वन स्टॉप सेंटर महिलाओं के लिए बना वरदान, 6 महीनों में 452 को मिली मदद

गुरुग्राम : वन स्टॉप सेंटर महिलाओं के लिए बना वरदान, 6 महीनों में 452 को मिली मदद

वन स्टॉप सेंटर महिलाओं के लिए बना वरदान, 6 महीनों में 452 को मिली मदद

Tricity Today | One Stop Center

वन स्टॉप सेंटर महिलाओं के लिए बना वरदान, 6 महीनों में 452 को मिली मदद Gurugram : गुरूग्राम के सिविल लाइन्स में स्थापित किया गया वन स्टॉप क्राइसिस सैंटर घरेलू हिंसा और दुष्कर्म की शिकार महिलाओं के लिए वरदान साबित हो रहा है। पीड़ित महिलाओं की मदद करने के उद्देश्य से स्थापित किए गए इस सैंटर को लेकर महिलाओं में जागरूकता दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है, इस बात का अंदाजा यहां से लगाया जा सकता है कि जनवरी माह से लेकर अब तक वन स्टॉप सेंटर के माध्यम से 452 महिलाओं ने इस सैंटर में दी जा रही सुविधाओं का लाभ उठाया।

हाल ही में सामने आए मामले में केन्द्र द्वारा एक पीड़ित महिला की मदद की गई। महिला हैल्पलाइन नंबर पर प्राप्त हुई शिकायत उपरांत सैंटर में कार्यरत स्टॉफ द्वारा महिला से संपर्क किया गया। शिकायत में पीड़ित महिला ने बताया कि वह झारखंड की रहने वाली है और यहां एजेंट द्वारा नौकरी का झांसा देकर लाई गई थी। हैल्पलाइन नंबर पर शिकायत प्राप्त होने उपरांत महिला को वन स्टॉप सेंटर लाया गया। महिला ने बताया कि वह झारखंड की रहने वाली है और यहां किसी एजेंट द्वारा नौकरी का झांसा देकर लाई गई। यहां पर कई दिनों तक भटकने के बाद उसने सेक्टर-53 स्थित महिला थाना में संपर्क किया। 

इस तरह की मदद
वन स्टॉप सेंटर की संचालिका पिंकी और पुलिसकर्मियों की मदद से महिला के घरवालों से संपर्क किया गया और उन्हें महिला के बारे में जानकारी दी गई। महिला ने सेंटर संचालिका से यहीं नौकरी करने की इच्छा जाहिर की जिसके बाद एनजीओ और कंपनी आदि की मदद से महिला को फरीदाबाद में उसकी इच्छानुसार नौकरी दिलवाई गई। इस प्रकार वन स्टॉप सेंटर के माध्यम से महिला की मदद करते हुए उसकी आजीविका के साधन जुटाने में मदद की गई।

सेंटर पर इन की करी गई तैनाती 
जिला उपायुक्त निशांत कुमार यादव ने बताया कि घरेलू हिंसा और दुष्कर्म की शिकार महिलाओं को आर्थिक, सामाजिक व मानसिक तौर पर सशक्त बनाने व उनकी मदद के लिए ये सैंटर प्रत्येक जिले में खोेले गए हैं। यहां महिलाओं को स्वास्थ्य, वैधानिक, पुनर्वास और कामकाज के साथ ही उनकी काउंसलिंग करते हुए उन्हें मानसिक तौर पर सशक्त बनाने का प्रयास किया जाता है। सेंटर में केन्द्र व्यवस्थापक सहित एक पुलिस अधिकारी, पैरामैडिकल स्टाफ, आईटी प्रोफेशनल, मनोचिकित्सक और सिक्योरिटी गार्ड तैनात किया गया  है। 

सेंटर पर महिलाओं पर होने वाले इन अपरधो की शिकायत दर्ज की जाती
इस सेंटर पर बलात्कार समेत घरेलू हिंसा की शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। उन्होंने बताया कि घरेलू हिंसा के अंतर्गत मारपीट, लड़कियों को शिक्षा से निवारित करना, रेप अपराध, लैंगिक उत्पीडन, भावनात्मक उत्पीडन, बाल विवाह, महिला तस्करी, दहेज उत्पीड़न, एसिड अटैक, साइबर क्राइम, लावारिस महिलाएं व बच्चे, अपहरण और महिलाओं से संबंधित अन्य अपराध शामिल है।

वन स्टाप क्राइसिस सेंटर में दी जा रही ये सुविधाएं
महिला व बाल विकास विभाग गुरुग्राम की कार्यक्रम अधिकारी नेहा दहिया ने बताया कि वन स्टाप क्राइसिस सेंटर में कानूनी सहायता, चिकित्सा सुविधा, रहने के लिए अल्प आवास की सुविधा दी जाती है। इस सैंटर में पीड़ित महिलाओं को निःशुल्क कानूनी सहायता, स्वास्थ्य सुविधा, पुलिस से संबंधित मदद उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से की गई है। इसके अलावा, केन्द्र के माध्यम से पांच दिन रूकने वाली महिला को सभी मूलभूत सुविधा दी जाती है।

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