किराए पर रह रही महिला ने फ्लैट खाली करने से किया इनकार, रिटायर बुजुर्ग दम्पति ने सीढ़ियों पर काटी रात

मकान मालिक-किराएदार विवाद 2.0 : किराए पर रह रही महिला ने फ्लैट खाली करने से किया इनकार, रिटायर बुजुर्ग दम्पति ने सीढ़ियों पर काटी रात

किराए पर रह रही महिला ने फ्लैट खाली करने से किया इनकार, रिटायर बुजुर्ग दम्पति ने सीढ़ियों पर काटी रात

Tricity Today | पीड़ित बुजुर्ग दंपति

किराए पर रह रही महिला ने फ्लैट खाली करने से किया इनकार, रिटायर बुजुर्ग दम्पति ने सीढ़ियों पर काटी रात Greater Noida West : इस साल मार्च में किराया समझौता समाप्त होने के बाद नोएडा एक्सटेंशन में अपने किरायेदार पर अवैध रूप से अपने फ्लैट पर कब्जा करने का आरोप लगाने वाले एक बुजुर्ग दंपति ने शनिवार को अपने अपार्टमेंट के बाहर सीढ़ियों पर विरोध शुरू कर दिया। बुजुर्ग महिला और उनके पति ने शनिवार की रात सीढ़ियों में काटी है। उनके प्रदर्शन का आज दूसरा दिन है। दोनों लोग अपना सामान लेकर सीढ़ियों में बैठे हुए हैं। 

रूम एग्रीमेंट हो चुका है समाप्त
श्रीचंद्र और ललितेश ने कहा कि टेकज़ोन 4 के ऐस एस्पायर सोसाइटी में अपने किरायेदार से छठे मंजिल के फ्लैट को खाली करने के लिए कई बार अनुरोधों कर चुकी है। लेकिन उसके बावजूद किराएदार फ्लैट खाली नहीं कर रही। नवंबर 2017 में एक दंपति ने पहली बार किरायेदार के साथ एक किराए के समझौते पर हस्ताक्षर किया था। अगले साल समझौता समाप्त होने के बाद, इसे नवंबर 2021 तक नवीनीकृत नहीं किया गया था। श्रीचंद्र और ललितेश ने दावा किया कि उन्होंने किरायेदार को मार्च 2022 तक अपना फ्लैट खाली करने के लिए कहा था।
समझौते पर हस्ताक्षर
ललितेश ने कहा “2017 में फ्लैट खरीदने के तुरंत बाद, हमने इसे किराए पर दे दिया। जब 2020 में महामारी आई, तो हम समझौते को नवीनीकृत नहीं कर सके। हम ज्यादातर घर के अंदर ही रहे हैं। लेकिन जब हमने उसे फ्लैट खाली करने को कहा तो उसने समय मांगा। पिछले नवंबर में, हमने उससे फिर से पूछा। लेकिन उसने कहा कि उसे मार्च 2022 तक की जरूरत है। फिर हमने मार्च तक उसके साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किए। इतने महीनों के बाद भी उसने फ्लैट खाली नहीं किया है। वह हमारे कॉल और मैसेज को इग्नोर करती है। इसलिए, हमने सोचा कि हमारे फ्लैट को वापस पाने का एकमात्र तरीका विरोध शुरू करना था।”

महिला के बेटे अपूर्वा सिंगापुर में रहते है
बुजुर्ग महिला के बेटे अपूर्वा सिंगापुर में रहते हैं। उन्होंने ट्राइसिटी से बातचीत करते हुए बताया कि उनकी माता सरकारी कर्मचारी रह चुकी हैं। दोनों ही यूपी सरकार के समाज कल्याण विभाग से सेवानिवृत्त में कार्य किया है। ग्रेटर नोएडा के आसपास उनके काफी रिश्तेदार रहते है। इसलिए उन्होंने ग्रेटर नोएडा वेस्ट में एक फ्लैट खरीदा है। जहां माता-पिता को फ्लैट में सेवानिवृत्त जीवन बिताने का फैसला किया है। 
बुजुर्गों का चल रहा है इलाज
अपूर्वा ने बताया कि कई बार किराएदार को मकान खाली करने का नोटिस भेज चुका हूं। लेकिन उसके बावजूद किराएदार मकान खाली नहीं कर रही है। मजबूरन माता-पिता अपना सारा सामान लेकर फ्लैट के बाहर बैठे हुए हैं। उन्होंने कहा, “मां को एनीमिया, मधुमेह और गठिया है। मेरे पिता को डायबिटिक हैं और उन्हें दिल की समस्या है। एक दुर्घटना के कारण उनके दाहिना हाथ में दिक्कत है।

किराएदार का बयान
किराए पर रह रही महिला ने कहा कि पिछले साल दिसंबर में उन्होंने मेरा किराया 11,000 रुपये से बढ़ाकर 12,000 रुपये कर दिया। वे फिर इसे बढ़ाना चाहते थे, लेकिन मैंने मना कर दिया। इतने सालों में उन्होंने मुझे कभी घर खाली करने के लिए नहीं कहा लेकिन अचानक से ऐसा करना शुरू कर दिया है। मैंने उनसे कहा कि आगरा में मेरे घर का नवीनीकरण किया जा रहा है और मुझे वहां जाने के लिए नवंबर तक का समय चाहिए। लेकिन उनके बेटों ने मेरे साथ बदतमीजी की। मैंने कभी नहीं कहा कि मैं फ्लैट खाली नहीं करूंगा। मुझे बस कुछ समय चाहिए। कुछ दिनों बाद में मकान खाली कर दूंगी।

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