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ये 10 गांव देश को दिखा रहे हैं दिशा, कहीं हर घर में सौर ऊर्जा तो कहीं रात को भी नहीं लगता ताला

TricityToday Correspondent

 

देश के 10 गांव एेसे हैं जो  पूरे भारत के गावों लिए रोल मॉडल की भूमिका निभा रहे हैं। कोई एशिया का सबसे साफ गांव हैे तो कहीं इतनी ईमानदारी है कि रात को भी ताला नहीं लगाया जाता। 

1 मेव्लेयॉन्ग, मेघालय एशिया का सर्वाधिक साफ गांव
शिलांग से 90 किलोमीटर दूर इस गांव को 2003 में सफाई के लिए ‘क्लीनेस्ट विलेज इन एशिया’ का खिताब मिल चुका है। गांव इस कदर साफ-सुथरा रहता है कि आप पूरे गांव में सिगरेट का एक टुकड़ा नहीं खोज पाएंगे। मौजूदा समय में गांव में 95 परिवार रहते हैं। सुपारी (बीटल नट)  गांव की मुख्य खेती है।


 

2 पुंसरी, गुजरात वाई-फाई विलेज
2006 तक देश के 260 सर्वाधिक पिछड़े जिलों में शुमार साबरकांठा जिले का पुंसरी गांव वाई-फाई, सीसीटीवी और तमाम जरूरी सुविधाओं से लैस  टेक्नोलॉजी के प्रयोग का उत्तम केंद्र बनकर उभरा है। पंचायत के जरिए हुए यहां के विकास को देखने विदेशों से लोग आ रहे हैं। केन्या सरकार अपने कई गांवों का विकास पुंसरी की तर्ज पर कर रही है। पूरा गांव न सिर्फ वाई-फाई से लैस है, बल्कि माता-पिता घर बैठे बच्चों का हाल जान सकते हैं। इतना ही नहीं गांव से कहीं आने-जाने के लिए नि:शुल्क बस सेवा भी मौजूद है।

 

3 हिवारे बाजार, महाराष्ट्र: सर्वाधिक अमीर गांव
अहमदनगर में स्थित यह गांव संभवत: देश का सबसे अमीर गांव है। कुछ ही सालों में अमीर बने इस गांव के पीछे पोपटराव पवार हैं। पवार ने गांव में व्यसन से जुड़ी चीजों को प्रतिबंधित कर दिया और गांव वालों को बचत के लिए प्रोत्साहित किया। इसके बाद बचत को रेन वॉटर हार्वेस्टिंग, दुग्ध उत्पादन और पशुओं में लगाने को कहा। गांव में अब 60 ऐसे लखपति हैं जो बेहद गरीब थे। यहां कोई भी घर बीपीएल की श्रेणी में नहीं है। गांव वालों ने किसी के गरीब न रहने का जो सपना देखा था उसे पूरा कर लिया है।

 

4. धारनई, बिहार पूर्णत: सौर ऊर्जा से जगमग
30 साल तक अंधेरे में डूबे रहने वाले इस गांव की चर्चा राष्ट्रीय स्तर पर हो रही है। ग्रीनपीस की सहायता से यह गांव अब पूरी तरह सौर ऊर्जा से जगमग है। पिछले साल जुलाई में धरनई खुद को ऊर्जा स्वतंत्र गांव घोषित कर चुका है। गांव की आबादी 2400 है।

 

 

5शनि सिंगड़ापुर महाराष्ट्र: सबसे सुरक्षित गांव
महाराष्ट्र का यह गांव अपनी खूबी के कारण कई बार सुर्खियां बटोर चुका है। इस गांव के किसी घर में दरवाजे नहीं हैं। यहां चोरी का कोई खतरा नहीं है। यह सबसे सुरक्षित गांवों में शुमार है। इस गांव ने एक और कीर्तिमान बना दिया कि यहां की यूको बैंक की ब्रांच में ताला नहीं लगता है।

 

6 छापर, हरियाणा बेटी के जन्म पर जश्न  
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आदर्श ग्राम जयापुर ने भले बेटी के जन्म पर खुशी मनाने का क्रम अभी शुरू किया है, लेकिन हरियाणा का छापर गांव बेटी के जन्म पर मिठाई पहले से बांट रहा है। इसकी शुरुआत गांव की एक सामान्य सरपंच नीलम ने की है। गांव खूब सुर्खियों में है।

 

 

7 नीलांबुर,   केरल : दहेज मुक्त गांव
इस गांव की खूबी यह है यह दहेज से पूरी तरह मुक्त है। 2009 में गांव के लोगों ने तय किया कि न दहेज देंगे न लेंगे। इसके लिए कैंपेन चलाया और नुक्कड़ नाटकों का सहारा लिया। अब आसपास के कई गांव भी दहेज मुक्त हो गए हैं। गांव की महिलाएं डाउरी फ्री मैरिज डॉट कॉम नाम से वेबसाइट शुरू करने जा रही हैं।

 

8 बल्लिया, उत्तर प्रदेश: जहरीले पानी पर पाई जीत
बलिया जिले में स्थित इस गांव के लोग पानी में मिले खतरनाक आर्सेनिक जहर से परेशान थे। सरकार ने कई हैंडपंप लगवाए लेकिन नतीजा सिफर रहा। इसके बाद गांव वालों ने पुराने कुओं का सहारा लिया और परंपरागत तरीके से पानी निकालना शुरू किया तो बात बन गई। इस मुहिम की अगुवाई गांव के बुजुर्गों ने की।

 

9 पोथनीकड़, केरल, 100 % साक्षरता
केरल तो वैसे ही पढ़ाई में अव्वल है लेकिन राज्य का यह गांव देश का पहला गांव है जहां 100% साक्षरता है। एर्नाकुलम जिले में स्थित इस गांव की आबादी 18 हजार के आसपास है। गांव में सीबीएसई बोर्ड की शिक्षा भी  मौजूद है।

 

10 बेक्किनकेरी, कर्नाटक: खुले में शौच से तौबा
कर्नाटक के इस गांव में कोई भी खुले में शौच नहीं जाता। कुछ साल पहले तक यह गांव भी अन्य गांवों की तरह था। पंचायत ने खुले में शौच न जाने की गुजारिश की तो लोग नहीं माने। इस पर पंचायत ने कई शौचालय बनवाए। यह पहल काम कर गई। गांव के लोग अब इन्हीं शौचालयों में जाते हैं और ‘गुड मॉर्निंग’ कहकर अभिवादन करते हैं।

 

यह भी जानिए

 6,00,000 गांव हैं पूरे देश में
98,382 करोड़ रुपये की धनराशि केंद्र सरकार ने पिछले बजट में तय की थी ग्रामीण विकास के लिए
83.3 करोड़ जनसंख्या गांवों में, जबकि 37.7 करोड़ जनसंख्या शहरों में रहती है

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