कैलाश अस्पताल ने विदेश से आए युवक का इलाज नहीं किया, रात 4 बजे शहर में बेहाल घूमा युवक

Tricity Today Correspondent

Greater Noida: ग्रेटर नोएडा के कैलाश अस्पताल ने शुक्रवार की रात एक युवक का इलाज नहीं किया। युवक के पास विदेशी मुद्रा और बीमा कार्ड था। अस्पताल प्रबंधन 10 हजार रुपये मांग रहा था। रात में 4 बजे युवक पेट दर्द और बुखार से परेशान सड़क पर तड़पता रहा। मरीज के भाई का मैसेज सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

ग्रेटर नोएडा को अंसल गोल्फ लिंक 1 अंसल हाउसिंग सोसायटी में रहने वाले प्रियवृत्त ने बताया कि शुक्रवार की रात करीब 12 बजे उसका भाई रामकुमार पुत्र उदयभान थाईलैंड से आया था। उसकी तबियत बहुत खराब थी और वह रात को ही अपने गांव करौली (जेवर) से आया ग्रेटर नोएडा कैलाश हॉस्पिटल पहुंच गया। कैलाश अस्पताल के डॉक्टरों ने मेरे भाई को देखने से मना कर दिया। क्योंकि उसके पास इंडियन कैश नहीं था। उसके पास डॉलर थे। प्रियवृत का कहना है कि वह अपना एटीएम कार्ड गांव भूल आया लेकिन उसके पास रेलिगेयर का इंश्योरेंस कार्ड था।

प्रियवृत्त का आरोप है कि कैलाश अस्पताल के प्रबंधन ने कहा कि 10 हजार रुपये जमा करो, तब देखेंगे। उसने बोला कि आप इलाज शुरू कर दो मैं गांव से आपको पैसे लेकर जमा कर देता हूं। लेकिन बिल्कुल मना कर दिया गया कि जब तक पैसा जमा नहीं होगा हम नहीं देखेंगे। रात 4 बजे तक मैं और मेरा भाई परेशान होते रहे। सुबह 4 बजे भाई को नवीन हॉस्पिटल मैं एडमिट किया है।

प्रियवृत्त ने लोगों से सहयोग की अपील की
प्रियवृत्त का कहना है कि नवीन हॉस्पिटल वालों से जब उन्होंने विनती की तो उन्होंने तुरंत एडमिट कर लिया। कैलाश अस्पताल तो क्षेत्रीय सांसद का है। उसने सोशल मीडिया पर सवाल उठाया है कि कैलाश हॉस्पिटल क्या ठीक कर रहा है? क्या उसका इंसान की जिंदगी बचाने का कोई दयित्व नहीं है? इस बारे में प्रियवृत्त ने लोगों से मदद मांगी है और कहा है कि वह इस मामले की शिकायत प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री से भी करेंगे।

वहीं, कैलाश अस्पताल के निदेशक दिनेश शर्मा का कहना है कि मुझे इस मामले की अभी कोई जानकारी नहीं है अगर स्टाफ ने ऐसी कोई गलत की है तो उसकी जांच की जाएगी। उनका कहना है कि इंसान की जान से बढ़कर कोई चीज नहीं है। इस मामले की जांच कर कार्रवाई करेंगे।