ट्राईसिटी टुडे की खबर का असर, एडीएम ने जारी किए नोटिस, आरोपियों से मांगा जवाब

चिटहेरा भूमि घोटाला : ट्राईसिटी टुडे की खबर का असर, एडीएम ने जारी किए नोटिस, आरोपियों से मांगा जवाब

ट्राईसिटी टुडे की खबर का असर, एडीएम ने जारी किए नोटिस, आरोपियों से मांगा जवाब

Tricity Today | चिटहेरा भूमि घोटाला

ट्राईसिटी टुडे की खबर का असर, एडीएम ने जारी किए नोटिस, आरोपियों से मांगा जवाब Chithera Land Scam : ग्रेटर नोएडा में दादरी तहसील के चिटहेरा गांव में सैकड़ों करोड़ रुपए की सरकारी जमीन हड़पने और घोटाले वाले मामले में जिला प्रशासन ने बड़ा एक्शन लिया है। सरकारी जमीन हड़पने और भूमिहीनों के नाम पट्टो की जमीन भू-माफिया के द्वारा तहसील कर्मचारियों की मिलीभगत से हड़पने के मामले में जांच ने तेज हो गई है। 

अपर-जिलाधिकारी भू-राजस्व वंदिता श्रीवास्तव ने आरोपियों को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही शिकायतकर्ता ने शनिवार को फर्जीवाड़े से जुड़े सभी दस्तावेज एडीएम को सौंप दिए हैं। एडीएम ने दस्तावेजों को बारीकी से अध्ययन करना शुरू कर दिया है। इस एसटीएफ भी अपने स्तर से इस मामले की जांच में जुटी है।

वंदिता श्रीवास्तव ने बताया कि चिटहेरा गांव में सरकारी जमीन और भूमिहीनों के पट्टे हड़पने का मामला सामने आया है। जिसकी जांच डीएम सुहास एलवाई ने उन्हें दी है। इस मामले में शिकायतकर्ता से दस्तावेज मांगे थे। कुछ दस्तावेज 2 दिन पहले दिए गए थे और शनिवार को सभी दस्तावेज शिकायतकर्ता ने सौंप दिए हैं। अब इस मामले में आरोपी पक्ष को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। आरोपित पक्ष अगर सही दस्तावेज नहीं सौंप पाते हैं तो उनके खिलाफ आगे की कार्रवाई की जाएगी। साथ ही तहसील कर्मचारी से भी इस मामले में जानकारी जुटाई जा रही है। वहीं, इस मामले की जांच एसटीएफ भी अपने स्तर से कर रही है। 

क्या है पूरा मामला
दादरी तहसील के चिटहेरा गांव में माफिया, अफसरों और नेताओं के गठजोड़ ने राज्य सरकार की सैकड़ों बीघा जमीन अवैध तरीके से हड़प ली है। इसके बाद इस जमीन का सैकड़ों करोड़ रुपये मुआवजा नोएडा विकास प्राधिकरण से लिया गया है। अभी सैकड़ों बीघा जमीन माफिया और उसके गुर्गों के नाम पर है। इस पर अवैध कॉलोनी काटी जा रही है। कुछ जमीन दूसरे लोगों को बेच दी गई है। इसके अलावा अभी माफिया और उसका गठजोड़ ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी बाकी जमीन बेचकर पैसा लेने की फिराक में है। यह घोटाला करीब एक दशक से चिटहेरा गांव में चल रहा था।

ट्राईसिटी टुडे ने प्रमुखता से उठाया मुद्दा
ग्रेटर नोएडा के चिटहेरा गांव में हुए अरबों रुपए के भूमि घोटाले में गौतमबुद्ध नगर के जिलाधिकारी सुहास एलवाई ने जांच का आदेश दे दिया है। ट्राईसिटी टुडे ने इस भूमि घोटाले पर सबसे पहले समाचार प्रकाशित किया था। जिसके बाद जिलाधिकारी सुहास एलवाई ने इस मामले को संज्ञान में लिया और जांच के आदेश दिए। अब अपर-जिलाधिकारी भू-राजस्व वंदिता श्रीवास्तव ने भी आरोपियों ने जवाब मांगा है।

एसटीएफ की जांच भी हुई तेज
इस मामले में यूपी एसटीएफ की नोएडा ब्रांच जांच कर रही है। डीएसपी देवेंद्र सिंह को यह जांच सौंपी गई है। देवेंद्र सिंह काकहना है कि इस मामले में डीजीपी से आदेश मिलने के बाद जांच शुरू कर दी है। इस मामले में काफी गंभीरता से जांच की जा रही है। अगर जरूरी हुआ तो आरोपियों को एसटीएफ के द्वारा भी नोटिस जारी किया जाएगा।

डीजीपी से की थी शिकायत
इस पूरे घोटाले की शिकायत लोनी के रहने वाले प्रताप सिंह ने यूपी के पुलिस महानिदेशक से भी की थी। डीजीपी ने यह पूरा मामला एसटीएफ को सौंप दिया है। एसटीएफ की नोएडा ब्रांच के डीएसपी देवेंद्र सिंह इसकी जांच कर रहे हैं। नोएडा एसटीएफ के एसपी राजकुमार मिश्रा का कहना है कि जांच चल रही है। दस्तावेज जुटाए जा रहे हैं। जल्दी रिपोर्ट तैयार करके भेज दी जाएगी। जांच में काफी तेजी आ गई है।

राजस्व रिकॉर्ड में भी गड़बड़ हुई
दादरी तहसील के राजस्व अभिलेखों में बड़े पैमाने पर जालसाजी की गई है। गांव के रजिस्टर 57-ख में बड़े हेरफेर किए गए हैं। इसके बाद दलित आवंटियों को संक्रमणीय भूमिधर घोषित करवाया गया। इस पूरे गोरखधंधे में माफिया के साथ कुछ स्थानीय नेता और कई राज्यों के पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी शामिल हैं। गांव वालों ने उस वक्त इस पूरे घोटाले का विरोध किया था। तत्कालीन एसडीएम और तहसीलदार के खिलाफ महेंद्र सिंह कोली और सुनील फौजी ने धरना दिया था। महेंद्र कोली को भी जेल भिजवाया गया था। महेंद्र सिंह कोली और सुनील फौजी को फर्जी मुकदमों में अदालत ने बरी कर दिया है।

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