शाहबेरी में अवैध निर्माण कर रहे बिल्डरों पर एफआईआर, रोक के बावजूद खुलेआम बन रहे थे फ्लैट

BIG BREAKING: शाहबेरी में अवैध निर्माण कर रहे बिल्डरों पर एफआईआर, रोक के बावजूद खुलेआम बन रहे थे फ्लैट

शाहबेरी में अवैध निर्माण कर रहे बिल्डरों पर एफआईआर, रोक के बावजूद खुलेआम बन रहे थे फ्लैट

Tricity Today | शाहबेरी

ग्रेटर नोएडा वेस्ट के शाहबेरी में रोक के बावजूद खुलेआम फ्लैटों का निर्माण चल रहा है। बिसरख कोतवाली पुलिस ने फ्लैटों का निर्माण करवा रहे दो बिल्डरों और उनके कर्मचारियों पर मुकदमा दर्ज किया है। यह मुकदमा पुलिस की ओर से दर्ज करवाया गया है। कोतवाली पुलिस का कहना है कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। शाहबेरी और आसपास के इलाकों में अवैध रूप से निर्माण कर रहे बिल्डरों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

बिसरख कोतवाली में तैनात हेड कांस्टेबल मनोज कुमार तोमर ने एसएचओ को बताया कि वह सूचना मिलने पर शाहबेरी पहुंचा। वहां अजनारा हाउसिंग सोसायटी के पीछे कुछ लोग फ्लैटों का निर्माण कर रहे थे। इस इलाके में शासन ने फ्लैटों के निर्माण पर प्रतिबंध लगा रखा है। ग्रेटर नोएडा विकास प्राधिकरण ने भी नए निर्माण करने पर पाबंदी लगाई हुई है। मौके पर जाकर देखा गया तो खसरा नंबर 302 में राजनगर गाजियाबाद के रहने वाले विजेंद्र चौधरी और बुलंदशहर के रहने वाले सुनील तेवतिया निर्माण करवा रहे थे। मौके पर इनका सुपरवाइजर ओमवीर सिंह, विनोद कुमार और भोला प्रसाद भी मजदूरों के साथ मौजूद थे। निर्माण करने के लिए सामग्री मौके पर मौजूद है। प्रतिबंधित क्षेत्र में निर्माण करने के लिए इन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जानी चाहिए।

बिसरख एसएचओ ने बताया कि हेड कांस्टेबल की शिकायत पर निषेधाज्ञा का उल्लंघन करने के आरोपों में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। सभी पांचों आरोपियों की तलाश की जा रही है। एसएचओ का कहना है कि शाहबेरी में नया निर्माण पूरी तरह प्रतिबंधित है। अगर कोई भी व्यक्ति प्रतिबंधित क्षेत्र में निर्माण करते हुए पकड़ा गया तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

1 अगस्त 2020 को पुलिस ने कैला भट्टा गाजियाबाद के निवासी फुरकान, नई दिल्ली के निवासी फुरकान, हापुड़ निवासी फुरकान, दिल्ली के निवासी नितिन, गाजियाबाद के निवासी आशीष, अनीस निवासी शाहबेरी, अबरार निवासी बिसरख और कान्हा वत्स निवासी शाहबेरी के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट में मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस ने इन आठों बिल्डरों की प्रॉपर्टी कुर्क कर ली थी। जांच में सामने आईं इन सभी की चल-अचल संपत्तियां कुर्क की गई थी। शाहबेरी प्रकरण में इन आठ बिल्डरों की लगभग 17.25 करोड़ रुपए की चल-अचल संपत्तियों को कुर्क की गई थी।

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