बात भारत माता की जय से शुरू और जय श्रीराम पर खत्म, राष्ट्रवाद, हिंदुत्व और विकास पर रहे केंद्रित

दादरी में योगी : बात भारत माता की जय से शुरू और जय श्रीराम पर खत्म, राष्ट्रवाद, हिंदुत्व और विकास पर रहे केंद्रित

बात भारत माता की जय से शुरू और जय श्रीराम पर खत्म, राष्ट्रवाद, हिंदुत्व और विकास पर रहे केंद्रित

Tricity Today | Yogi Adityanath

बात भारत माता की जय से शुरू और जय श्रीराम पर खत्म, राष्ट्रवाद, हिंदुत्व और विकास पर रहे केंद्रित Uttar Pradesh News : अगले साल उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने वाला है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस चुनाव का चेहरा हैं। बुधवार को मुख्यमंत्री पहली बार दादरी पहुंचे। वह पूरी तरह चुनावी ट्रैक पर नजर आए। मुख्यमंत्री ने अपने भाषण की शुरूआत "भारत माता की जय" से की। बात खत्म "जय श्रीराम" के नारे से की। उन्होंने अपना चुनावी एजेंडा साफ कर दिया। वह विधानसभा चुनाव हिंदुत्व और राष्ट्रवाद पर ही लड़ेंगे। इस जनसभा में सरकार की उपलब्धियां नहीं की बराबर गिनाईं। दरअसल, दादरी से पहले वह ग्रेटर नोएडा के कार्यक्रम में पूरी तरह डेवलपमेंट पर फोकस थे।

योगी आदित्यनाथ ने राष्ट्रधर्म को सर्वोच्च बताते हुए कहा, "जाति और सम्प्रदाय से ऊपर उठने की जरूरत है।" मुख्यमंत्री का आशय साफ था कि आने वाले चुनाव में उसे वोट दें, जो राष्ट्र की बात करे। जाति के फेर में फंसने की जरूरत नहीं है। भीड़ ने भी भारत माता की जय का नारा लगाकर समर्थन किया। सीएम ने राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एकता पर जोर दिया। बोले, "अफगानिस्तान का हाल देख लीजिए। एक वक्त में यही हाल हमारे देश का था। हमारी बहन-बेटियां अरब के देशों में दो दीनार में बेची जाती थीं।" राष्ट्रवाद का जिक्र किया तो योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी आगे रखा। बोले, "आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश आगे बढ़ रहा है। दुनिया हमारा लोहा मान रही है।"

योगी आदित्यनाथ ने हिंदुत्व को भी आगे रखा। पिछली सरकारों के कार्यकाल में कांवड़ यात्रा में दखल और दुर्गा पूजा नहीं होने दी जाती थीं। मुख्यमंत्री ने लोगों को बताने की कोशिश की कि हमारे मन्दिरों और आस्था केंद्रों पर केवल विदेशी आक्रांताओं ने हमले नहीं किए हैं, हमारे अपने भी हमारी आस्थाओं पर कुठाराघात कर रहे थे। योगी ने जनता से सवाल पूछा, "कांवड़ यात्रा और दुर्गा पूजा रोकने वाले क्या विदेशी आक्रांता थे? आज यह माहौल बदल गया है।" एक खास बात यह रही कि मुख्यमंत्री ने पूरे वक्त मुस्लिम तुष्टिकरण और मुसलमान का जिक्र नहीं किया। कार्यक्रम सामाजिक था। लिहाजा, सीएम ने राजनीतिक बातें नहीं की बराबर कीं। विपक्ष के किसी नेता या पार्टी का जिक्र नहीं किया।

योगी आदित्यनाथ ने गौरक्षा के जरिए हिंदुत्व के एजेंडे को और आगे बढ़ाया। कहा कि यूपी में सरकार बनते ही सबसे पहला फैसला अवैध बूचड़खानों को बंद करने का था। पन्ना धाय का उदाहरण देकर गुर्जर समुदाय को साधा और कहा, "पन्ना धाय का बलिदान भारतीय और हिन्दू संस्कृति का सर्वश्रेष्ठ है। उन्होंने राष्ट्रधर्म का पालन करने के लिए अपने बेटे का बलिदान दिया। किसी मां के लिए इससे बड़ा कष्ट नहीं हो सकता है। उस कष्ट को पन्ना धाय ने सहन किया था।" कुल मिलाकर साफ है कि आने वाले विधानसभा चुनाव में योगी आदित्यनाथ राष्ट्रवाद और हिंदुत्व के आसपास केंद्रित रहेंगे। साथ-साथ उनके पास अपनी सरकार की उपलब्धियों को गिनाने के लिए लंबी फेहरिस्त है। एक तरह वह सन्यासी के रूप में राष्ट्र, संस्कृति और हिंदुत्व की बात करेंगे, दूसरी तरफ अच्छी कानून-व्यवस्था, अच्छे औद्योगिक निवेश, आधारभूत ढांचे का विकास, माफिया पर एक्शन और महिला सुरक्षा के जरिए सशक्त प्रशासक की छवि पेश करेंगे।

योगी आदित्यनाथ ने वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव और वेस्ट यूपी को जोड़ते हुए कहा, "जब हम चुनाव प्रचार करने आए तो महिलाओं ने बेटियों की सुरक्षा की चिंता जाहिर की। बेटियां पढ़ने के लिए स्कूल जाते वक्त असुरक्षित महसूस करती थीं। आज वक्त बदल गया है।" योगी ने आगे कहा, "आज माफिया और गुंडे नदारद हैं। जेल में हैं। अब उत्तर प्रदेश में कानून का राज है। अब थानों को गुंडे नहीं चलाते हैं। पुलिस मजबूत और स्वतंत्र है।"

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