फरीदाबाद में रखा क्रेडिट कार्ड और मुंबई में कट गए पैसे, जानिए पूरा मामला

Cyber Crime : फरीदाबाद में रखा क्रेडिट कार्ड और मुंबई में कट गए पैसे, जानिए पूरा मामला

फरीदाबाद में रखा क्रेडिट कार्ड और मुंबई में कट गए पैसे, जानिए पूरा मामला

Google Image | Symbolic Image

फरीदाबाद में रखा क्रेडिट कार्ड और मुंबई में कट गए पैसे, जानिए पूरा मामला Faridabad :  दिल्ली एनसीआर में साइबर क्राइम की बढ़ रही घटनाओं से आम जनता काफी परेशान है। बीते दिनों एक अजीबोगरीब सारे क्राइम की घटना सामने आ रही है। फरीदाबाद में रखें एक क्रेडिट कार्ड से साइबर ठगों ने मुंबई में उसका इस्तेमाल कर लिया। वह लगातार उस क्रेडिट कार्ड से पैसे निकलवाते रहे और उसका बिल क्रेडिट कार्ड के असली मालिक पर आता रहा। मालिक ने इस बात की सूचना कई बार बैंक में दी, लेकिन उसका कोई समाधान नहीं निकाला गया।

मुंबई में किया कार्ड का इस्तेमाल
साइबर ठगों ने ग्रेटर फरीदाबाद में रखे एक क्रेडिट कार्ड से मुंबई में पेट्रोल डलवा लिया। पीड़ित के मोबाइल पर संदेश आने के बाद हैरानी हुई क्योंकि कार्ड उसकी जेब में ही था। पीड़ित ने मामले की शिकायत अपने बैंक में दी। पीड़ित व्यक्ति का आरोप है कि इस बात की सूचना मिलने के बाद भी कार्रवाई करने के बजाय बैंक ने राशि में ब्याज जोड़कर 35 हजार रुपये की राशि कर दी। परेशान होकर पीड़ित ने मामले की शिकायत पुलिस को दी।

पुलिस को दी मामले की सूचना
फरीदाबाद में एसआरएस पर्ल फ्लोर सेक्टर-87 निवासी यशराज का क्रेडिट कार्ड उनके जेब में होने के बावजूद कई बार उनके अकाउंट से पैसे कटने की सूचना मिलती रही। उन्होंने इस बात की जानकारी बैंक में दी, लेकिन बैंक ने कोई कदम नहीं उठाया। यशराज ने इसकी सूचना पुलिस में दी। पुलिस को दी शिकायत में उन्होंने बताया कि 22 दिसंबर 2018 को उन्होंने सेक्टर-14 बाईपास रोड स्थित पेट्रोल पंप से गाड़ी में पेट्रोल डलवाया था, जिसके भुगतान के लिए उन्होंने अपना क्रेडिट कार्ड दिया। कर्मचारी उनके कार्ड को लेकर कमरे में गया और 1500 रुपये की स्लिप थमा दी। 

बैंक ने नहीं की कोई कार्रवाई
यशराज ने बताया कि तीन जनवरी 2019 को उनके मोबाइल पर संदेश आया कि उनके कार्ड से मुंबई के एक पेट्रोल पंप 5070.87 रुपये का पेट्रोल डलवाया गया है। जबकि, कार्ड उसके पास ही था। इसके बाद उनके पास अलग-अलग नंबर से भुगतान के फोन आने शुरू हो गए। हर महीने अलग-अलग नंबर से लोग बैंक से रिकवरी के लिए घर पर आकर भुगतान करने की धमकी देने लगे। बार-बार बैंक को बताने पर भी समस्या का समाधान करने के बजाय, बैंक बकाया राशि पर जुर्माना लगाता रहा। अब राशि बढ़कर 35 हजार के करीब हो गई है। भुगतान ना होने से बैंक ने उनका सिविल स्कोर भी खराब कर दिया। उन्होंने इस बारे में दो बार सीएम विंडो पर भी शिकायत की थी।

अन्य खबरे