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दलित परिवार पर पुलिस का अत्याचार, महिलाओं के प्राइवेट पार्ट पर मारी लात

TricityToday Correspondent/Yamuna City

 

गौतमबुद्ध नगर जिले के रबूपुरा कस्बे में दलित परिवार को पीटने और महिलाओं के साथ अमानवीय व्यवहार करने के आरोपी डीएसपी, इंस्पेक्टर, दो सब इंस्पेक्टर और दो कांस्टेबल के खिलाफ मुकदमा चलेगा। दलित परिवार की शिकायत पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने इन सबकेे खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया है। इन सब पर करीब दो महीने पहले एक दलित के घर में घुसकर मारपीट करने और उन्हीं के खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज करके जेल भेजने के आरोप हैं।

 

रबूपुरा कस्बे के रहने वाले दलित परिवार ने कोर्ट को बताया कि 09 अक्टूबर को उसके घर में जिप्सी सवार दो दरोगा और दो सिपाही आए थे। परिवार के पुरुषों और महिलाओं को जबरन घसीटकर थाने ले गए। दरअसल, परिवार के मुखिया एक छेड़छाड़ के मामले में लड़की के पक्ष में गवाही दे रहे हैं। पुलिस वाले इस मामले में समझौता करने का दबाव बना रहे थे। गवाह और लड़की ने समझौता करने से इंकार कर दिया।

 

पुलिस पर महिलाओं से अमानवीय व्यवहार करने का आरोप
पुलिस कर्मियों ने दलितों के खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज किया। जेल भेज दिया। पूरे घर में तोड़फोड़ की। बहू और बेटियों के कपड़े फाड़ डाले। उनके साथ मारपीट की। बाद में क्षेत्र के डीएसपी दिलीप सिंह और तत्कालीन कोतवाल कृष्णवीर सिंह ने सारे परिवार को थाने ले जाकर मारपीट की। इंस्पेक्टर कृष्णवीर सिंह अब मेरठ में तैनात है। दोबारा जेल भेजने की धमकी देकर थाने से भगा दिया। परिवार ने उच्चाधिकारियों से शिकायत की। कोई सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद परिवार ने अदालत में अर्जी दी। अब सीजेएम ने सीओ दिलीप सिंह, इंस्पेक्टर कृष्णवीर सिंह, सब इंस्पेक्टर बिजेंद्र सिंह, ओमवीर सिंह, सिपाही संदीप कुमार और ब्रह्मपाल के खिलाफ एफआईआर दर्ज करके जांच करने का आदेश दिया है।

 

पुलिस ने हमारे साथ ऐसा व्यवहार किया, जो मैं बता भी नहीं सकता। मेरे परिवार की महिलाओं को थाने घसीटकर ले गए। उनकी जांघों पर खड़े हो गए। प्राइवेट पार्ट पर ठोकरें मारीं। हम लोगों की पुलिस के किसी अफसर ने सुनवाई नहीं की। अब अदालत ने एफआईआर दर्ज कर जांच करने का आदेश दिया है।
दलित परिवार के मुखिया और मुकदमे के वादी