चिटहेरा भूमि घोटाले में एक और गिरफ्तारी, दादरी तहसील के तत्कालीन ईआरके गिरफ्तार

BIG BREAKING : चिटहेरा भूमि घोटाले में एक और गिरफ्तारी, दादरी तहसील के तत्कालीन ईआरके गिरफ्तार

चिटहेरा भूमि घोटाले में एक और गिरफ्तारी, दादरी तहसील के तत्कालीन ईआरके गिरफ्तार

Tricity Today | चिटहेरा भूमि घोटाले

चिटहेरा भूमि घोटाले में एक और गिरफ्तारी, दादरी तहसील के तत्कालीन ईआरके गिरफ्तार Greater Noida : ग्रेटर नोएडा के चिटहेरा भूमि घोटाले से जुड़ी बड़ी खबर है। इस मामले की जांच कर रही स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) ने शुक्रवार की सुबह दादरी तहसील में तैनात रहे तत्कालीन इंग्लिश रिकॉर्ड (ईआरके) को गिरफ्तार किया है। इस भूमि घोटाले को लेकर गौतमबुद्ध नगर जिले में यह दूसरी बड़ी गिरफ्तारी है। इससे पहले गांव के लेखपाल रहे शीतला प्रसाद को एसआईटी ने गिरफ्तार किया था। दूसरी ओर घोटाले का मास्टरमाइंड यशपाल तोमर हरिद्वार जेल में बंद है। उसे जनवरी महीने में उत्तराखंड एसटीएफ ने गिरफ्तार किया था। आपको बता दें कि आपके पसंदीदा न्यूज़ पोर्टल 'ट्राईसिटी टुडे' ने दादरी तहसील के गांव चिटहेरा में हुए अरबों रुपए के सरकारी भूमि घोटाले का खुलासा किया है।

ईआरके गोवर्धन को एसआईटी ने किया गिरफ्तार
मिली जानकारी के मुताबिक दादरी तहसील में तैनात रहे ईआरके गोवर्धन की गिरफ्तारी एसआईटी ने की है। गोवर्धन को शुक्रवार की सुबह गिरफ्तार किया गया है। अब एसआईटी ईआरके को रिमांड पर लेने के लिए गौतमबुद्ध नगर जिला अदालत में पेश करने जा रही है। जिलाधिकारी सुहास एलवाई ने इस गिरफ्तारी की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि गोवर्धन दादरी तहसील में बतौर ईआरके कार्यरत रहे हैं। उन्हें पुलिस ने चिटहेरा भूमि घोटाले के आरोप में गिरफ्तार किया है। गोवर्धन पिछले दिनों सेवानिवृत्त हो चुके हैं।

भूमाफिया को रेवेन्यू रिकॉर्ड में जालसाजी करने दी
हम आपको पहले बता चुके हैं कि इंटरस्टेट भूमाफिया यशपाल तोमर और उसके गैंग ने चिटहेरा गांव में सरकारी जमीन को हड़पा है। इसके लिए बाकायदा रेवेन्यू रिकॉर्ड में छेड़छाड़ और जालसाजी की गई। सरकारी जमीनों को गांव के किसानों के नाम फर्जी ढंग से दर्ज कर दिया गया। बाद में इस गैंग ने किसानों से एग्रीमेंट, पावर ऑफ अटॉर्नी और वसीयतनामा के जरिए पूरी जमीन हड़प ली। इतना ही नहीं यशपाल तोमर और उसके गैंग ने सरकारी जमीन का मुआवजा ग्रेटर नोएडा विकास प्राधिकरण से हासिल किया है। एसआईटी की जांच में यह तथ्य सामने आए कि दादरी तहसील में तैनात रहे ईआरके गोवर्धन ने सरकारी दस्तावेजों में हेरफेर करने के लिए भूमाफिया की मदद की है। इसी आधार पर उन्हें गिरफ्तार किया गया है।

यशपाल तोमर की जमानत अर्जी खारिज हुई
शुक्रवार का दिन चिटहेरा भूमि घोटाले के लिए महत्वपूर्ण साबित हुआ है। शुक्रवार की सुबह गौतमबुद्ध नगर जिला अदालत ने मास्टरमाइंड यशपाल तोमर की जमानत अर्जी खारिज कर दी है। उसकी जमानत अर्जी पर गुरुवार को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत में सुनवाई की गई थी। कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया था। शुक्रवार की सुबह फैसला सुनाया गया। यशपाल तोमर की जमानत अर्जी को खारिज कर दिया गया है। यह यशपाल तोमर और उसके गैंग के लिए बड़ा झटका है। दूसरी ओर आपको बता दें कि इस मामले में गौतमबुद्ध नगर के जिलाधिकारी सुहास एलवाई के आदेश पर दादरी तहसील में एफआईआर दर्ज की गई थी। जिसमें यशपाल तोमर समेत छह लोग नामजद हैं। चार आरोपियों ने इलाहाबाद हाईकोर्ट से एंटीसिपेटरी बेल ले रखी हैं। अभी एक नामजद आरोपी फरार चल रहा है। एसआईटी की जांच के दौरान लेखपाल शीतला प्रसाद और ईआरके गोवर्धन के नाम सामने आए थे।

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