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50 से ज्यादा लड़कियां बेचने वाले पकड़े गए, करवाते थे सारे नाजायज काम

Tricity Today Correspondent/Greater Noida


ग्रेटर नोएडा पुलिस ने एक ऐसे गिरोह को पकड़ा है जो अब तक 50 से ज्यादा लड़कियां बेच चुका है। एक सप्ताह पहले इस गिरोह ने ग्रेटर नोएडा से तीन सगी बहनों का अपहरण कर लिया था। तीनों लड़कियों को 13 लाख रुपये में राजस्थान के दूसरे गिरोह को बेच दिया गया था। लड़कियों को राजस्थान पहुंचाने निकले गिरोह को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। रैकेट नेपाल, बंगाल, बिहार, राजस्थान और हरियाणा तक फैला है।

 

 

ग्रेटर नोएडा की एसपी सुजाता सिंह ने प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि शहर के सेक्टर ओमीक्राॅन तीन में रहने वाले एक व्यक्ति की तीन बेटियों का 19 जनवरी को अपहरण कर लिया गया था। उसने पड़ोस में रहने वाले लोगों पर शक जाहिर किया था। जांच के दौरान पता चला कि ये लोग तो पेशेवर मानव तस्कर हैं। पिछले पांच वर्षों से यह गिरोह देश के कई राज्यों के अलावा पड़ोसी देश नेपाल में सक्रिय है। बुधवार की रात पुलिस को पता लगा कि गिरोह ग्रेटर नोएडा से अपहृत तीनों बहनों को राजस्थान लेकर जा रहा है। यमुना एक्सप्रेस वे पर पुलिस ने दो गाड़ियों से पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया। इनके कब्जे से तीनों लड़कियों को सकुशल बरामद किया गया है।

 

13 लाख रुपये में तीनों बहनों को बेचा गया
तीनों बहनों का सौदा 13 लाख रुपये में हुआ था। सबसे छोटी बहन का पांच लाख रुपये में दोनों बड़ी बहनों का सौदा चार-चार लाख रुपये में हुआ था। पकड़े गए आरोपियों की पहचान अरविंद उर्फ शाह जी, योगेश, मनोज, गणेश और महिला कमलेश उर्फ कल्लो के रूप में हुई है। अरविंद की पत्नी कमलेश और दामाद योगेश भी इस गोरखधंधे में हैं। तीनों लोनी, गाजियाबाद के रहने वाले हैं। जबकि मनोज महेंद्रगढ़ (हरियाणा) और गणेश अलवर (राजस्थान) का रहने वाला है। आरोपियों के पास से एक इनोवा और एक स्काॅर्पियो गाड़ी बरामद की गई हैं।

 

एनजीओ संचालक बनकर कर रहे थे सारा गोरखधंधा
ये लोग अलग-अलग शहरों में किराए पर मकान लेकर रहते थे। आस-पास रहने वाले गरीब परिवारों में पहुंच बनाते थे। बताते थे कि वे एनजीओ चलाते हैं। उनकी लड़की को पढ़ाएंगे और काबिल बना देंगे। लड़की मिलने के बाद कुछ दिन अपने पास रखते थे। फिर उसका सौदा करते थे। लड़की को पता नहीं चलता था कि उसके साथ क्या हो रहा है। लड़की को बताया जाता था कि अगर उसको जगह पसंद नहीं आए तो खाने में नींद की गोलियां मिलाकर भाग आना। आरोपी लड़की को नशे की गोली का पैकेट देकर भेजते थे।

 

जिस्म फरोशी करवाता था गिरोह
इन लोगों ने पुलिस को पूछताछ में बताया कि कुछ दिन पहले एक लड़की बेची थी। वह भागकर वापस आ गई थी। उसे दूसरी जगह दोबारा बेच दिया। लड़की से कहा जाता था कि तुम्हें अच्छे जीवन के लिए एक परिवार को सौंपा जा रहा है। लेकिन जब लड़की की शादी हो जाती थी या उससे जिस्म फरोशी का धंधा करवाया जाता, तब उसे सच्चाई का पता चलता था।