कौन हैं बसपा प्रत्याशी नरेंद्र डाढ़ा, पूरा राजनीतिक इतिहास, इन मुद्दों पर लड़ेंगे चुनाव

उम्मीदवार की कुंडली : कौन हैं बसपा प्रत्याशी नरेंद्र डाढ़ा, पूरा राजनीतिक इतिहास, इन मुद्दों पर लड़ेंगे चुनाव

कौन हैं बसपा प्रत्याशी नरेंद्र डाढ़ा, पूरा राजनीतिक इतिहास, इन मुद्दों पर लड़ेंगे चुनाव

Tricity Today | बसपा प्रत्याशी नरेंद्र डाढ़ा

कौन हैं बसपा प्रत्याशी नरेंद्र डाढ़ा, पूरा राजनीतिक इतिहास, इन मुद्दों पर लड़ेंगे चुनाव UP Assembly Election 2022 : यूपी में विधानसभा चुनाव का बिगुल बज चुका है। सबकी तैयारी जोर-शोर से चल रही हैं। जेवर विधानसभा सीट से बसपा प्रत्याशी नरेंद्र डाढ़ा चुनाव लड़ेंगे। इसकी घोषणा 18 अक्टूबर 2021 को हो चुकी है। नरेंद्र डाढ़ा जेवर विधानसभा में कोई नया चेहरा नहीं हैं। नरेंद्र डाढ़ा के बड़े भाई वीरेंद्र डाढ़ा उस समय से जेवर में राजनीति कर रहे हैं, जब कभी यह इलाका दादरी और सिकंदराबाद विधानसभा सीटों का हिस्सा हुआ करता था। नरेंद्र डाढ़ा का इतिहास राजनीतिक रहा है।

परिवार लम्बे अरसे से राजनीति में सक्रिय
नरेंद्र डाढ़ा ने कहा, "मेरे बड़े भाई वीरेंद्र डाढ़ा जेवर विधानसभा में काफी लंबे समय से राजनीति कर रहे हैं। वह डिस्ट्रिक्ट बोर्ड के चेयरमैन रह चुके हैं। वर्ष 2000 में जिला पंचायत अध्यक्ष थे। उन्होंने जिला पंचायत अध्यक्ष बनने के बाद राजकुमार भाटी के साथ मिलकर देहात मोर्चा की शुरुआत की थी। उन्होंने जेवर और दादरी विधानसभा क्षेत्र में रहने वाले करीब 550 से भी ज्यादा युवकों को स्थानीय कंपनियों में नौकरी दिलवाई। आज भी यामाहा, न्यू हॉलैंड और कई नामी कंपनियों में परमानेंट काम कर रहे हैं।"

उन्होंने आगे बताया कि जिला पंचायत अध्यक्ष बनने के बाद उनके भाई वीरेंद्र डाढ़ा ने किसानों को हक दिलाने के लिए प्राधिकरण से लंबी लड़ाई लड़ी। उन्होंने जिले के 152 स्कूलों में विकास और निर्माण कार्य करवाया। साल 2000 में बतौर जिला पंचायत अध्यक्ष उन्होंने 89 करोड़ रुपए का विकास कार्य करवाया था। वीरेंद्र डाढ़ा ने किसानों के लिए लड़ाई लड़ते हुए राष्ट्रीय किसान यूनियन की स्थापना की थी।

भाई ने कांग्रेस के टिकट पर लड़ा था चुनाव
नरेंद्र डाढ़ा ग्रेटर नोएडा में स्थित डाढ़ा गांव के निवासी हैं और वे गुर्जर समाज से तालुकात रखते हैं। अपने गांव के नाम पर नरेंद्र ने अपना नाम रखा है। नरेंद्र ने कहा, "साल 2007 में मेरे बड़े भाई वीरेंद्र डाढ़ा ने कांग्रेस के टिकट पर सिकंदराबाद विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा था। मैंने 2019 में लोकसभा चुनाव की तैयारी की थी लेकिन टिकट नहीं मिल पाया था। अब 2022 में बसपा सुप्रीमो बहन मायावती जी ने चुनाव लड़ने का आदेश दिया है। इसकी घोषणा 18 अक्टूबर 2021 को ही हो चुकी है। 

