टाटा ग्रुप ने एयर इंडिया के लिए लगाई बोली, एआई पर कर्ज बढ़कर 43 हजार करोड़ हुआ, पूरी जानकारी

बड़ी खबर: टाटा ग्रुप ने एयर इंडिया के लिए लगाई बोली, एआई पर कर्ज बढ़कर 43 हजार करोड़ हुआ, पूरी जानकारी

टाटा ग्रुप ने एयर इंडिया के लिए लगाई बोली, एआई पर कर्ज बढ़कर 43 हजार करोड़ हुआ, पूरी जानकारी

Google Image | एयर इंडिया

टाटा ग्रुप ने एयर इंडिया के लिए लगाई बोली, एआई पर कर्ज बढ़कर 43 हजार करोड़ हुआ, पूरी जानकारी New Delhi: टाटा समूह ने बुधवार, 15 सितंबर को कर्ज में डूबी राष्ट्रीय एयरलाइन एयर इंडिया (एआई) के लिए अपनी वित्तीय बोली लगा दी है। इसके साथ ही एयर इंडिया को प्राइवेट कंपनियों को सौंपने की प्रक्रिया तेज हो गई है। हालांकि टाटा को इसकी खरीद में सबसे प्रबल माना जा रहा है। सरकार ने कहा है कि एयर इंडिया के विनिवेश के लिए फाइनेंशिय बिड मिल गई हैं। इस राष्ट्रीय एयरलाइन को निजी कंपनियों को बेचने की प्रक्रिया अब अंतिम चरण में है। दरअसल 15 सितंबर बिड के लिए अंतिम तिथि निर्धारित की गई है। आज के बाद बोली का अवसर नहीं दिया जाएगा।

निवेश और सार्वजनिक संपत्ति प्रबंधन विभाग (DIPAM) के सचिव ने ट्वीट करते हुए जानकारी दी। उन्होंने कहा, "ट्रांजैक्शन एडवाइजर से एयर इंडिया के विनिवेश के लिए फाइनेंशियल बिड मिल चुकी हैं। प्रक्रिया अब अंतिम चरण में है।" इससे पहले आज सरकार ने कर्ज में डूबे एयर इंडिया के लिए बिड की प्रक्रिया शुरू की है। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने स्पष्ट किया कि प्रक्रिया के लिए 15 सितंबर की तारीख तय है और इसमें कोई बदलाव नहीं होगा। साल 2018 में एयर इंडिया में 76 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ इसे बेचने के लिए सरकार ने प्रयास किया था। मगर किसी कंपनी ने इसमें रुचि नहीं दिखाई थी। इसमें विफल रहने के बाद अब केंद्र सरकार कम से कम दो खरीदारों के साथ 15 सितंबर तक बिड की प्रक्रिया पूरी कर इसे बेचने की तैयारी में है। 

43000 करोड़ का कर्ज है
बताते चलें कि एयर इंडिया पर लगभग 43,000 करोड़ रुपये का भारी कर्ज है। इसकी बिक्री के बाद मिली रकम से 22,000 करोड़ रुपये एयर इंडिया एसेट होल्डिंग लिमिटेड (AIAHL) को हस्तांतरित कर दिए जाएंगे। सूत्रों ने कहा, "एयरलाइन का कर्ज अब बढ़कर 43,000 करोड़ रुपये हो गया है और ये सभी कर्ज सरकारी गारंटी के तहत हैं। एयरलाइन को नए मालिकों को हस्तांतरित करने से पहले सरकार इस कर्ज को वहन करेगी।" हालांकि सरकार ने एयर इंडिया की बिक्री की संभावना से जुड़ी कोई जानकारी देने से इनकार कर दिया।

100 फीसदी हिस्सेदारी बेचेगी सरकार
केंद्र एयरलाइन और इसकी कम लागत वाली सहायक एयर इंडिया एक्सप्रेस में 100 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने की योजना बना रहा है। साथ ही सरकार ग्राउंड हैंडलिंग कंपनी एयर इंडिया एसएटीएस एयरपोर्ट सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड (एआईएसएटीएस) में 50 फीसदी हिस्सेदारी बेचेगी। मुंबई में एयर इंडिया की इमारत, दिल्ली में एयरलाइंस हाउस सहित अन्य संपत्तियां भी सौदे का हिस्सा होंगी।

900 पार्किंग स्लॉट पर नियंत्रण है
दिल्ली में कनॉट प्लेस में चार एकड़ जमीन और दिल्ली, मुंबई और अन्य शहरों में एआई कर्मचारियों और अन्य उपयोग के लिए विभिन्न हाउसिंग सोसाइटी बनी हुई हैं। एयर इंडिया की सहायक कंपनियां जैसे एयर इंडिया इंजीनियरिंग सर्विसेज लिमिटेड (एआईईएसएल) और एयर इंडिया एयर ट्रांसपोर्ट सर्विसेज लिमिटेड (एआईटीएसएल) भी एआईएएचएल का हिस्सा होंगी। वर्तमान में, एयर इंडिया का 4,400 घरेलू, 1,800 अंतरराष्ट्रीय लैंडिंग के साथ-साथ देश-विदेश में 900 पार्किंग स्लॉट पर नियंत्रण है।

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