अगर ये चार फल खाएंगे तो रोग आपसे दूर भागेंगे

Tricity Today Correspondent/Life Style

 

 

अगर आप आए दिन पेट की समस्या से दो चार होते हैं तो आयुर्वेद से बेहतर उपचार कहीं नहीं मिलेगा। आयुर्वेद के मुताबिक पेट का रोग शरीर के हर रोग की वजह बनता है। पेट के रोगों से कई रोग जन्म लेते हैं। पेट में गैस बनना, बार-बार डकार आना, पेट में एसिड बनना, अल्सर होना, अपच होना, डायरिया या लूज मोशन होना, ये सब पेट के ऐसे रोग हैं, जिनका सामना हर किसी को करना पड़ता है। इसके पीछे की मुख्य वजह खाना ठीक से नहीं पचना है।

 

अगर आप इन समस्याओं से छुटकारा पाना चाहते हैं तो सबसे पहले अपने खान-पान में बदलाव लाइए। उन चीजों को खाना बिलकुल ही कम या बंद कर दीजिए जो आपके पेट के रोगों का कारण हैं। जैसे, वसा वाले भोजन, मसालेदार भोजन, फास्ट फूड, प्रोसेस्ड फूड से तौबा कर लीजिए। इन चीजों से दूरी बनाकर रखनी होगी।

 

जितना पानी पिएं, उतना कम
पानी पीने का समय निर्धारित कीजिए। कभी भी पानी खाना खाते समय मत पीजिए। पानी खाना खाने के एक या आधे घंटे बाद पीजिए। कुछ ऐसे फल हैं, जिनका नियमित सेवन करके आप अपने पेट को हमेशा के लिए स्वस्थ्य रख सकते हैं।

 

 

केला
केले में बहुत सारे गुण पाए जाते हैं। यह न केवल आपको शारीरिक रूप से मजबूत बनाता है बल्कि इसमें पेट की जलन को खत्म करने की भी बड़ी क्षमता है। यह पर्याप्त रूप से एंटेसिड होने के कारण पेट में जलन से निजात दिलाने में सहायक होते हैं। इसके अलावा पाचन क्रिया को दुरुस्त बनाता है। दरअसल, यह आसानी से पच जाता है। इसलिए यदि आपके पेट में गड़बड़ी है तो केला खाएं।

 

 

पपीता
विटामिन ए, बी, सी तथा फाइबर से भरपूर पपीता पेट के लिए सबसे बड़ा वरदान माना गया है। रोजाना भोजन के बाद पपीता खाने से कब्ज का निवारण होता है। पपीता गुणों की खान है। यह पेट तो दुरुस्त रहता ही है साथ ही आंख और त्वचा के लिए भी फायदेमंद है। लीवर के बड़ा फायदेमंद है। लीवर की खून बनाने की क्षमता तेजी से बढ़ाता है।

 

 

संतरा
विटामिन सी से भरपूर संतरा अपने गुणों और स्वाद की वजह से हर किसी का पसंदीदा फल है। यह नींबू, नारंगी और मौसमी की जाति का फल है। इसमें फाइबर भी भरपूर मात्रा में होता है। यह आपके पेट को स्वस्थ्य और शरीर को उर्जा से युक्त बना देता है। इसके रस में साइट्रिक एसिड की अच्छी मात्रा भेजन को चंद मिनटों में पचा देता है। पाचक और दस्तावर होता है। जिससे अमाष्य और मलाशय की दीवारें मुलायम हो जाती हैं।

 

 

नींबू
जिस तरह संतरा खाना पेट के लिए लाभदायक है, उसी तरह नींबू को भी पेट के रोगियों के लिए रामबाण औषधि के रूप में देखा जाता है। आपको बता दें नींबू पानी हाजमा दुरुस्ता रखता है। इसे पीने से पाचन क्रिया भी अच्छी हो जाती है। गर्मियों में लोग नींबू पानी पीकर प्यास बुझाते हैं। लू नहीं लगने देता है। यह शरीर के विषाक्त पदार्थ को बाहर निकालते हैं।