सुपरटेक बिल्डर समेत 12 के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज, थम नहीं रहा आरके अरोड़ा का फर्जीवाड़ा

ग्रेटर नोएडा से बड़ी खबर : सुपरटेक बिल्डर समेत 12 के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज, थम नहीं रहा आरके अरोड़ा का फर्जीवाड़ा

सुपरटेक बिल्डर समेत 12 के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज, थम नहीं रहा आरके अरोड़ा का फर्जीवाड़ा

Google Photo | सुपरटेक बिल्डर आरके अरोड़ा

  • न्यायालय के आदेश पर बिसरख कोतवाली में दर्ज हुआ मुकदमा
  • फिलहाल अरोड़ा दिल्ली की जेल में बंद है, मनी लाउंड्रिंग के हैं आरोप
Greater Noida News : ग्रेटर नोएडा से बड़ी खबर है। जिला न्यायालय के आदेश पर बिसरख कोतवाली पुलिस ने सुपरटेक बिल्डर समेत 12 आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज करके मामले की छानबीन शुरू कर दी है। सुपरटेक समूह के चेयरमैन आरके अरोड़ा के एक के बाद एक फ़र्ज़ीवाड़े सामने आ रहे हैं। आपको बता दें कि आरके अरोड़ा फ़िलहाल दिल्ली की जेल में बंद हैं। उन्हें प्रवर्तन निदेशालय ने इस महीने की शुरुआत में गिरफ़्तार किया था। अरोड़ा पर अरबों रुपये की हेरा-फेरी और मनी लॉन्डरिंग करने जैसे गंभीर आरोप हैं।

क्या है ताजा मामला
ग्रेटर नोएडा के सेक्टर गामा वन में रहने वाली कमलेश देवी ने न्यायालय को बताया कि उसने सुपरटेक बिल्डर के इकोविलेज-2 प्रोजेक्ट में एक फ्लैट बुक कराया था। यह हाउसिंग प्रोजेक्ट ग्रेटर नोएडा वेस्ट में है। इसकी एवज में उसने 22 लाख 38 हजार 468 रुपये का भुगतान मैसर्स सुपरटेक लिमिटेड को कर दिया था। भुगतान के दौरान उसे बताया गया कि वर्ष 2013 तक फ्लैट पर कब्जा दे दिया जाएगा। लेकिन तय समय को बीते दस साल बीत चुके हैं। आज तक कमलेश देवी उनके घर पर कब्जा नहीं दिया गया है। इसके बाद पीड़िता ने भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (यूपी रेरा) की गौतमबुद्ध नगर बैंच के समक्ष परिवाद दर्ज कराया।

यूपी रेरा में भी धोखा दिया
इस मुकदमे के दौरान सुपरटेक ग्रुप की तरफ से प्रस्ताव दिया गया कि कमलेश देवी को अन्य प्रोजेक्ट में एक फ्लैट दिया जाएगा। मतलब, उनका फ्लैट शिफ्ट करेगी। जिस पर महिला ने अपनी सहमति प्रदान कर दी। सुपरटेक बिल्डर ने फ्लैट आवंटित करके कब्जा दे दिया। पीड़िता का आरोप है कि 10 अप्रैल 2022 को पूजा तिवारी, जयशंकर तिवारी और प्रशांत तिवारी उसके पास पहुंचे और उन्होंने खुद को उस फ्लैट का स्वामी बताया। उसने जब जांच-पड़ताल की तो पता चला कि अपराधिक षड्यंत्र के तहत उसके फ्लैट का आवंटन किया गया है। इसके बाद फ्लैट के कूट रचित दस्तावेज तैयार करके धोखाधड़ी से बेच दिया गया है।

अदालत ने एफआईआर का आदेश दिया
न्यायालय ने पीड़िता की याचिका पर सुनवाई करके पुलिस को मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए हैं। बिसरख कोतवाली पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। बिसरख के एसएचओ का कहना है कि मामले में जांच शुरू कर दी है। जल्दी अदालत की इन्वेस्टीगेशन रिपोर्ट भेज दी जाएगी।

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