ग्रेटर नोएडा की जीएम प्लानिंग मीना भार्गव का ट्रांसफर हुआ, ₹300 करोड़ के घोटाले का आरोप

ट्राईसिटी टुडे की खबर का असर : ग्रेटर नोएडा की जीएम प्लानिंग मीना भार्गव का ट्रांसफर हुआ, ₹300 करोड़ के घोटाले का आरोप

ग्रेटर नोएडा की जीएम प्लानिंग मीना भार्गव का ट्रांसफर हुआ, ₹300 करोड़ के घोटाले का आरोप

Tricity Today | मीना भार्गव

ग्रेटर नोएडा की जीएम प्लानिंग मीना भार्गव का ट्रांसफर हुआ, ₹300 करोड़ के घोटाले का आरोप Greater Noida : आपके पसंदीदा न्यूज़ वेबपोर्टल 'ट्राईसिटी टुडे' की खबर का असर एक बार फिर देखने को मिला है। ट्रांसफर होने के बावजूद ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण में मलाईदार पद पर जमीं मीना भार्गव का ट्रांसफर हो गया है। उन्हें अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी अमनदीप दुली ने कार्यमुक्त कर दिया है। वैसे तो मीना भार्गव का ट्रांसफर 15 जुलाई 2021 को हो गया था, लेकिन इसके बावजूद वह ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण में जनरल मैनेजर प्लानिंग के पद पर तैनात थीं। अब उनके ऊपर 300 करोड रुपए के घोटाले के आरोप लगे हैं। जिसके बाद वह अपने ट्रांसफर वाले स्थान पर चली गई हैं। मीना भार्गव का ट्रांसफर यूपीसीडा कानपुर में हुआ है। बताया जाता है कि वह ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के पूर्व सीईओ की गुडबुक में थीं, जिसकी वजह से शासन की नाराजगी के बावजूद वह यहां जमीं रहीं। अब उत्तर प्रदेश शासन ने तत्काल उनको यूपीसीडा कानपुर जाने के आदेश दिए हैं।

300 करोड़ रुपए के घोटाला करने का आरोप लगा, अदिति सिंह ने दिए जांच के आदेश 
अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी अदिति सिंह ने जांच के आदेश दिए हैं। मीना भार्गव का पिछले एक साल में दो बार ट्रांसफर हो चुका था, उसके बावजूद वह ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण में तैनात थी। बड़ा सवाल यह है कि आखिरकार ट्रांसफर होने के बावजूद मीना भार्गव क्यों प्राधिकरण में तैनात रही। मीना भार्गव समेत तीन अधिकारियों पर प्राधिकरण की ऑनलाइन सेवाओं के नाम पर 300 करोड़ रुपए का घोटाला करने का आरोप लगा है। इस मामले में उनके खिलाफ जांच शुरू की हो चुकी है, जो आगामी कुछ दिनों में उच्च अधिकारी को सौंप दी जाएगी। इससे पहले मीना भार्गव यमुना प्राधिकरण में तैनात थीं। मीना भार्गव इस समय सवालों के कटघरे में खड़ी हैं।

15 जुलाई 2021 को हुआ था ट्रांसफर
एक और गंभीर बात यह है कि शासन से जब दो बार तबादला आदेश जारी होने के बाद वह रिलीव नहीं की गईं थी। इस शासन ने नाराजगी जाहिर की। कुछ समय पहले कड़े शब्दों का इस्तेमाल करते हुए शासन स्तर से ही उन्हें रिलीव कर दिया था। इसके बावजूद सीईओ ने महाप्रबंधक को पद से नहीं हटाया था। वह 23 जून 2022 तक भी ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी में काम कर रही थी। इस मामले में उत्तर प्रदेश शासन ने ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण से सवाल पूछे थे। इस पर प्राधिकरण की ओर से जवाब आया था कि मीना भार्गव के पास बहुत बड़ी जिम्मेदारी है और अगर उनको हटा दिया गया तो काम ठप जाएगा, लेकिन अब उत्तर प्रदेश शासन ने उनको तत्काल यूपीसीडा कानपुर जाने के आदेश दिए हैं।

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