एके शर्मा ने गुर्जर समाज के योगदान को किया याद, कहा- यहां के वीर विदेशी हमलावरों और अंग्रेजों से खूब लड़े 

ग्रेटर नोएडा : एके शर्मा ने गुर्जर समाज के योगदान को किया याद, कहा- यहां के वीर विदेशी हमलावरों और अंग्रेजों से खूब लड़े 

एके शर्मा ने गुर्जर समाज के योगदान को किया याद, कहा- यहां के वीर विदेशी हमलावरों और अंग्रेजों से खूब लड़े 

Tricity Today | MLC अरविंद कुमार शर्मा एवं राज्यसभा सांसद सुरेंद्र सिंह नागर समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता कार्यक्रम में उपस्थित रहे

एके शर्मा ने गुर्जर समाज के योगदान को किया याद, कहा- यहां के वीर विदेशी हमलावरों और अंग्रेजों से खूब लड़े  Greater Noida : पूर्व आईएएस, भारतीय जनता पार्टी उत्तर प्रदेश के उपाध्यक्ष और विधान परिषद सदस्य अरविंद कुमार शर्मा अपने 3 दिनों के पश्चिमी यूपी के दौरे पर हैं। पिछले 2 दिन से गौतमबुद्ध नगर में उनके स्वागत में कई बड़े कार्यक्रम आयोजित हुए हैं। आज ग्रेटर नोएडा के आईटीएस कॉलेज में हजारों लोगों ने उनका स्वागत किया। भाजपा के राज्यसभा सांसद सुरेंद्र सिंह नागर समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे। हज़ारों की संख्या में महिलाओं, सिख, मुस्लिम, गुर्जर समाज के लोगों और किसानों ने उनका अभिनन्दन किया। 

इस अवसर पर एके शर्मा ने कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के यशस्वी नेतृत्व में ग्रेटर नोएडा ने बहुत उन्नति की। केंद्र की बड़ी और लाभदायी जनहितकारी, जनकल्याणकारी योजनाओं का खूब लाभ मिला। नतीजा ये है कि नोएडा वैश्विक निवेश का एक बड़ा सेंटर बन कर उभरा है। उन्होंने कहा, अब तो ग्रेटर नोएडा से आगे जा कर विस्तार योजना के अंतर्गत ग्रेटर नोएडा फेज 2 बनाने की हमारी योजना है। ये एक ऐसा शहर होगा, जैसा दिल्ली-एनसीआर में नहीं है। ये सभी शहरों के मुकाबले ज्यादा वेल-कनेक्टेड होगा। इस शहर को इंटरनेशनल एयरपोर्ट, एक्सप्रेसवे, रेड कॉरिडोर और मेट्रो से जोड़ा जायेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन सबका साथ-सबका विकास को लेकर सरकार आगे बढ़ रही है। 

किसानों के साथ हैं
जिन किसानों की जमीन अधिग्रहित की जाएगी, उनकी जमीन खरीदने के बजाय उन्हें इस विकास में सम्मलित करने के लिए हिस्सेदार बनाया जायेगा। उन्होंने आगे कहा, किसान देश की उन्नति के सबसे बड़े इंजन हैं। ये देश किसानों का है। भारत किसान के बिना कुछ नहीं है। किसान देश की रीढ़ है। हम में से अधिकतर लोग, मैं भी एक किसान परिवार से आता हूं। मुझे ठीक से पता है कि हमारा किसान कितना मेहनतकश है। हमारा अन्नदाता है। मुझे ठीक से पता है कि खेत में, कृषि में हमारे किसान भाई कितनी समस्याएं झेलते हैं। इसीलिए मैं सदैव अपने किसान परिवार के साथ खड़ा हूं। उनकी समस्याओं का निदान करने के लिए कटिबद्ध हूं। 

मां-बहनों को मिली आजादी
एके शर्मा ने महिलाओं का अभिवादन करते हुए कहा, मैं यहां पर आयी अपनी सारी बहनों का अभिनन्दन करता हूं। मैं सबसे पहले वो बात कहना चाहूंगा, जिस काम पर मुझे अपनी भाजपा सरकार पर गर्व है। बीते वर्षों की सरकारों ने ऐसी स्थिति पैदा कर दी थी कि इस राज्य में कानून-व्यवस्था गुंडागर्दी की भेंट चढ़ गयी। इसमें सबसे बड़ा घाटा हमारी बेटियों-बहनों और माताओं को हुआ। उनका जीना हराम हो गया। लेकिन हमारी सरकार ने कानून-व्यवस्था चाक चौबंद की। आज महिलएं एक बार फिर अपने घर के बाहर सुरक्षित हैं। जो सामाजिक अविश्वास पैदा हुआ था, वो कम हुआ है। सामाजिक समरसता और लैंगिक समानता समाज में आयी है। एक बार फिर महिलाएं बिना किसी डर के कामकाज कर सकती हैं। 

