आखिर ऐसा क्या हुआ, जो रिटायर्ड इंजीनियर ने गंदे नाले में खड़े होकर प्रशासन से मांगी इच्छा मृत्यु, जानिए पूरा मामला

Ghaziabad : आखिर ऐसा क्या हुआ, जो रिटायर्ड इंजीनियर ने गंदे नाले में खड़े होकर प्रशासन से मांगी इच्छा मृत्यु, जानिए पूरा मामला

आखिर ऐसा क्या हुआ, जो रिटायर्ड इंजीनियर ने गंदे नाले में खड़े होकर प्रशासन से मांगी इच्छा मृत्यु, जानिए पूरा मामला

Google Image | बृज विहार कॉलोनी का गन्दा नाला

आखिर ऐसा क्या हुआ, जो रिटायर्ड इंजीनियर ने गंदे नाले में खड़े होकर प्रशासन से मांगी इच्छा मृत्यु, जानिए पूरा मामला Ghaziabad : गाजियाबाद के बृज विहार कॉलोनी के गंदे नाले की समस्या को लेकर सोसाइटी के लोग लंबे अरसे से परेशान हैं। इसी परेशानी से तंग आकर रविवार की सुबह बृज विहार कॉलोनी के एक रिटायर्ड इंजीनियर ने गंदे नाले में उतरकर प्रशासन से इच्छा मृत्यु की मांग की। सोसाइटी और आसपास रहने वाले लोगों ने भी रिटायर्ड इंजीनियर के इस कदम का सहयोग किया और शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन किया। 

गंदे नाले में उतरे रिटायर्ड इंजीनियर
गाजियाबाद के बृज विहार कॉलोनी के गंदे नाले की समस्या से सोसाइटी के लोग काफी परेशान हैं। गंदे नाले की समस्या को लेकर वहां के लोगों ने कई बार प्रशासन से इसकी शिकायत भी की है। रविवार की सुबह बृज विहार कॉलोनी के रिटायर्ड इंजीनियर ने गंदे नाले से तंग आकर यह कदम उठाया। रिटायर्ड इंजीनियर ने गंदे नाले में उतर कर प्रशासन से इच्छा मृत्यु की मांग की। आसपास के लोगों ने भी उनके इस कदम का सहयोग किया।

प्रशासन से की शिकायत
सोसायटी के रिटायर्ड इंजीनियर हेमंत भारद्वाज ने प्रशासन से शिकायत करते हुए कहा कि वह नाले की सफाई को लेकर लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं और जब तक उनकी समस्या का समाधान नहीं हो जाता तब तक वह निगम के खिलाफ प्रदर्शन करते रहेंगे। हेमंत भारद्वाज का कहना है कि बृज विहार पुलिया के पास से सूर्यनगर और बृज विहार की पानी की पाइप लाइन होकर गुजरती है। यह पानी की पाइप लाइन जगह–जगह से लीक हो रही है, जिसकी वजह से रामप्रस्थ, सूर्यनगर, रामपुरी, चंद्रनगर, डेल्टी कॉलोनी और बृज विहार में गंदे पानी की सप्लाई हो रही है। हालत इतनी खराब है कि रोजाना के काम के लिए भी लोग बाहर से पानी खरीद कर अपना काम चला रहे हैं।

3 महीने से आ रहा गंदा पानी
बृज विहार के निवासी एस के आनंद ने बताया कि उनके घर में पिछले 3 महीने से गंदा पानी आ रहा है। उन्होंने इसकी शिकायत संबंधित अधिकारियों से की तो पानी ठिक आने लगा। फिर उसके चार-पांच दिन बाद हालत वैसी ही हो गई। ऐसा इसलिए है क्योंकि नाले से ही पानी की पाइप लाइन आ रही है। ऐसे में पाइपलाइन को नाले से शिफ्ट किया जाए और नई पाइपलाइन डाली जाए तो शायद हालत में सुधार आ सकता है।

5 वर्ष की छोटी बच्ची भी परेशान
रविवार की सुबह कॉलोनी के रिटायर्ड इंजीनियर द्वारा उठाए गए इस कदम का आसपास के लोगों ने सहयोग किया और प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन भी किया। 18 सितंबर की सुबह हुए इस प्रदर्शन में एक 5 साल की बच्ची सारा चक्रवर्ती भी शामिल हुई। सारा के हाथ में एक पोस्टर था जिसमें लिखा हुआ था "सूर्य नगर में साफ पानी चाहिए, नाले का नहीं" बच्ची से पूछे जाने के बाद उसने बताया कि जब वह अपने हाथ धोने के लिए टोंटी खोलती है तो उसमें से गंदा पानी निकलता है जिसकी वजह से उसे काफी परेशानी होती है।

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