ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी ने हवाईअड्डे के लिए 606 करोड़ रुपए दिए, इस पैसे से यह बड़ा काम होगा

Jewar Airport : ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी ने हवाईअड्डे के लिए 606 करोड़ रुपए दिए, इस पैसे से यह बड़ा काम होगा

ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी ने हवाईअड्डे के लिए 606 करोड़ रुपए दिए, इस पैसे से यह बड़ा काम होगा

Tricity Today | जेवर एयरपोर्ट पर खास खबर

ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी ने हवाईअड्डे के लिए 606 करोड़ रुपए दिए, इस पैसे से यह बड़ा काम होगा Jewar Airport News : जेवर में बन रहे हैं नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे (Noida International Airport) को लेकर बड़ी खबर है। एयरपोर्ट के दूसरे चरण पर काम तेजी से करने के लिए ग्रेटर नोएडा विकास प्राधिकरण (Greater Noida Authority) ने शनिवार को 660 करोड रुपए दिए हैं। इस पैसे से नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे के दूसरे चरण के लिए जरूरी जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा। बोर्ड बैठक में यह प्रस्ताव रखा गया, जिसे मंजूरी दे दी गई है। प्राधिकरण ने जेवर एयरपोर्ट में अपनी हिस्सेदारी के मुताबिक 606 करोड़ रुपये दिए हैं। नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (Yamuna Authority) भी दूसरे चरण के लिए पैसा दे रहे हैं।

तीनों विकास प्राधिकरण की एयरपोर्ट में हिस्सेदारी 
आपको बता दें कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का विकास पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप के आधार पर किया जा रहा है। इस एयरपोर्ट में दो समूह हिस्सेदार हैं। पहला सरकारी और दूसरा प्राइवेट समूह है। सरकारी समूह में उत्तर प्रदेश सरकार और जनपद के तीनों प्राधिकरण (नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना अथॉरिटी) की हिस्सेदारी है। प्रदेश सरकार और नोएडा प्राधिकरण 37.5 -37.5% के हिस्सेदारी हैं। ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण 12.5-12.5% के हिस्सेदार हैं। इसके आधार पर सभी ने पैसा दिया है। चारों ने मिलकर नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड नाम से कंपनी बनाई है।

दूसरे चरण के लिए 2000 करोड़ रुपए का बजट
योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने बजट पेश करते हुए गौतमबुद्ध नगर के हिस्से में भारी भरकम 2000 करोड़ रुपए दिए थे। यह धनराशि राज्य सरकार ने जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट (Jewar Airport) का विस्तार करने के लिए आवंटित की है। राज्य में नागरिक उड्डयन को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने बड़ा बजट आवंटित किया है। जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट ने केवल गौतमबुद्ध नगर बल्कि उत्तर प्रदेश के विकास का ग्रोथ इंजन बन रहा है। इस परियोजना के लिए 2000 करोड़ रुपये की बजट व्यवस्था प्रस्तावित की गई। एयरपोर्ट के लिए पहले चरण का भूमि अधिग्रहण पूरा हो चुका है। यह बजट दूसरे चरण के लिए जरूरी जमीन खरीदने के लिए आवंटित किया गया है।

एयरपोर्ट में दो समूहों के छह हिस्सेदार
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का निर्माण दो समूहों के 6 हिस्सेदार मिलकर कर रहे हैं। इनमें एक सरकारी हिस्सेदारों का समूह है। दूसरा समूह प्राइवेट पार्टनर्स का है। सरकारी समूह में उत्तर प्रदेश सरकार, नोएडा अथॉरिटी, ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी और यमुना अथॉरिटी शामिल हैं। दूसरे समूह में जूरिख इंटरनेशनल एयरपोर्ट एजी की भारतीय कम्पनी के साथ अब स्टेट बैंक ऑफ इंडिया शामिल हो गया है। सोमवार को स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने इस प्रोजेक्ट के लिए 3,725 करोड रुपए के वित्तपोषण को स्वीकृति दी है। यह पैसा कर्ज और इक्विटी के रूप में दिया गया है।

किसे कितनी आमदनी होगी
एसबीआई को 3,725 करोड़ रुपये का कर्ज कम्पनी को देने के बदले हवाई अड्डे की आमदनी में 35 फीसदी इक्विटी भी मिली है। बाकि 65% आमदनी कम्पनी को मिलेगी। उत्तर प्रदेश सरकार और गौतमबुद्ध नगर के तीनों विकास प्राधिकरणों ने पहले चरण के लिए 1,334 हेक्टेयर जमीन किसानों से अधिग्रहित करके एयरपोर्ट को दी है। इसके बदले में इस समूह को जेवर एयरपोर्ट से आवागमन करने वाले प्रत्येक यात्री से 400.97 रुपए मिलेंगे। आपको बता दें कि ज्यूरिख एयरपोर्ट ने प्रति यात्री फीस के लिए 400.97 रुपये की बोली लगाई थी। दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड ने 351 रुपये, अडानी इंटरप्राइजेज ने 360 रुपये और एनकोरेज ने केवल 205 रुपये प्रति यात्री की बोली लगाई थी।

एयरपोर्ट की लागत में सरकारी हिस्सेदार (यूपी गवर्नमेंट और तीनों प्राधिकरण) जो पैसा खर्च कर रहे हैं, उसमें राज्य सरकार की हिस्सेदारी 37.5% है। नोएडा अथॉरिटी की हिस्सेदारी भी 37.5% है। इसी तरह ग्रेटर नोएडा की हिस्सेदारी 12.5% और यमुना अथॉरिटी की हिस्सेदारी भी 12.5% ही है। इसी अनुपात में 400.97 रुपए का बंटवारा इनके बीच होगा। मतलब, यूपी सरकार को प्रति यात्री 150.36 रुपये मिलेंगे। नोएडा को भी 150.36 रुपये मिलेंगे।

अन्य खबरे

Copyright © 2021 - 2022 Tricity. All Rights Reserved.