ग्रेटर नोएडा : वायु प्रदूषण फैलाने वालों की खैर नहीं, प्रशासन ने लगाया 1 लाख 10 हजार रुपये का जुर्माना

वायु प्रदूषण फैलाने वालों की खैर नहीं, प्रशासन ने लगाया 1 लाख 10 हजार रुपये का जुर्माना

Google Image | प्रतीकात्मक फोटो

गौतमबुद्ध नगर में वायु प्रदूषण की स्थिति चिंताजनक है। जिले में अक्टूबर से ग्रेप सिस्टम लागू है, फिर भी वायु की गुणवत्ता में बराबर गिरावट दर्ज की जा रही है। जिला प्रशासन इसको लेकर सतर्क है और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड प्रदूषण फैलाने वालों पर लगातार कार्रवाई कर रहा है। इस सिलसिले में उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों ने ईकोटेक-2 स्थित उद्योग विहार के प्लॉट नंबर-20 पर वायु प्रदूषण फैलाने पर 30 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है। आज कुल मिलाकर 1 लाख 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है।

प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की क्षेत्रीय अधिकारी डॉ. अर्चना द्विवेदी ने इस बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कुछ दिन पहले बोर्ड के अधिकारियों ने ग्रेटर नोएडा के ईकोटेक-2 स्थित उद्योग विहार के प्लॉट नंबर-20 का निरीक्षण किया था। यहां पर निर्माण कार्य चल रहा था। इस परिसर के बाहर सड़क पर निर्माण सामग्री, कंस्ट्रक्शन वेस्ट मेटेरियल और खुले में मिटटी उड़ती हुई मिली। इस वजह से वायु प्रदूषण फैल रहा था। 

वायु प्रदूषण की रोकथाम के लिए वहां कोई कवर्ड एरिया नहीं था। न हीं वहां पानी के छिड़काव की व्यवस्था थी। इसके अलावा बिल्डिंग निर्माण में भी नियमों का पालन नहीं किया जा रहा था। यह सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों की खुली अवहेलना थी। इसीलिए उद्योग विहार के प्लॉट नंबर-20 पर पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति के रूप में 30 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है।

क्षेत्रीय अधिकारी डॉ अर्चना द्विवेदी ने बताया कि ईकोटेक-3 के उद्योग केन्द्र-2 में स्थित प्लाट नं-68 पर भी वायु प्रदूषण फैलाने पर 30 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया है। इसके अलावा ईकोटेक-2 के उद्योग विहार के प्लाट नं-66 ने भी खुले में मिट्टी फैला रखी थी। जिस कारण वाहनों के आवागमन से धूल उड़ रही थी। इसके अलावा निर्माण कार्य भी मानक के अनुसार नहीं हो रहा था। इसलिए इस उद्योग पर 50 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया है।

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