अच्छी खबर : निकलने वाले मलबे से बनेगी ईंट और टाइल्स, ग्रेटर नोएडा वेस्ट के पास लगेगा 4.5 एकड़ में प्लांट, जानिए पूरा प्रोजेक्ट

निकलने वाले मलबे से बनेगी ईंट और टाइल्स, ग्रेटर नोएडा वेस्ट के पास लगेगा 4.5 एकड़ में प्लांट, जानिए पूरा प्रोजेक्ट

Tricity Today | CEO Narendra Bhooshan

ग्रेटर नोएडा शहर में निकलने वाले मलबे से इंटरलॉकिंग टाइल्स और ईटें बनाई जाएंगी। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण इसके लिए कंपनी का चयन कर लिया है। सेक्टर इकोटेक 3 में 4.5 एकड़ में प्लांट लगाया जाएगा। शहर के लोग भी अपना मलबा इस कंपनी को दे सकेंगे। इसके लिए कंपनी मलवा ले जाने का शुल्क वसूल करेगी। 

शहर में निरंतर निर्माण कार्य चलता रहता है। लोग यहां से निकले मलबे को इधर-उधर फेंक देते हैं। इससे शहर में सफाई व्यवस्था बिगड़ती है। इसके अलावा प्रदूषण के स्तर में भी बदलाव होता है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने इन समस्याओं के समाधान के लिए नया तरीका निकाला है। शहर में निकलने वाले मलबे से इंटरलॉकिंग टाइल्स और ईट बनाई जाएंगी। प्राधिकरण ने शुक्रवार को कंपनी का चयन कर लिया है। यह काम मैसर्स राइज इलेवन ग्रुप को दिया गया है।

अब कम्पनी निर्धारित औपचारिकतायें पूरी करके परियोजना पर कार्य शुरू कर देगी। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने इकोटेक-3 में 4.5 एकड़ में सीएण्डडी वेस्ट के लिये आरक्षित कर दिया गया है। यहां पर प्लांट लगाया जाएगा। यहां रोजाना 100 टन वेस्ट का निस्तारण किया जा सकेगा। इसकी क्षमता रोजाना  300 टन तक बढ़ाई जा सकती है। 

दस कलेक्शन सेंटर बनाए जाएंगे
मलबे को एकत्र करने के लिए कलेक्शन सेंटर बनाए जाएंगे। यहां से मलबा प्लांट तक जाएगा। इसके लिये 10 कलेक्शन सेन्टर विकसित किये जा रहे है। जिसमें ग्रेटर नोएडा ईस्ट में 5 एवं ग्रेटर नोएडा वेस्ट में 4 तथा नालेज पार्क में 1 स्थापित किया जाना प्रस्तावित है। सेन्टर विकसित होने के बाद उनकी विस्तृत जानकारीध्लोकेशनध्अधिकृत व्यक्ति का नम्बरध्मोबाइल नम्बर, ईमेल आज की जानकारी  प्राधिकरण की वेबसाइट पर डाल दी जाएगी। 

जल्द तय कर दिया जाएगा शुल्क
ग्रेटर नोएडा के निवासी अपने मलबे को भी इस एजेंसी के जरिए प्लांट तक भेज सकते हैं। विभिन्न स्थानोंध्साईट्स से मलबा उठाने तथा प्लान्ट तक पहुचाने के लिए शुल्क तय किया जाएगा। यह शुल्क देने के बाद लोग अपना मलबा उठवा सकेंगे।

20 उत्पाद उत्पाद सरकारी कामों में उपयोग होगा
इस प्लांट में ईंट, टाइल्स, बायो प्रोडक्ट्स, आरएमसी तथा इन्टर लाकिंग टाइल्स बनाई जाएंगी। उनका उपयोग प्राधिकरण अपने कामों में करेगा। नियमानुसार सी एण्ड डी वेस्ट से तैयार उत्पाद का 20 प्रतिशत प्रोडक्ट सरकारी कार्ययालयों, प्राधिकरणों तथा संस्थानों के निर्माण कार्यो में उपयोग किया जाना प्राविधानित है।

यह फायदे भी मिलेंगे
इस प्लांट के शुरू होने से पर्यावरण को लेकर भी कई फायदे होंगे। वायु प्रदूषण को कम किया जा सकेगा। पुराना मलबा प्रयोग में आने से संसाधनों का दोहन भी नहीं होगा। इससे शहर में साफ सफाई की व्यवस्था भी दुरुस्त होगी। इधर-उधर मलबा बिखरा नहीं मिलेगा। 

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ नरेंद्र भूषण ने बताया कि शहर में निकलने वाले मलबे से ईटें और इंटरलॉकिंग टाइल्स बनाई जाएंगी। इसके लिए कंपनी का चयन कर लिया गया है। 

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