गीता पंडित दौड़ से बाहर, विजय भाटी मैदान में उतरे

दादरी नगर पालिका : गीता पंडित दौड़ से बाहर, विजय भाटी मैदान में उतरे

गीता पंडित दौड़ से बाहर, विजय भाटी मैदान में उतरे

Tricity Today | गीता पंडित और विजय भाटी

Greater Noida : उत्तर प्रदेश में नगर निकाय चुनाव का बिगुल बज चुका है। सोमवार को राज्य के नगर विकास मंत्री अरविंद कुमार शर्मा ने नगर निकायों में चेयरमैन और मेयर पदों के आरक्षण की घोषणा कर दी। गौतमबुद्ध नगर की एकमात्र दादरी नगर पालिका में चेयरमैन पद का आरक्षण अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए रखा गया है। जिसने जिले में भारतीय जनता पार्टी की राजनीति के पूरे समीकरण बदल दिए हैं। दादरी नगर पालिका की दो बार से चेयरपर्सन गीता पंडित दौड़ से बाहर हो गई हैं। उन्होंने हैट्रिक का सपना संजो रखा था। दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष विजय भाटी मैदान में उतर गए हैं।

दो बार दादरी नगर पालिका पर काबिज रहीं गीता पंडित
गीता पंडित ने भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर पहली बार साल 2012 में चुनाव लड़ा। वह कामयाब रहीं। उस चुनाव के दौरान राज्य में समाजवादी पार्टी की सरकार थी। गीता बेहद सामान्य से परिवार से ताल्लुक रखती हैं। इसके बावजूद भारतीय जनता पार्टी ने शिद्दत से चुनाव लड़ा और शानदार जीत हासिल की। जून 2014 में गीता पंडित के पति विजय पंडित की हत्या कर दी गई। इस हत्याकांड ने गौतमबुद्ध नगर की राजनीति में आमूलचूल बदलाव कर दिया। गौतमबुद्ध नगर की राजनीति में जाति के आधार पर वोटों का पोलराइजेशन हो गया। इसका भरपूर फायदा भाजपा को मिला। जिले में भाजपा ने लोकसभा और विधानसभा चुनावों में शानदार जीत हासिल कीं।

विरोध के बावजूद पिछली बार गीता का टिकट नहीं कटा
पिछला नगर निकाय चुनाव साल 2017 में हुआ था। तब तक उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बन चुकी थी। एक बार फिर गीता पंडित भाजपा से टिकट हासिल करने में कामयाब रही थीं। उनका दादरी नगर में विरोध भी हो रहा था। तमाम बाधाओं को पार करके गीता पंडित ने ना केवल भाजपा का टिकट हासिल किया था बल्कि जीत भी हासिल कर ली थी। कुल मिलाकर गीता पंडित पिछले 10 वर्षों से दादरी नगर पालिका की अध्यक्ष हैं। वह एक बार फिर दावेदारी पेश कर रही थीं। गीता पंडित लगातार तीसरी बार दादरी नगर पालिका की मुखिया बनकर हैट्रिक लगाना चाहती थीं। उनका पूरा दांव अध्यक्ष पद के आरक्षण पर टिका हुआ था। आरक्षण उनके प्रतिकूल है। लिहाजा, गीता पंडित 10 साल का कार्यकाल पूरा करके दादरी नगर पालिका की राजनीति से बाहर हो जाएंगीं।

अब विजय भाटी पेश करेंगे दावेदारी
अब भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष विजय भाटी दादरी नगर पालिका अध्यक्ष पद के लिए दावेदारी पेश करेंगे। दरअसल, विजय भाटी अन्य पिछड़ा वर्ग से हैं और दादरी नगर पालिका अध्यक्ष का आरक्षण भी अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए है। मिली जानकारी के मुताबिक पिछले दिनों नगर निकायों की मतदाता सूचियों का पुनरीक्षण अभियान चला था। तब विजय भाटी ने अपना और पत्नी का नाम दादरी नगर पालिका की मतदाता सूची में दर्ज करवा लिया। उन्होंने अपनी वोट पैतृक गांव पल्ला ग्राम पंचायत की वोटर लिस्ट से कटवाई है। विजय भाटी के इस कदम से भारतीय जनता पार्टी में चर्चाएं जोरों पर हैं। लोगों का कहना है कि विजय भाटी को पहले से ही अनुमान था कि दादरी नगर पालिका अध्यक्ष पद का आरक्षण अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए रहेगा। लिहाजा, वह करीब साल भर से तैयारियों में जुटे हुए थे। आपको बता दें कि पिछले दो मर्तबा से विजय भाटी भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष हैं। वह भी इस पद पर पैट्रिक नहीं लगा पाएंगे। ऐसे में अपनी राजनीति को आगे बढ़ाने के लिए विजय भाटी ने सही रास्ता तलाश किया है। मौजूदा वक्त में गौतमबुद्ध नगर के किसी विधानसभा क्षेत्र से उनकी एंट्री संभव नहीं है। हालांकि, उनका सपना विधायक बनना है। पिछले विधानसभा चुनाव से पहले विजय भाटी ने दादरी सीट से टिकट हासिल करने का प्रयास जरूर किया था।

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