जेवर एयरपोर्ट मायावती की देन : नरेंद्र
नरेंद्र डाढ़ा का कहना है कि यह एक हकीकत है कि बहन कुमारी मायावती ने ही गौतमबुद्ध नगर का उद्धार किया है। मायावती गौतमबुद्ध नगर में स्थित बादलपुर गांव की रहने वाली हैं। उनकी वजह से ही आज गौतमबुद्ध नगर पूरे विश्व में चमक रहा है। लोगों को यह भी मानना होगा कि बहुजन समाज पार्टी की सरकार में ही यमुना प्राधिकरण का निर्माण हुआ था और जेवर एयरपोर्ट की पहली डीपीआर बहन कुमारी मायावती ने बनवाई थी।

डीयू से नरेंद्र डाढा ने पढ़ाई की
दिल्ली विश्वविद्यालय से पढ़े नरेंद्र डाढा लंबे समय से राजनीति में सक्रिय हैं। वर्ष 2001 में डीयू के रामजस कॉलेज से छात्र संघ के महासचिव रहे थे। साथ ही वर्ष 2002 में दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्र संघ चुनाव में अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ा था। वह एक राष्ट्रीय पार्टी के जिलाध्यक्ष और यूपी महासचिव भी रह चुके हैं। वर्ष 2017 से 2019 तक बसपा के दादरी विधानसभा के प्रभारी रहे हैं। नरेंद्र डाढ़ा ने ट्राईसिटी टुडे टीम से बात करते हुए बताया कि वह इन विभिन्न मुद्दों पर चुनाव लड़ेंगे। 

इन विभिन्न मुद्दों पर लड़ेंगे चुनाव
  1. पहला मुद्दा यह होगा कि महंगाई काफी तेजी के साथ बढ़ती जा रही है। अगर इस पर रोकथाम नहीं लगाई गई तो आम जनता और किसान को आने वाले समय में ज्यादा परेशानी होगी। वह महंगाई के खिलाफ लड़ाई लड़ेंगे।
  2. नोएडा और ग्रेटर नोएडा में काफी नेशनल और इंटरनेशनल कंपनियों ने निर्माण इकाई बनाई हैं, लेकिन यहां पर बसने वाली कंपनियां स्थानीय युवाओं को नहीं बल्कि 200 किलोमीटर से दूर आकर बसने वाले लोगों को रोजगार देती हैं। उन्होंने कहा, "यह हमारे जिले के साथ सौतेला व्यवहार है। मेरी दूसरी लड़ाई यह होगी कि सबसे पहले स्थानीय युवाओं को रोजगार दिलाएंगे। उसके बाद बाहर से आकर बसने वालों को रोजगार मिलेगा।
  3. पहले दनकौर ब्लॉक हुआ करता था। बसपा सुप्रीमो मायावती ने एक जिले को काटकर दूसरा जिला इसलिए बनाया था ताकि लोगों को किसी समस्या का सामना ना करना पड़े, लेकिन भारतीय जनता पार्टी की सरकार आने के बाद दनकौर ब्लॉक को जेवर ब्लॉक में मिला दिया गया। अगर वह जेवर विधानसभा से विधायक बनते हैं तो वह प्राथमिकता से जेवर ब्लॉक से वापस दनकौर ब्लॉक को बनवाने की कोशिश करेंगे। जिससे दोबारा से आम जनता को अपनी समस्याओं का समाधान करवाने के लिए दनकौर से जेवर नहीं जाना होगा।
  4. जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट से प्रभावित किसान आज काफी परेशान हैं। किसानों के साथ यमुना प्राधिकरण और भाजपा सरकार ने धोखा किया है। किसानों को उनकी पूरी जमीन नहीं दी गई, जिसकी वजह से किसान विभिन्न समस्याओं से जूझ रहे हैं। ऐसे में अगर वह विधायक चुने जाते हैं तो सबसे पहले उन किसानों के लिए लड़ाई लड़ेंगे, जो जेवर एयरपोर्ट विस्थापन से परेशान हैं।
  5. भारतीय जनता पार्टी सिर्फ हिंदू और मुस्लिम पर ही राजनीति करती है। वह कभी मानवता पर नहीं गए, लेकिन हम कभी भी हिंदू-मुस्लिम या फिर किसी जाति की राजनीति नहीं करेंगे। मानवता के लड़ाई लड़ेंगे। वह हिंदू-मुस्लिम या जाति से ऊपर उठकर मानवता की सेवा करेंगे। चाहे फिर वह किसी भी पार्टी या किसी भी जाति का व्यक्ति हो, उससे कोई फर्क नहीं पड़ता। वह हर व्यक्ति के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े होंगे।

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