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EXCLUSIVE: दो गांवों ने दिया चुनावी नारा, ‘विकास नहीं तो वोट नहीं‘

Tricity Today Correspondent/Greater Noida


उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव का बिगुल बजते ही गहमागहमी बढ़ गई है। नेता टिकट की दौड़ लगा रहे हैं। वोटरों को अभी से जाति, धर्म और क्षेत्र के नाम पर बांट रहे हैं। लेकिन ग्रेटर नोएडा के गांव भनोता और खेड़ी के युवाओं ने अपना चुनावी नारा दिया है ‘विकास नहीं तो वोट नहीं‘। गांव के युवा सोशल साइट्स पर समर्थन जुटा रहे हैं। युवकों का कहना है कि गांव में कई वर्षों से कोई विकास कार्य नहीं हुआ हैं।

गांव के युवक और पर्यावरणविद् विक्रांत तोंगड़ ने कहा, दोनों के गांवों के रास्ते बेहद खराब हैं। चलना मुश्किल है। साइकिल लेकर सड़क पर नहीं चल सकते। गांव भनोता को 130 मीटर रोड से जोड़ने वाला रास्ता आज भी ईंटों से बना है। जो टूटा हुआ है। गांव के भीतरी रास्ते इतने खराब हैं कि बच्चे स्कूल जाने में असमर्थ हैं। श्मशान घाट की दीवार गिरी हुई हैं। 

पांच वर्षों से कोई विधायक गांवों में नहीं पहुंचा
पिछले पांच वर्षों से कोई विधायक, सांसद और मंत्री इन गांवों की सुध नहीं लेने आया है। गांव के कई बुजुर्ग खराब रास्तों की वजह से गिरकर घायल हो चुके हैं। दूसरे गांवों की तरह पूरे गांव में सीवर, पानी की पाइप लाइन नहीं हैं। गांव में लगी ज्यादातर स्ट्रीट लाइट खराब पड़ी हुई हैं। इन सभी मुद्दों पर सरकार को ग्रामीणों ने कई बार बात की लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हुई।

ग्रामीण सुंदर का कहना है कि युवा चुनाव बहिष्कार के लिए एकजुट हो रहे हैं। क्योकि गांव में कई वर्षों से कोई विकास कार्य नहीं हुआ है। चुनाव से पूर्व सरकार को स्पष्टीकरण देना चाहिए कि विकास कार्य क्यों नही किये गए हैं? हम किस आधार पर वोट करे?

ग्रामीण योगेश का कहना है कि हमारा गांव दूसरे गांवों के मुकाबले काफी पिछड़ा हुआ दिखाई दे रहा है। पड़ोसी गांवों की तर्ज पर विकास होना चाहिए। अन्यथा हमें चुनाव बहिष्कार करना होगा। ग्राम खेड़ी के सतेंद्र का कहना है कि गांव में विकास नहीं हुआ है। सरकार की अनदेखी से ग्रामीणों में इस चुनाव को लेकर उत्साह नहीं है।

फ्लैट बायर्स और किसान भी कर रहे हैं चुनाव का विरोध
गौतमबुद्ध नगर में फ्लैट बायर्स और किसान भी चुनाव का विरोध कर रहे हैं। बायर्स ने नारा दिया है, नो होम नो वोट। अपनी जमीनों का मुआवजा मांग रहे किसान भी चुनाव का विरोध कर रहे हैं।