किसानों का नए अंदाज में किया विरोध, मांगें पूरी नहीं होने पर कब्र में लेटकर पढ़ी किताब

गाजियाबाद : किसानों का नए अंदाज में किया विरोध, मांगें पूरी नहीं होने पर कब्र में लेटकर पढ़ी किताब

किसानों का नए अंदाज में किया विरोध, मांगें पूरी नहीं होने पर कब्र में लेटकर पढ़ी किताब

Tricity Today | किसानों का नए अंदाज में किया विरोध

किसानों का नए अंदाज में किया विरोध, मांगें पूरी नहीं होने पर कब्र में लेटकर पढ़ी किताब Ghaziabad : लोनी की मंडोला विहार योजना से अधिग्रहित भूमि का पर्याप्त मुआवजा न मिलने से नाराज 16 किसानों ने जीवित समाधि ले ली। मांग पूरी होने तक उन्होंने समाधि स्थल को नहीं छोड़ने का ऐलान किया है। 22 वर्ष से लेकर 72 वर्ष आयु तक के किसानों ने अपनी तरह का यह अनूठा विरोध शुरू किया है। एहतियात के तौर पर मौके पर पुलिस बल की तैनाती की गई है। किसानों ने कब्र में लेटकर किताबें पढ़ी है।

आंदोलनकारी किसानों के साथ कुछ दिन पहले प्रशासनिक अधिकारियों ने वार्ता की थी। इसके बावजूद समस्या का ठोस समाधान नहीं निकल पाया है। मंडोला विहार योजना के प्रभावित किसानों ने मांगे पूरी नही होने पर जिंदा समाधि लेने की चेतावनी दी थी। इस घोषणा के बाद से ही प्रशासनिक अधिकारियों के बीच हड़कंप मचा हुआ है। जिसके चलते उप जिला अधिकारी लोनी शुभांगी शुक्ला, पुलिस क्षेत्राधिकारी अतुल कुमार सोनकर और आवास विकास परिषद के अधीक्षण अभियंता ने सोमवार के दिन किसानों के बीच पहुंचकर उनके द्वारा आमरण अनशन के साथ समाधि में बैठने के निर्णय को स्थगित करने का प्रयास किया था लेकिन उनकी वार्ता का कोई हल नहीं निकला। 

किसान नेता मनवीर तेवतिया ने उपजिलाधिकारी से कहा था कि वार्ता के लिए आज का ही समय प्रशासनिक अधिकारियों के पास है, समाधान करा सकते हैं तो करा दे। इस पर उपजिला अधिकारी ने आनन-फानन में एडीएम प्रशासन ऋतु सुहास के साथ किसान प्रतिनिधियों की वार्ता कराई गई थी। जिसके बाद मोहननगर पुलिस चौकी पर वार्ता बुलाई गई। मगर इसके बावजूद कोई संतोषजनक समाधान नही हो सका था। इसके बाद योजना से प्रभावित किसानों ने अपने निर्णय पर अटल रहते हुए अपनी पूर्व घोषणानुसार बुधवार को जिंदा समाधि लेने की बात कही थी।  उचित मुआवजे की मांग को लेकर मंडोला समय 6 गांव के किसान पिछले साढे 4 साल से धरने पर बैठे थे। 

किसानों का आरोप है जी प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा उनकी बात को शासन स्तर तक नहीं पहुंचाया गया जिससे उनकी समस्या का हल नहीं हो सका गुस्साए किसानों ने उस समय पूर्व जिंदा समाधि लेने का निर्णय लिया था। जिसके लिए किसानों ने 16 गड्ढे भी कर लिए थे। पूर्व निर्धारित योजना के तहत बुधवार सुबह करीब 9 बजे किसान धरना स्थल पर पहुंचे। जिनका सुबह लगभग 10 से समाधि लेने का क्रम लगातार जारी है। 16 किसानों ने समाधि ली है। आवास विकास परिषद ने लोनी इलाके में मंडोला, नानू, पंचलोक (मकसूदाबाद बामला) लुतफुल्लापुर नवादा, अगरोला, मिलक बामला यानी 6 गांवों की 2614 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया था। पिछले 5 सालों से कई बार शासन प्रशासन के अधिकारियों से इस बारे में वार्ता भी हो चुकी है।

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