Greater Noida West : बिसरख पुलिस ने 10 निवासियों के खिलाफ जारी नोटिस रद्द किया, श्रीराधा स्काई गार्डेन बिल्डर की शिकायत पर हुई थी कार्रवाई, जानें पूरा प्रकरण

बिसरख पुलिस ने 10 निवासियों के खिलाफ जारी नोटिस रद्द किया, श्रीराधा स्काई गार्डेन बिल्डर की शिकायत पर हुई थी कार्रवाई, जानें पूरा प्रकरण

Tricity Today | श्री राधा स्काई गार्डन सोसाइटी के निवासियों का प्रदर्शन (File Photo)

गौतमबुद्ध नगर की बिसरख पुलिस ने ग्रेटर नोएडा वेस्ट स्थित श्रीराधा स्काई गार्डेन के 10 निवासियों के खिलाफ जारी नोटिस को फिलहाल रद्द कर दिया है। मंगलवार को पुलिस ने सेक्टर -16 स्थित सोसाइटी के इन लोगों के खिलाफ नोटिस जारी किया था। इन सबसे कोतवाली में प्रस्तुत होकर अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया था। निवासियों ने इसकी शिकायत पुलिस कमिश्नर आलोक सिंह से की। इसका संज्ञान लेते हुए उन्होंने सेंट्रल नोएडा के डीसीपी हरीश चंद्र को कारवाई करने के लिए कहा। उनकी पहल पर पुलिस ने जारी नोटिस को रद्द किया।

दरअसल पिछले रविवार को श्रीराधा स्काई गार्डेन के निवासी सोसाइटी में बिल्डर के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे। उनका कहना था कि बिल्डर सुविधाओं के नाम पर मोटी शुल्क वसूल रहा है, मगर सोसाइटी में बुनियादी सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। जरूरी सुविधाओं की मांग को लेकर सैकड़ों लोग इकट्ठा हुए थे। ग्रेटर नोएडा वेस्ट के सेक्टर -16 स्थित श्रीराधा स्काई गार्डेन सोसाइटी के निवासी अक्सर बिल्डर के विरूद्ध प्रदर्शन करते रहे हैं। लेकिन उनकी मांग अब तक पूरी नहीं हुई है। 

बिल्डर ने दी शिकायत
इससे परेशान श्रीराधा स्काई गार्डेन सोसाइटी के डायरेक्टर बिल्डर राम अग्रवाल ने बिसरख कोतवाली में प्रदर्शनकारी लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। इसमें कहा गया कि यह सभी लोग कोरोना महामारी के दिशानिर्देशों का पालन नहीं कर रहे हैं। यह सभी आए दिन इकट्ठा होकर धरना देते रहते हैं। इससे सोसाइटी में कोरोना संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ रहा है। बिसरख पुलिस ने इस मामले पर कार्रवाई करते हुए सोसाइटी के 10 लोगों के खिलाफ नोटिस जारी किया। इन सभी पर सीआरपीसी की धारा - 91 के तहत कार्रवाई की गई। पुलिस ने सभी को कोतवाली पहुंचकर अपना जवाब देने को कहा गया था।
निवासियों ने उठाया मुद्दा
इससे आक्रोशित निवासियों ने सोशल मीडिया पर आवाज उठाई। घर खरीदारों और सामाजिक संस्था नेफोवा ने इसकी शिकायत पुलिस कमिश्नर से की। बुधवार को पुलिस कमिश्नर आलोक सिंह ने मामले का संज्ञान लिया। उनके निर्देश पर फिलहाल जारी नोटिस को रद्द कर दिया गया है। सेंट्रल नोएडा के डीसीपी हरीश चंद्र ने बताया कि निवासियों को जारी नोटिस रद्द कर दिया गया है। इस मामले में पुलिस सोसायटी के लोगों के साथ बैठक करेगी और इसे समझने का प्रयास किया जाएगा। उसके बाद कोई समाधान निकाला जाएगा।

यह है पूरा मामला 
श्रीराधा स्काई गार्डेन के निवासियों का कहना है कि उन्हें तय समय पर घर का पजेशन नहीं मिला था। अब मिला है तो उसमें बेसिक सुविधाओं की भी कमी है। इस संबंध में निवासी कई बार शिकायत कर चुके हैं। मगर कहीं से कोई हल नहीं निकल रहा है। निवासी गौरव पटेल ने इस बारे में बात की। उन्होंने बताया कि सोसाइटी में लगीं लिफ्ट काम नहीं कर रही है। बेसमेंट के सीवेज में पानी जमा हो रहा है। तकरीबन हर घर की पाइप लाइन में लीकेज है। पूरी सोसाइटी में सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे हैं। कार पार्किंग की समुचित व्यवस्था नहीं की गई है। जबकि, खरीदारों ने पूरी रकम एडवांस में जमा की थी। स्विमिंग पूल और क्लबहाउस के लिए अलग से पैसे लिए गए थे। लेकिन हमें ऐसी कोई सुविधा नहीं मिली। 

सोशल मीडिया पर जताई नाराजगी
संस्था नेफोवा के अध्यक्ष अभिषेक कुमार ने इस पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि घर खरीदार अगर शांतिपूर्ण ढंग से बुनियादी सुविधाओं की मांग के लिए प्रदर्शन कर रहे हैं, तो पुलिस की इस तरह की कार्रवाई हैरान करने वाली है। हम न ही रोड ब्लॉक कर रहे हैं, न ही सरकार के खिलाफ कोई अवैधानिक काम कर रहे हैं। बुनियादी सुविधाओं की मांग करना हर नागरिक का अधिकार है। सोशल मीडिया पर लोग मामले को लेकर खूब सक्रिय हैं। निवासियों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, नोएडा पुलिस कमिश्नर आलोक सिंह, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह को ट्वीट में टैग किया है।

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