ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के ओएसडी रजनीकांत समेत 8 अफसरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज, दलित महिला की शिकायत पड़ी भारी

BIG BREAKING : ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के ओएसडी रजनीकांत समेत 8 अफसरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज, दलित महिला की शिकायत पड़ी भारी

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के ओएसडी रजनीकांत समेत 8 अफसरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज, दलित महिला की शिकायत पड़ी भारी

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Greater Noida : गौतमबुद्धनगर में एक दलित महिला की शिकायत पर ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के विशेष कार्याधिकारी रजनीकांत, सदर तहसीलदार रहे अखिलेश सिंह और विनय भदौरिया समेत पांच अफसरों व कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। आरोप है कि दनकौर के रोशनपुर गांव की रहने वाली महिला हेमलता का नाम जबरन मतदाता सूची से काट दिया गया था। उसकी सुनवाई तक नहीं की गई।

क्या है मामला
गौतमबुद्ध नगर की जेवर तहसील के गांव रोशनपुर की रहने वाली महिला का नाम उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 में मतदाता सूची से डिलीट कर दिया गया। महिला हेमलता ने इसकी शिकायत जिला प्रशासन से की। उसने कहा कि मतदान के संवैधानिक अधिकार से वंचित किया गया है। उनका आरोप है कि कूट रचित मतदाता सूची बनाकर चुनाव में उपयोग किया गया है। हेमलता की शिकायत पर जिला प्रशासन ने कोई संज्ञान नहीं लिया। इसके बाद हेमलता ने पुलिस से शिकायत की। पुलिस ने भी उनकी शिकायत दर्ज नहीं की।

हेमलता ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया
पुलिस और प्रशासन में कोई सुनवाई नहीं होने पर हेमलता ने मामले में विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी कोर्ट में गुहार लगाई। न्यायाधीश ज्योत्स्ना सिंह ने मामले को सुनने के बाद करीब एक महीने पहले जेवर तहसील के तत्कालीन उप जिलाधिकारी रजनीकांत, तहसीलदार विनय कुमार भदोरिया, अखिलेश कुमार और 5 अज्ञात कर्मचारियों के विरूद्ध एससी-एसटी एक्ट, जालसाजी और घोखाधड़ी के आरोपों में मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया। रजनीकांत फिलहाल ग्रेटर नोएडा विकास प्राधिकरण में बतौर ओएसडी कार्यरत हैं।

निर्वाचन आयोग को दिया फर्जी शपथ पत्र
दनकौर थाने में आईपीसी की धारा 420, 467, 468, 471, 120बी, 166, 167 और एससी एसटी एक्ट की धारा 3(2) और 5(3) के तहत तत्कालीन एसडीएम, तहसीलदार पर एफआईआर दर्ज कर ली है। हेमलता का आरोप है, "इन अफसरों ने अपने पद का दुरुपयोग किया है। मुझे छोटी जाति का समझते हुए मतदाता सूची में मेरे नाम के सामने डिलीट की मुहर लगाकर मुझे मतदान के संवैधानिक अधिकार से वंचित कर दिया। अधिकारियों ने कूट रचित मतदाता सूची बनाई और उसका चुनाव में उपयोग किया। गौतमबुद्ध नगर के जिलाधिकारी ने भारत निवार्चन आयोग को कूट रचित प्रमाण-पत्र प्रस्तुत किया कि इस मतदाता सूची का परीक्षण कर लिया गया है। इसमे कोई त्रुटि नही है और न ही किसी व्यक्ति का नाम छूटा है।"

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