सुपरटेक जार के 400 फ्लैटों के अलाॅटमेंट-पजेशन पर हाईकोर्ट ने लगाई रोक

TricityToday Correspondent

ग्रेटर नोएडा के सेक्टर ओमीक्राॅन-वन में बन रहे सुपरटेक जार के 400 फ्लैटों के अलाॅटमेंट और पजेशन पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है। इन फ्लैटों के लिए वीके शर्मा और आठ अन्य फ्लैट मालिकों की याचिका पर बुधवार को सुनवाई हुई। हाईकोर्ट ने इस मामले में एक माह के भीतर जवाब मांगा है।

मुख्य न्यायमूर्ति डीबी भोसले और न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा की खंडपीठ ने सुनवाई करते हुए अवैध रूप से बने फ्लैटों के अलाॅटमेंट पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने ये भी कहा कि यदि फ्लैट का अलाॅटमेंट हो गया है तो उन पर पजेशन न दिया जाए। जिन अलाॅटियों ने कब्जा ले लिया है, उन पर याचिका के फैसले के बाद निर्णय होगा। कोर्ट ने ग्रेटर नोएडा आॅथोरिटी के सीईओ को भी आदेश दिया है कि याचिका की अगली सुनवाई पर व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहें। ग्रेटर नोएडा को नियमानुसार कंपनी के खिलाफ कारवाई के भी निर्देश दिए गए हैं।

दरसअल, वीके शर्मा समेत नौ लोगों की याचिका में कहा गया है कि सुपरटेक ने 2007 में जार शूट प्रोजेक्ट को लाॅन्च किया था। इसके लिए सुपरटेक ने ग्रेटर नोएडा आॅथोरिटी से 844 फ्लैट बनाने की इजाजत ली थी लेकिन बिना इजाजत दोगुने से ज्यादा फ्लैट बना लिए। सुपरटेक ने नक्शा पास कराए बिना ही 1,904 फ्लैट बना लिए। सोसायटी के आवंटियों ने प्राधिकरण से शिकायत की तो जांच में आरोप सही पाए गए।

28 दिसंबर को फ्लैट आवंटियों ने सुपरटेक के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन भी किया लेकिन प्राधिकरण ने कोई कार्रवाई बिल्डर के खिलाफ नहीं की। उल्टा प्राधिकरण के एसीईओ ने महिलाओं को अपने आॅफिस से बाहर निकलवाने की धमकी दे डाली थी। अगले ही दिन 29 दिसंबर को महिलाओं ने इसके खिलाफ धरना प्रदर्शन किया था। मामले की अगली सुनवाई आठ फरवरी को होगी।

आॅथोरिटी की मिलीभगत से बिल्डर ने यह फर्जीवाड़ा किया है। बिल्डर प्रोजेक्ट में करीब एक हजार फ्लैट खाली हैं जबकि, आॅथोरिटी ने कोर्ट में सिर्फ 400 फ्लैट खाली दिखाए हैं। सुपरटेक के साथ-साथ आॅथोरिटी के आधिकारियों को भी सजा मिलनी चाहिए। अफसरों ने कोर्ट को गुमराह किया है। हाईकोर्ट के फैसले से सभी अलाॅटी खुश हैं।
अरविन्द कुमार सिंह, जार प्रोजेक्ट के अलाॅटी

कोर्ट का आदेश नहीं मिला है। अभी कुछ नहीं कहा जा सकता। जो भी आदेश है उसे देखने के बाद अगली सुनवाई पर कोर्ट में हाजिर होकर जवाब दिया जाएगा।
दीपक अग्रवाल, सीईओ-ग्रेटर नोएडा आॅथोरिटी

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