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कूड़ा जलता मिलने पर जेई सस्पेंड, ठेकेदार हुआ ब्लैक लिस्ट

TriCityToday Correspondent/Greater Noida

 

प्रदूषण रोकने के लिए नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल की सख्ती का असर अब नजर आने लगा है। गुरूवार की सुबह ग्रेटर नोएडा में कूड़ा जलता मिलने पर विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी दीपक अग्रवाल ने एक जेई को सस्पेंड कर दिया। एनजीटी के आदेशों का पालन करवाने के लिए सीईओ शहर के भ्रमण पर निकले थे। डेवू मोटर्स कंपनी के पास उन्हें कूड़ा जलता मिला। इस इलाके में काम कर रहे ठेकेदार को भी ब्लैक लिस्ट कर दिया गया है। उस पर जुर्माना भी लगाया गया है।

 

एनसीआर में भारी निर्माण गतिविधियों और कूड़ा जलाने के कारण प्रदूषण फैल रहा है। आलम यह है कि सांस तक लेना मुहाल हो गया है। दो दिन पहले एनजीटी ने तमाम प्राधिकरणों के उच्च पदस्थ अफसरों को बुलाकर हालात सुधारने का आदेश दिया। साथ ही चेतावनी दी कि अगर अब गड़बड़ हुई तो जिम्मेदार बड़े अफसर होंगे। इसके बाद ग्रेटर नोएडा के सीईओ दीपक अग्रवाल ने पांच टीमों का गठन किया।

 

 

एक टीम लेकर गुरूवार की सुबह खुद सीईओ निकले। ये लोग जब डेवू मोटर्स के पास पहंुचे तो वहां सड़क किनारे घास और कूड़ा एकत्र करके आग लगाई गई थी। जिससे बड़ी मात्रा में धुंआ निकल रहा था। सीईओ ने तुरंत फायर ब्रिगेड बुलाई। आग बुझाई गई। क्षेत्र के जूनियर इंजीनियर अख्तर अब्बास जैदी को मौके पर बुलाया गया। जमकर फटकार लगाई और सस्पेंड कर दिया। इसके बाद यहां काम कर रहे ठेकेदार को ब्लैक लिस्ट किया गया। उस पर 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है।

 

मैंने साफ और सख्त आदेश दिया है कि कहीं भी कूड़ा नहीं जलाया जाएगा। निर्माण गतिविधियों में किसी भी तरह धूल या धुंआ नहीं उठना चाहिए। सारे स्टोन क्रेशर बंद करवा दिए गए हैं। जिला प्रशासन ने खनन पर पूर्ण पाबंदी लगा रखी है। रोजाना समाचार पत्रों में एनजीटी की चेतावनी और हमारे आदेश प्रकाशित हो रहे हैं। इसके बावजूद जेई की लापरवाही से ठेकेदार ने कूड़े में आग लगा दी। दोनों पर कार्रवाई की गई है। 

दीपक अग्रवाल, मुख्य कार्यपालक अधिकारी , ग्रेटर नोएडा

 

चार बिल्डरों पर 5-5 लाख रुपये का जुर्माना लगा, काम बंद करवाया गया
शहर में निर्माण गतिविधियों का प्राधिकरण की टीमों ने जायजा लिया। सारी टीमों ने गुरूवार की शाम सीईओ को रिपोर्ट दीं। रिपोर्ट के अनुसार एवीजे, पिजन, हैबीटेट और डोमेट बिल्डरों के प्रोजेक्ट से धूल उड़ती मिली। एनजीटी के आदेशों का पालन होता नहीं पाया गया। दीपक अग्रवाल ने बताया कि चारों कंपनियों पर 5-5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। नोटिस भेजकर चेतावनी दे दी गई है कि अगर भविष्य में ऐसा होता पाया गया तो प्रोजेक्ट सील कर दिया जाएगा। फिलहाल इनकी साइटों पर निर्माण रोक दिया गया है। एनजीटी के सारे मानकों को पूरा करने के बाद काम शुरू होगा।

 

शुक्रवार को भी जारी रहेगा यह अभियान
अभी अभियान जारी रहेगा। शुक्रवार की सुबह फिर सारी टीम शहर में भ्रमण पर निकलेंगी। जहां कहीं भी प्रदूषण पाया जाएगा। कार्रवाई की जाएगी। अगले सप्ताह प्राधिकरणों को अपनी कार्रवाई के बारे में एनजीटी को जानकारियां देनी होंगी। उसके बाद एनजीटी आगे के लिए आदेश जारी करेगा।