क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़वाने वालों ने 500 लोगों को लगाया लाखों का चूना, तरीका जान दंग रह जाओगे 

गाजियाबाद : क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़वाने वालों ने 500 लोगों को लगाया लाखों का चूना, तरीका जान दंग रह जाओगे 

क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़वाने वालों ने 500 लोगों को लगाया लाखों का चूना, तरीका जान दंग रह जाओगे 

Tricity Today | गिरफ्तार आरोपी

क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़वाने वालों ने 500 लोगों को लगाया लाखों का चूना, तरीका जान दंग रह जाओगे  Ghaziabad News : क्रेडिट कार्ड बनाने और लिमिट बढ़ाने के नाम पर ऑनलाइन ठगी करने वाले 4 बदमाशों को गाजियाबाद पुलिस ने गिरफ्तार किया हैं। पकड़े गए आरोपी इंटरनेट कॉल करके और मैसेज के द्वारा लिंक भेज कर फर्जी ऐप डाउनलोड कराकर क्रेडिट कार्ड से पैसा अपने फर्जी वॉलेट और बैंक अंकाउट में ट्रांसफर कर लेते थे। गिरोह का सरगना समेत 4 आरोपी फरार है। पकड़े गए आरोपी अभी तक 500 से ज्यादा वारदातों को अंजाम दे चुके है। पुलिस इसका अपराधिक इतिहास खंगाला रही है।

पुलिस ने 4 लोगों को गिरफ्तार किया

सपी सिटी द्वितीय ज्ञानेंद्र सिंह ने बताया कि साहिबाबाद थाना पुलिस ने मोहन नगर चौराहा से दिव्यांशू ठाकुर, सनी कश्यप, अंकित यादव और निशांत माथुर को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से 26 मोबाइल, दो लैपटाप, 102 सिम, तीन पासबुक, 7 एटीएम कार्ड, तीन पैन कार्ड, पांच आधार कार्ड, एप्पल आइपाड और मतदाता पहचान पत्र बरामद हुआ है। 

एप डाउनलोड कराकर 29,700 रुपए ठगे
एसपी सिटी द्वितीय ने बताया साहिबाबाद के नीरज शर्मा को 10 नवंबर को ठगों ने इंटरनेट काल करके क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने का झांसा दिया। एप डाउनलोड कराकर क्रेडिट कार्ड से 29,700 रुपए की ऑनलाइन ठगी की थी। मामले की साइबर सेल ने ट्रांजेक्शन के आधार पर जांच शुरू की। पता चला कि ठगों ने ऑनलाइन शापिंग की है। उसके आधार पर चार ठगों को गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में पता चला कि चारों आरोपियों के गिरोह का सरगना आनंद और वसीम के साथ मिलकर ठगी करते थे। आनंद और वसीम की तलाश की जा रही है।

क्रेडिट कार्ड कंपनी में काम करता था आरोपी
सीओ साहिबाबाद अभिजीत आर शंकर ने बताया कि आरोपी दिव्यांशु ठाकुर एमबीए पास है। वह पूर्व में क्रेडिट कार्ड कंपनी में प्रबंधक था। वह क्रेडिट कार्ड धारकों का विवरण ठगों को बेचता था। कुछ दिन पहले नौकरी छोड़कर आनंद के साथ मिलकर जनकपुरी में खुद का कार्यालय खोल लिया। आनंद को फर्जी सिम, इंटरनेट कालिंग और एप से ठगी करने का तरीका बताता था। ठगी के रकम का 50 फीसद हिस्सा उसे मिलता था। बीएससी पास इब्राइमपुर बिंद नालंदा, बिहार का सनी कश्यप कार्यालय में टीम लीडर के रूप में काम करता था। वह कार्यालय की देखरेख, फर्जी वालेट अकाउंट और फर्जी बैंक खातों की व्यवस्था करता था। 

15 हजार के सैकड़ों को ठगा
12वीं पास कंगरौल थाना मलावन एटा का अंकित यादव और मोहन गंदा नाला कासगंज का निशांत माथुर लोगों को इंटरनेट कालिंग करता था। उन्हें 15 हजार रुपए प्रति माह वेतन मिलता था। उन्होंने बताया कि आरोपितों से पूछताछ की गई है। संभावना है कि ठगों डिजिटल करेंसी में रुपये इनवेस्ट किए हैं। साइबर सेल के नोडल अधिकारी पुलिस उपाधीक्षक अभय कुमार मिश्र ने बताया कि आरोपित बहुत ही शातिर हैं। वह लोगों को जोइपर एप से इंटरनेट काल और टेक्सट मैसेज भेजकर आरबीएल मेक्सिमा एप डाउनलोड कराते थे। उनके क्रेडिट कार्ड का पैसा मर्चेंट वालेट जैसे नोब्रोकर, फ्रीचार्ज, मैजिक ब्रिक्श आदि में ट्रांसफर कर लेते थे। वहां से शापिंग में प्रयोग करते थे। अन्य बैंक खातों में ट्रांसफर कर देते थे। 

70 लाख का लगाया चूना
अब तक की जांच में आया है कि गिरोह ने 500 लोगों से 70 लाख रुपये की ठगी की है। पूरा विवरण जुटाया जा रहा है। साहिबाबाद थाना प्रभारी नागेन्द्र चौबे ने बताया पकड़े गये आरोपियों को आनंद और वसीम ने अधिक पैसे कमवाने का लालच देकर गिरोह में शामिल किया। जनकपुरी में उन्हें किराए पर घर दिया। उसमें चारों आरोपित रहते थे। उसे ही कार्यालय के रूप में भी प्रयोग करते थे।

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