गाजियाबादः हजारों पथ-विक्रेताओं के लिए बड़ी खबर, पूंजी के लिए नहीं होंगे परेशान, जिलाधिकारी ने दिलाया भरोसा

हजारों पथ-विक्रेताओं के लिए बड़ी खबर, पूंजी के लिए नहीं होंगे परेशान, जिलाधिकारी ने दिलाया भरोसा

Google Image | DM Ghaziabad Dr Ajay Shankar Pandey

  • योजना में पारदर्शिता और प्रभावी कार्यप्रणाली के लिए बैंक ग्रुपों पर हुई मजिस्ट्रेट की तैनाती
भारत सरकार ने सड़कों के किनारे पथ-विक्रेताओं को नई सौगात देने जा रही है। इन सभी के लिए पीएम स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि (पीएम स्वनिधि) योजना लाई गई है। यह योजना वित्त पोषित केंद्रीय क्षेत्र से जुड़ी है। अब पात्र पथ विक्रेता 10 हजार की धनराशि की कार्यशील पूंजी ब्याज अनुदान आधारित आसान ऋण पर प्राप्त कर सकेंगे। यह नियमित धन वापसी आधारित है। इससे डिजीटल लेन-देन को भी बढ़ावा मिलेगा। जनपद स्तर पर इस योजना का क्रियान्वयन नगर निगम स्थित डूडा कार्यालय कर रहा है।

गाजियाबाद के जिलाधिकारी अजय शंकर पांडेय ने सोमवार को आत्मनिर्भर निधि (पीएम स्वनिधि) योजना की समीक्षा की। इसके बाद उन्होंने इस योजना के महत्वपूर्ण बिंदुओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह योजना जनपद गाजियाबाद की समस्त नगर पालिकाओं एवं नगर पंचायतों में संचालित की जाएगी। इसके तहत शहरी पथ विक्रेता एक वर्ष की अवधि के लिए 10 हजार रुपए तक की कार्यकारी पूंजी ऋण प्राप्त कर सकेंगे।

नहीं देना होगा आय का कोई पेपर 
यह सभी ऋण वापसी मासिक किश्तों में करने के पात्र होंगे। इस ऋण के लिए कोई दस्तावेज नहीं लिया जाएगा। समय पर या जल्दी ऋण वापसी करने वाले विक्रेताओं की ऋण लिमिट बढ़ा दी जाएगी। इस योजना के अंतर्गत ऋण लेने वाले विक्रेता 7 प्रतिशत की दर पर ब्याज सब्सिडी के पात्र होंगे। समीक्षा के दौरान परियोजना अधिकारी (डूडा) ने बताया कि बैंकर्स ऑनलाइन आवेदन मिलने के बाद भी ऋण स्वीकृत/वितरण नहीं कर रहे हैं। 

बैकों को लगाई फटकार
बैंक इस योजना में अपेक्षित सहयोग नहीं दे रहे हैं। इस पर जिलाधिकारी ने कड़ा रूख अपना कर योजना से जुड़े बैंकों का ग्रुप बनाकर हर ग्रुप पर एक-एक मजिस्ट्रेट की तैनाती किए जाने का निर्णय लिया है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि नामित मजिस्ट्रेट अपने-अपने बैंकों में ऑनलाइन आवेदन मिलने के बाद ऋण स्वीकृत/वितरण की कार्रवाई समय से सुनिश्चित कराएंगे। 

अपर जिलाधिकारी करेंगे कार्रवाई
इस अवसर पर जिलाधिकारी ने कहा कि सरकार की इस योजना में जनपद स्तर पर यदि कोई विभाग या संस्थान लापरवाही और शिथिलता बरतेगा, तो संबंधित के विरूद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। उक्त समुचित कार्रवाई के लिए अपर जिलाधिकारी (भू.अ.) को निर्देश दिए गए हैं। वह इसकी निगरानी करते रहेंगे।

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