चिटहैरा भूमि घोटाले का मास्टरमाइंड यशपाल तोमर भूमाफिया घोषित, डीएम ने अफसरों के नाम शासन को भेजे

ट्राईसिटी टुडे की खबर का बड़ा असर : चिटहैरा भूमि घोटाले का मास्टरमाइंड यशपाल तोमर भूमाफिया घोषित, डीएम ने अफसरों के नाम शासन को भेजे

चिटहैरा भूमि घोटाले का मास्टरमाइंड यशपाल तोमर भूमाफिया घोषित, डीएम ने अफसरों के नाम शासन को भेजे

Tricity Today | यशपाल तोमर

चिटहैरा भूमि घोटाले का मास्टरमाइंड यशपाल तोमर भूमाफिया घोषित, डीएम ने अफसरों के नाम शासन को भेजे Greater Noida News : आपके पसंदीदा न्यूज़ पोर्टल 'ट्राईसिटी टुडे' की खबर का बड़ा असर हुआ है। चिटहैरा भूमि घोटाले के मास्टरमाइंड यशपाल तोमर को गौतमबुद्ध नगर जिला प्रशासन ने भूमाफिया घोषित कर दिया है। यशपाल तोमर को भूमाफिया घोषित करने के लिए गुरुवार को दोपहर बाद जिलाधिकारी सुहास एलवाई की अध्यक्षता में एंटी भूमाफिया टास्क फोर्स की बैठक ज़ूम ऐप के जरिए ऑनलाइन की गई। इसके अलावा चिटहैरा भूमि घोटाले में शामिल प्रशासनिक और राजस्व विभाग के अधिकारियों की सूची शासन को भेजी गई है। जल्दी इन अफसरों और कर्मचारियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई होंगी। आपको बता दें कि 'ट्राईसिटी टुडे' ने इस भूमि घोटाले का खुलासा किया था।

हरिद्वार और मेरठ में भी यशपाल तोमर को भूमाफिया घोषित किया गया
यशपाल तोमर को जनवरी के महीने में उत्तराखंड एसटीएफ ने गिरफ्तार करके जेल भेजा था। इसके बाद हरिद्वार के जिलाधिकारी ने उसे भूमाफिया घोषित किया। दूसरी ओर मेरठ में यशपाल तोमर के खिलाफ जिला प्रशासन और पुलिस ने संयुक्त रूप से कार्रवाई की। यशपाल तोमर पर मेरठ के एसएसपी ने गैंगस्टर एक्ट में मुकदमा दर्ज करवाया और उसे भूमाफिया घोषित करने के लिए जिलाधिकारी को रिपोर्ट भेजी। मेरठ के जिलाधिकारी ने यशपाल तोमर को भूमाफिया घोषित कर दिया है। साथ ही मेरठ जिला प्रशासन उसे प्रदेश स्तरीय भूमाफिया घोषित करने की तैयारी कर रहा है। अब गुरुवार को गौतमबुद्ध नगर में उसके खिलाफ भूमाफिया एक्ट के तहत कार्यवाही की गई है।

क्या है पूरा मामला
करीब 4 दशक पहले चिटहेरा गांव में दलितों और भूमिहीनों के नाम पर पट्टे आवंटित किए गए। यह आवंटन पत्रावली रद्द कर दी गई थी। इसके बाद तहसील में रखे दस्तावेजों में बड़े पैमाने पर हेरफेर किया गया। मतलब, किसी आवंटी को ग्राम पंचायत समिति ने आधा बीघा जमीन दी थी, दस्तावेजों में कटिंग और गड़बड़ियां करके उनके नाम कई-कई बीघा जमीन दर्ज कर दी गई। इसके बाद माफिया ने दूसरे जिलों से एससी और एसटी जातियों से ताल्लुक रखने वाले लोगों को चिटहेरा का मूल निवासी बताकर रजिस्ट्री और एग्रीमेंट करवाए। जब तक यह जमीन चिटहेरा गांव के दलितों के नाम थी, उन्हें तहसील प्रशासन ने संक्रमणीय भूमिधर घोषित नहीं किया। जैसे ही जमीन बाहरी लोगों के नाम दर्ज हुई, उन्हें संक्रमणीय भूमिधर घोषित कर दिया गया।

अरबों रुपए के घोटाला की पोल 'ट्राईसिटी टुडे' ने खोली 
ग्रेटर नोएडा के चिटहेरा गांव में अरबों रुपए की सरकारी जमीन माफिया यशपाल तोमर ने हड़प ली है। 'ट्राईसिटी टुडे' की जांच में यह भी पता चला कि इस घोटाले में कई स्थानीय नेताओं के कनेक्शन जुड़े हुए हैं। जिनके दम पर सैकड़ों करोड़ रुपए का यह घोटाला किया गया है। दादरी तहसील में तैनात रहे कई प्रशासनिक अधिकारी भी इस घोटाले में शामिल हैं। इतना ही नहीं दलितों और किसानों के पट्टों से जुड़े तहसील के राजस्व रिकॉर्ड में बड़े पैमाने पर हेराफेरी करके यह पूरा खेल हुआ है। गांव के जिन लोगों ने इसका विरोध किया, उनके खिलाफ दूसरे राज्यों में फर्जी मुकदमे दर्ज करवाए गए और जेल भिजवा दिया गया। 'ट्राईसिटी टुडे' ने इस मामले को काफी गंभीरता से उठाया था। जिसके बाद ना ही केवल पुलिस बल्कि गौतमबुद्ध नगर जिला प्रशासन, यूपी एसटीएफ, उत्तराखंड एसटीएफ से लेकर उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश हाईकमान तक हड़कंप मच गया था। जिसके बाद एक के बाद एक विभाग ने 'ट्राईसिटी टुडे' की खबर के आधार पर जांच शुरू कर दी थी।

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