपने साथ लिया है। इसमें 50 से अधिक शाही परिवार अपनी महंगी कारों के साथ इस आयोजन में शामिल हो रहे हैं। उन्होने बताया कि इससे होने वाली आये का हिस्सा दृष्टिहीन बच्चों, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओं जैसे जनकल्याण कार्यों के लिये दान दिया जाएगा।