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'टार्जन-द वंडर कार' बनी कबाड़ की परमानेंट मेहमान, जानिए कैसे

Mayank Tawer

'टार्जन-द वंडर कार' फिल्म 2004 में आयी। लेकिन आज भी लोग इसे देखना पसंद करते है। उस टाइम की ही नहीं बल्कि आज भी यह एक सुपरकार की नाम से जानी जाती है, लेकिन अब इसकी हालत सिर्फ एक कबाड़ घर के परमानेंट मेहमान  के रूप में बन गयी है। 

इस कार को मशहूर ऑटोमोबाइल डिजाइनर दिलीप छाबड़िया ने तैयार किया था। फिल्म में कार को कई ऐसे स्टंट करते दिखाया गया था जो फिल्म को सुपरहिट करती है। लोगो में इसका कुछ ज्यादा ही क्रेज़ था। लेकिन इन फोटो को देखकर शायद ना रहे। 

दिलीप छाबड़िया ने इस कार को बेचने के लिए 2 करोड़ रुपए की कीमत लगाई थी। लेकिन लोगो ने इसकी कीमत ज्यादा बताकर मना कर दिया। कुछ सालो बाद जब टार्ज़न कार की हालत खराब होने लगी तो दिलीप छाबड़िया ने इस कार कीमत 2 करोड़ रुपए से घटाकर सिर्फ 35 लाख रुपए कर दी, हालांकि तब भी कार का कोई खरीददार नहीं मिला।  

कार सालों तक यूं ही खड़ी रही और अब यह एक कबाड़ से ज्यादा नहीं रह गई। इंजन के लिहाज से यह कार सेकेंड जेनरेशन Toyota MR2 कार थी। दिलीप छाबड़िया ने कार के बाहरी लुक पर काम किया था।