जूस नहीं फल के रूप में इस्तेमाल करें संतरा, जूस से हृदय को खतरा  

Tricity Today Reporter, Delhi

संतरा विटामिन-सी और जिंक का बेहतरीन स्रोत है। इसके सेवन से बीमारियों से लड़ने की क्षमता तो बढ़ती ही है, साथ ही त्वचा की रंगत में भी निखार आता है। मोटापा घटाने और पाचन तंत्र दुरुस्त रखने में भी यह खासा असरदार माना जाता है। हालांकि ‘अमेरिकन हार्ट असोसिएशन जर्नल’ में हाल ही में छपे एक अध्ययन की मानें तो संतरे का जूस माइग्रेन और हृदयरोगों का कारण बन सकता है। दरअसल, जूस निकालते वक्त संतरे से ‘सिनफेरिन’ नाम के एक रसायन का स्त्राव होता है जो नसों को सकरा बनाकर उनमें खून का प्रवाह बाधित करता है। इससे हृदय और मस्तिष्क की कोशिकाओं को पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन न मिलने के कारण हार्ट अटैक व स्ट्रोक का दौरा पड़ने का खतरा बढ़ जाता है।

2014 में ब्रिटेन में हुए एक अध्ययन में ‘सिनफेरिन’ को माइग्रेन का दर्द उभारने के लिए भी जिम्मेदार ठहराया जा चुका है। शोधकर्ताओं ने लोगों को संतरे का सेवन जूस के बजाय फल के रूप में करने की हिदायत दी। उनके मुताबिक इससे शरीर में विटामिन-सी और जिंक के अलावा फाइबर की आपूर्ति भी होती है, जो हाजमे के साथ-साथ वजन भी नियंत्रित रखता है।

संबंधित खबरें