ग्रेटर नोएडा के बीएसएफ जवान नीतेश शर्मा आतंकियों से लोहा लेते हुए शहीद, डेढ़ वर्ष पहले हुए थे भर्ती

दुखद : ग्रेटर नोएडा के बीएसएफ जवान नीतेश शर्मा आतंकियों से लोहा लेते हुए शहीद, डेढ़ वर्ष पहले हुए थे भर्ती

ग्रेटर नोएडा के बीएसएफ जवान नीतेश शर्मा आतंकियों से लोहा लेते हुए शहीद, डेढ़ वर्ष पहले हुए थे भर्ती

Google Image | नीतेश शर्मा

ग्रेटर नोएडा के बीएसएफ जवान नीतेश शर्मा आतंकियों से लोहा लेते हुए शहीद, डेढ़ वर्ष पहले हुए थे भर्ती Greater Noida : ग्रेटर नोएडा के रहने वाले नीतेश शर्मा असम (गुवाहाटी) बॉर्डर पर आतंकियों से लोहा लेते हुए शहीद हो गए हैं। नीतेश शर्मा इस समय बीएसएफ में तैनात थे। आतंकियों ने बुधवार को गोली मारकर उन्हें घायल कर दिया था। उन्हें सेना के हॉस्पिटल ले जाया गया। जहां से उनको दिल्ली के लिए रेफर किया गया था। इलाज के दौरान नीतेश शर्मा की गुरुवार को उपचार के दौरान मौत हो गई है। मौत की खबर सुनने के बाद पूरे जेवर में मातम छा गया है।

कुल 21 साल के थे नीतेश शर्मा
गांव चांचली के रहने वाले 21 साल के नीतेश शर्मा असम में बॉर्डर पर तैनात थे। बुधवार की रात आतंकियों ने जवान पर गोलियां दाग दीं। इससे वह गंभीर रूप से लहूलुहान हो गए। सेना के जवानों ने घेराबंदी कर आतंकियों को घेरने का प्रयास किया, लेकिन वह जवानों को चकमा देकर फरार हो गए। 

इलाज के दौरान तोड़ा दम
सेना के अफसरों ने घायल जवान नीतेश शर्मा को गंभीर अवस्था में फ्लाइट से दिल्ली के एम्स अस्पताल में लाया गया। जहां उसने गुरुवार को उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। मौत की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया।

अभी शादी नहीं हुई थी
आपको बता दें कि करीब साढ़े 9 वर्ष पूर्व शहीद नीतेश शर्मा के पिता त्रिलोक चंद शर्मा का निधन हो गया था। जब नीतेश कुमार मात्र 11 वर्ष के थे। उसकी दो बहनें कृष्णा और प्रिया हैं। अभी उसकी शादी नहीं हुई थी।

दिल्ली में हुई नीतेश शर्मा की अंत्येष्टि
शहीद नीतेश शर्मा का अंतिम संस्कार उनके पुश्तैनी गांव चाचली में नहीं होकर दिल्ली में हुआ। राजकीय सम्मान के साथ अंतेष्टि की गई। बताया जाता है कि शहीद के चाचा संजय शर्मा और निरंजन शर्मा दिल्ली में ही रहते हैं। उनके पुश्तैनी गांव से करीब एक दर्जन गाड़ियों में ग्रामीण दाह संस्कार में शामिल होने के लिए दिल्ली गए थे।

डेढ़ वर्ष पहले सेना में भर्ती हुए थे नीतेश शर्मा
नितीश शर्मा डेढ़ वर्ष पूर्व ही सेना में भर्ती हुए थे। उनकी पोस्टिंग पहली दिल्ली में हुई। उसके बाद गुवाहाटी में तैनात थे। पिता का साया उठने के बाद परिवार की सारी जिम्मेदारी उनके कंधों पर थी। सेना में नीतिश शर्मा के शहीद होने के बाद परिवार में मातम पसर गया है और गांव के अलावा आस-पास के गांव में भी शोक की लहर दौड़ गई है।

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