दादरी में सम्राट मिहिरभोज की प्रतिमा के शिलालेख को ढका गया, किसी को पढ़ने की इजाजत नहीं

बड़ी खबर : दादरी में सम्राट मिहिरभोज की प्रतिमा के शिलालेख को ढका गया, किसी को पढ़ने की इजाजत नहीं

दादरी में सम्राट मिहिरभोज की प्रतिमा के शिलालेख को ढका गया, किसी को पढ़ने की इजाजत नहीं

Tricity Today | मिहिरभोज की प्रतिमा के शिलालेख को ढका गया

दादरी में सम्राट मिहिरभोज की प्रतिमा के शिलालेख को ढका गया, किसी को पढ़ने की इजाजत नहीं Greater Noida News : राजपूत समाज के विरोध के बावजूद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने बुधवार की दोपहर दादरी में सम्राट मिहिर भोज की प्रतिमा का अनावरण किया है। अब एक नया विवाद खड़ा हो गया है। जिसके बाद प्रतिमा के शिलालेख को ढक दिया गया है। शिलालेख पर क्या लिखा है, उसको देखने और पढ़ने की अभी किसी को इजाज़त नहीं है। इतना ही नहीं प्रतिमा की सुरक्षा के लिए भारी फोर्स तैनात कर दिया गया है। दूसरी ओर स्थानीय विधायक मास्टर तेजपाल सिंह नागर को गुर्जर बिरादरी के गुस्से का भाजन बनना पड़ रहा है।

सम्राट मिहिरभोज की प्रतिमा के साथ गुर्जर शब्द नहीं जोड़ा गया
पहले यह विवाद सम्राट मिहिर भोज के साथ गुर्जर शब्द जोड़ने को लेकर पैदा हुआ था। अब नया विवाद सम्राट के नाम के साथ गुर्जर शब्द नहीं जोड़ने पर हो रहा है। दरअसल, शिलापट्ट पर केवल सम्राट मिहिर भोज लिखा गया है। उसके आगे गुर्जर शब्द नहीं लिखा गया है। लोगों का कहना है कि समुदाय को भ्रमित करने के लिए दादरी के विधायक तेजपाल सिंह नागर ने प्लास्टिक की एक स्लिप पर गुर्जर लिखवाकर चिपकाई थी। जब मुख्यमंत्री अनावरण करने पहुंचे तो से कुछ मिनट पहले विधायक ने खुद उस स्लिप को हटा दिया। कार्यक्रम के तुरंत बाद गुर्जर समुदाय के युवा इस पर भड़क गए। विधायक के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। विधायक किसी तरह कार्यक्रम स्थल से निकले। हालात बिगड़ते देखकर गौतमबुद्ध नगर पुलिस ने शिलापट्ट पर कपड़ा ढकवा दिया है। अब किसी को भी शिलापट्ट पढ़ने की इजाजत नहीं है। साथ ही शिलापट्ट को कोई नुकसान न पहुंचा दें, इस बात को ध्यान में रखते हुए भारी फोर्स तैनात कर दिया गया है।

क्या है पूरा मामला
दादरी के डिग्री कॉलेज में गुर्जर विद्या सभा ने करीब एक साल पहले सम्राट मिहिर भोज की प्रतिमा लगाने की योजना पर काम शुरू किया था। दादरी समेत आसपास के क्षेत्र से सहयोग राशि लेकर अष्टधातु की 15 फुट ऊंची प्रतिमा का निर्माण करवाया गया। यह प्रतिमा विख्यात शिल्पकार राम सुतार ने बनाई है। इस प्रतिमा का अनावरण करने के लिए गुर्जर विद्या सभा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को आमंत्रित किया। मुख्यमंत्री का कार्यक्रम मिलने के बाद यह बात फैल गई कि सम्राट मिहिर भोज के नाम के साथ गुर्जर शब्द जोड़ा जा रहा है। इसका ठाकुर बिरादरी ने विरोध किया। हंगामा बढ़ता देखकर मामले को शांत करने के लिए भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने बीच का रास्ता निकाला। तय किया गया कि प्रतिमा के साथ राजपूत या गुर्जर शब्द नहीं जोड़ा जाएगा। 

इस पर गुर्जर समाज में विरोध शुरू हो गया
यह बात दादरी इलाके के गुर्जर समाज को नागवार गुजरी। कार्यक्रम से कुछ दिन पहले ही दादरी के विधायक तेजपाल नागर ने होर्डिंग लगवाए। इन पर गुर्जर शब्द का इस्तेमाल नहीं किया गया था। जिसका विरोध हुआ। युवकों ने सड़कों पर उतरकर होर्डिंग फाड़ दिए और विधायक का पुतला भी जलाया। इसके बाद प्रतिमा के शिलापट्ट पर गुर्जर शब्द लिखवाया गया। किंतु, गुर्जर शब्द पत्थर पर उत्कीर्ण नहीं किया गया। यह एक प्लास्टिक शीट पर लिखकर चिपका दिया गया। जिससे समाज के लोगों को सांत्वना दी जा सके।

सीएम के आने से ठीक पहले विधायक ने हटाई पट्टी
अब जब बुधवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस प्रतिमा का अनावरण करने पहुंचे तो कुछ मिनट पहले ही दादरी के विधायक तेजपाल नागर ने गुर्जर शब्द वाली प्लास्टिक शीट उखाड़ कर फेंक दी। मौके पर मौजूद गुर्जर विद्या सभा के पदाधिकारियों ने इसका विरोध भी किया। एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने यह पुष्टि की है कि विधायक तेजपाल नागर ने मुख्यमंत्री के मंच पर पहुंचने से ठीक पहले गुर्जर शब्द को हटाया। यह बात फैल गई और युवकों ने हंगामा शुरू कर दिया। दादरी विधायक तेजपाल नागर के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई है।

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