ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण में मैनेजर और दलालों ने किसान को पीटा, 6% आबादी भूखण्ड में फर्जीवाड़े का मामला

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ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण में मैनेजर और दलालों ने किसान को पीटा, 6% आबादी भूखण्ड में फर्जीवाड़े का मामला

Tricity Today | Greater Noida Authority

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण में मैनेजर और दलालों ने किसान को पीटा, 6% आबादी भूखण्ड में फर्जीवाड़े का मामला Greater Noida : एक तरफ ग्रेटर नोएडा विकास प्राधिकरण के अफसर दलालों और माफिया किस्म के लोगों पर लगाम लगाने का दावा कर रहे हैं, दूसरी तरफ प्राधिकरण कार्यालयों में दलालों का गठजोड़ बुरी तरह हावी है। इनका विरोध करने वाले किसानों के साथ मारपीट की घटनाएं आम हो गई हैं। दलालों और भ्रष्ट कर्मचारियों का यह गठजोड़ विरोध करने वालों को प्राधिकरण कार्यालय में पीट देता है। जान से मारने की धमकी तक दे रहा है। शुक्रवार को प्राधिकरण कार्यालय में एक किसान को बुरी तरह पीटा गया है।

क्या है मामला
शुक्रवार को सैनी गांव के 6% भूखंडों में किए जा रहे फर्जीवाड़े का विरोध करने पहुंचे किसान के साथ प्रोजेक्ट डिपार्टमेंट के डिवीजन-दो में कर्मचारी और दलालों ने मारपीट की है। किसान के कपड़े फाड़ दिए गए। मारपीट की गई और हत्या करने की धमकी दी गई है। प्रोजेक्ट डिपार्टमेंट की डिविजन-2 में राजेश निम नाम का मैनेजर है। इसने एक दलाल जीतू नागर के साथ मिलकर सैनी गांव के किसान पवन शर्मा को बुरी तरह पीटा है। यह घटना डिवीजन के प्राधिकरण कार्यालय में हुई है।

राजेश निम ने फाइल में किया फर्जीवाड़ा
पवन शर्मा ने बताया कि राजेश निम ने फर्जीवाड़ा करके 6% आबादी भूखंडों के लीज प्लान को बदला है। जिससे हम मूल किसानों को नुकसान हुआ है। पवन शर्मा अपनी शिकायत लेकर डिवीजन के ऑफिस में गए थे। वहां राजेश निम ने जीतू नागर नाम के व्यक्ति और उसके साथियों को बुला लिया। पता चला है कि जीतू नागर ने सैनी गांव के किसान बलवीर नागर के प्लॉट को प्राइम लोकेशन पर लगवाने और फिर मोटी कीमत पर बेचने का ठेका ले रखा है। पवन शर्मा की वजह से यह मंसूबा पूरा नहीं हो रहा था। इसीलिए राजेश और जीतू, पवन पर दबाव बनाना चाहते थे। जब पवन ने विरोध किया तो इन सारे लोगों ने उनके साथ बुरी तरह मारपीट की है।

प्राधिकरण में बाहरी लोगों का प्रवेश बंद तो जीतू कैसे पहुंचा
प्राधिकरण में बाहरी लोगों पर प्रवेश की पाबंदी लगाई गई है। इसके बावजूद भीतरी कर्मचारी और अफसर दलालों के साथ गठजोड़ करके फर्जीवाड़े कर रहे हैं। आम किसान परेशान है। अगर किसान इस ज्यादती और इनके गोरखधंधे के खिलाफ आवाज उठाता है तो इसी तरह उनके साथ मारपीट की जाती है। अब सवाल यही उठ रहा है कि जीतू का अपना निजी मामला नहीं था। वह प्राधिकरण में कैसे प्रवेश पा गया? दरअसल, वह गांव में किसानों के साथ उनके 6% भूखंडों का सौदा करता है। इसके बाद प्राधिकरण के कर्मचारियों से मिली भगत करके आबादी भूखंडों को प्राइम लोकेशन पर लगवाता है। इस मोटी कमाई में दलाल गैंग और भ्रष्ट अफसर शामिल रहते हैं।

आरोपी इंजीनियर ने कहा- जबरन दफ्तर में घुस आते हैं प्रॉपर्टी डीलर
ग्रेटर नोएडा विकास प्राधिकरण के अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी अमनदीप दुली ने कहा, "पवन शर्मा और जीतू नागर प्राधिकरण की डिवीजन-2 के मैनेजर राजेश निम के पास बैठे हुए थे। इसी दौरान दोनों के बीच झगड़ा हुआ। प्राधिकरण के सुरक्षाकर्मी मौके पर पहुंचे और दोनों को उठाकर कार्यालय से बाहर भेजा गया।" अब सवाल यह उठता है कि जीतू नागर और पवन शर्मा किस काम के लिए राजेश निम के कार्यालय में गए थे। पवन शर्मा का कहना है कि वह सैनी गांव के मूल किसान हैं। उनकी जमीन का प्राधिकरण अधिग्रहण किया है। जिसकी एवज में 6% भूखंड का आवंटन किया गया है। यह भूखंड गांव के बाहर आवंटित हुआ है। जिसके लिए लीज प्लान से जुड़ी प्रक्रिया पूरी करने के लिए राजेश के कार्यालय में गए थे। दूसरी ओर इस पूरे प्रकरण में जीतू किस वजह से राजेश निम के कार्यालय में पहुंचे, इस बारे में राजेश को भी पता नहीं है। राजेश का कहना है कि जीतू प्रॉपर्टी डीलर किस्म का व्यक्ति है। वह अकसर उनके कार्यालय में आता रहता है। राजेश निम ने आगे कहा, "मैं उनको अपने कार्यालय में बुलाता नहीं हूं। वह जबर्दस्ती घुस आता है।"

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