देश का रक्षक रहा है गुर्जर समाज
पूर्व आईएएस ने गुर्जर समाज का अभिनन्दन करते हुए कहा, इस क्षेत्र के गुर्जर समाज को भी नमन करना चाहूंगा। उन्हें धन्यवाद देना चाहता हूं। उनके गौरवी इतिहास को कोटिशः नमन करता हूं। गुर्जर सम्राट मिहिर भोज के शासनकाल में भारत की सीमाएं काबुल, कंधार व अफगानिस्तान तक फैली हुई थीं। उनके वंश के राजाओं ने विदेशी हमलावरों को 300 सालों तक भारत में घुसने नहीं दिया। नोएडा-ग्रेटर नोएडा से गुर्जर समाज का खास नाता रहा है। गौरवपूर्ण इतिहास रहा है। आजादी की लड़ाई में गुर्जर लड़ाकों का बेहद खास रोल रहा है। यहां के गुर्जर समाज ने 1857 की लड़ाई में राजा रावउमर सिंह की अगुवाई में अंग्रेजों के दांत खट्टे कर दिए थे। बाद में अंग्रेजों ने दमन चक्र चलाया और रावउमर सिंह समेत हजारों गुर्जर वीरों का खून बहा। बड़ी संख्या में गुर्जर आंदोलनकारियों को फांसी दी गई थी।  

1857 की क्रांति में खूब लड़े 
मेरठ में कोतवाल धनसिंह गुर्जर 1857 की क्रांति में शहीद हुए थे। दादरी में राव उमराव सिंह भाटी, बिशन सिंह, दरयाव सिंह, फत्तन ने अंग्रेजों से डटकर मुकाबला किया था। राव उमराव सिंह (1832-1857) ने 12 मई 1857 को सिकंदराबाद तहसील पर धावा बोला था। 7 दिन तक उनका अंग्रेज सेना से युद्ध चला था। उमराव सिंह ने 21 मई को बुलंदशहर जेल पर धावा बोलकर अपने साथियों को छुड़ा लिया। इसके बाद उन्होंने हिंडन नदी के तट पर 30-31 मई को और 26 सितंबर 1857 को कासना-सूरजपुर के बीच अंग्रेजों के साथ युद्ध किया। इसमें उमराव सिंह ने दादरी में अंग्रेजों को बंदी बना लिया था। 

सब बहादुरी से लड़े थे
खेतों में उनसे हल चलवाया। उनकी तोप व हाथी-घोड़े जब्त कर लिए गए। अंतिम मुगल बादशाह बहादुर शाह जफर ने राव उमराव सिंह को दादरी का राजा घोषित किया था। उन्होंने आगे कहा, हमने 1857 युद्ध की बात की, इसलिए कहना चाहूंगा कि आज़ादी की पहली जंग में भारत के सभी समुदायों के जाबांज अंग्रेज़ों के खिलाफ अपने देश के लिए बहादुरी से लड़े। देश का संविधान सभी धर्मों, जातियों, लोगों को समान अधिकार देता है। समान सम्मान देता है। ये भारत की परिपाटी है। ये भारतीयता का मर्म है। 

सिख समुदाय का आभारी रहेगा देश
देश में सिख समाज की भूमिका का बखान सूरज को दिया दिखाने जैसा है। चाहे देश का स्वतंत्रता संग्राम रहा हो, या फिर देश की उन्नति में हाथ बंटाने और देश की अर्थव्यवस्था को ऊपर ले जाने का, हम मामले में सिख समाज की भूमिका अग्रणी रही है। चाहें हम राजा रंजीत सिंह को याद करें, गुरु गोबिंद सिंह को याद करें या गुरु नानक को, ये देश सिख गुरुओं और सिख समुदाय का सदैव आभारी रहा है, रहेगा। देश की सीमाओं की रक्षा, इतिहास में आक्रांताओं से लोहा लेना या उद्योग-धंधे स्थापित करना, इस समाज ने हमेशा देश का गौरव बढ़ाया है। अपने को पीछे और देश को आगे रख कर सोचा है। मैं इनकी उद्यमशीलता और इनकी वीरता दोनों से ही सदैव प्रेरणा लेता हूं। 

नोएडा से खास लगाव है
हम लोग वह सब कुछ करेंगे, जो इस क्षेत्र के विकास के लिए आवश्यक है। हमारी पार्टी और सरकार इन जुड़वा शहरों को हर संभव शहरी और बुनियादी ढांचे और संसाधन देने के लिए कटिबद्ध है। हमारी योजना है कि ये राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय निवेश का एक वैश्विक गंतव्य बने। देश के अन्य केंद्रों के लिए हर मायने में एक उदहारण बन कर उभरे। उन्होंने बताया कि उनका नोएडा और ग्रेटर नोएडा से प्रेम व्यक्तिगत है। उन्होंने कहा, मेरा नोएडा से अलग और ख़ास लगाव है। ये मेरा घर भी है। मैं दादरी का वोटर हूं। मैंने हमेशा कहा है कि मैं पश्चिमी उत्तर प्रदेश की उन्नति के लिए काम करूंगा। 

जमीन से जुड़ा रहकर सेवा करता रहूंगा
मेरा हमेशा से मानना रहा है कि मुझे जमीनी हकीकत से जुड़े रहना है और आम आदमी के सरोकारों को समझना है। तभी मैं समाज के लिए कुछ सकारात्मक कर पाउंगा। यही कारण है कि भाजपा में आने के बाद मैंने प्रदेश के हर क्षेत्र में स्वयं जा कर सच्चाई को प्रत्यक्ष देखने की कोशिश की है। इससे मुझे लोगों के लिए बेहतर काम करने के लिए अन्तरदृष्टि, दिशा और ऊर्जा मिलती है। यही कारण है कि आज मैं यहां आप सबके सामने उपस्थित हूं. मैं आपका धन्यवाद देना चाहूंगा कि आपने मुझे अपने बीच आमंत्रित किया और मेरे जैसे भाजपा के सामान्य कार्यकर्ता से संवाद किया। मैं आपका आभारी हूं। मैं आपके सरोकार समझता हूं और सदैव आपके साथ खड़ा रहूंगा। ये वादा करता हूं।

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