अच्छी खबर : गौतमबुद्ध नगर के परिषदीय स्कूल बनेंगे हाईटेक, प्रधानाचार्य टेबलेट से लगाएंगे बच्चों की हाजिरी, पूरी जानकारी

गौतमबुद्ध नगर के परिषदीय स्कूल बनेंगे हाईटेक, प्रधानाचार्य टेबलेट से लगाएंगे बच्चों की हाजिरी, पूरी जानकारी

Google Image | प्रतीकात्मक फोटो

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बागडोर संभालने के बाद से ही राज्य सरकार सूबे में प्राथमिक शिक्षा सुधार को लेकर अभूतपूर्व काम कर रही है। योगी आदित्यनाथ खुद भी स्कूलों में तकनीक को बढ़ावा देने के हामी हैं। अब तक शिक्षकों को सेल्फी के जरिए अपनी उपस्थिति दर्ज करानी होती थी। अब स्कूल के छात्रों को भी ऑनलाइन हाजिरी लगानी पड़ेगी। इसके लिए बेसिक शिक्षा विभाग ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। बेसिक शिक्षा विभाग से संचालित परिषदीय विद्यालयों के शिक्षकों को भी हाईटेक बनाया जाएगा। स्कूलों के प्रधानाचार्य को टेबलेट दिए जाएंगे। 

इस टेबलेट में स्कूलों की निगरानी से संबंधित सभी ऐप शामिल किए जाएंगे होंगे। इसके लिए शिक्षकों की ऑनलाइन ट्रेनिंग भी कराई जाएगी। यह ट्रेनिंग 1 महीने तक चलेगी। इसके बाद उपकरण शिक्षकों को उपलब्ध कराए जाएंगे। गौतमबुद्ध नगर में 600 से अधिक परिषदीय विद्यालय संचालित हो रहे हैं। इनमें 80 हजार से अधिक छात्र-छात्राएं पढ़ाई कर रहे हैं। बच्चों की शिक्षा पर सरकार की तरफ से करोड़ों रुपए खर्च किए जाते हैं। छात्रों को पाठ्य पुस्तकों के साथ-साथ जूते-मोजे, स्वेटर और मध्यान भोजन भी दिया जाता है। अब शासन ने परिषदीय विद्यालय के शिक्षकों को हाईटेक बनाने का निर्णय किया है। 

एक स्कूल में इंचार्ज या प्रधानाध्यापक को टेबलेट दिया जाएगा। इससे पहले उन्हें एक महीने की ऑनलाइन ट्रेनिंग भी दी जाएगी। ट्रेनिंग पूरी होने के बाद शिक्षकों को टेबलेट दे दिया जाएगा। इसके जरिए संबंधित शिक्षक, स्कूल स्टॉफ और बच्चों की हाजरी से लेकर स्कूल से संबंधित सभी काम करेंगे। टेबलेट मिलने के बाद स्कूलों में बच्चों और शिक्षकों की हाजिरी ली जाएगी। इससे सुबह प्रार्थना सभा का फोटो भी मंगवाया जाएगा और एक सॉफ्टवेयर के जरिए यह पता लगाया जाएगा कि कितने बच्चे स्कूल में आए हैं। 

हर स्कूल की जियो टैगिंग कराई गई है। ऐसे में शिक्षक कोई भी फर्जी फोटो नहीं भेज सकेंगे। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी धीरेंद्र कुमार ने बताया कि शासन ने स्कूल के शिक्षकों को हाईटेक बनाने के लिए यह पहल की है। जल्दी ही शिक्षक अपनी और बच्चों की हाजिरी टेबलेट के जरिए लगाना शुरू कर देंगे। इसके अलावा स्कूल से संबंधित सभी काम का रिकॉर्ड भी रखने में सहूलिय मिलेगी। प्रधानाध्यापक पर फाइलों का बोझ कम हो जाएगा। बताते चलें कि अभी जिले के परिषदीय स्कूलों में बच्चों की ऑनलाइन क्लासेस चल रही है। इस लिहाज से यह कदम स्वागत योग्य है।

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