गौतमबुद्ध नगर में कंटेनमेंट जोन की संख्या घटी, 563 स्थान हुए बाहर, गौर सिटी में भी राहत, देखिए अपने इलाके की स्थिति

BIG BREAKING: गौतमबुद्ध नगर में कंटेनमेंट जोन की संख्या घटी, 563 स्थान हुए बाहर, गौर सिटी में भी राहत, देखिए अपने इलाके की स्थिति

गौतमबुद्ध नगर में कंटेनमेंट जोन की संख्या घटी, 563 स्थान हुए बाहर, गौर सिटी में भी राहत, देखिए अपने इलाके की स्थिति

Tricity Today | गौतमबुद्ध नगर में राहत

भले ही गौतमबुद्ध नगर में कोरोना के मामलों के कोई कमी नहीं आ रही है। लेकिन जिले में कंटेनमेंट जोन की संख्या में कमी जरुर आई है। मंगलवार को जिला प्रशासन ने कंटेनमेंट जोन की नई लिस्ट जारी की है। जिसके मुताबिक अब जिले में टोटल कंटेनमेंट जोन की संख्या घटकर कुल 1750 हो गई है। तीन दिनों पहले जिले में कंटेनमेंट जोन की संख्या 2313 थी। यानी की जिले में अब 563 कंटेनमेंट जोन कम हो गए है।

गौतमबुद्ध नगर में रोजाना नोएडा और ग्रेटर नोएडा में रैपिड टेस्ट कैंप लगाकर बड़ी संख्या में मरीजों की पहचान की जा रही है। जिला प्रशासन ने मंगलवार की देर रात को नई कंटेनमेंट जोन की लिस्ट जारी की है। जिसके अनुसार गौतमबुद्ध नगर में टोटल कंटेनमेंट जोन की संख्या 1750 हो गई है। 

रिपोर्ट के मुताबिक इस समय गौर सिटी-2 में कंटेंटमेंट जोन की संख्या 32 है। नोएडा के सेक्टर-62 में टोटल कंटेनमेंट जोन की संख्या 60 है। ग्रेटर नोएडा में स्थित एडब्ल्यूएचओ सोसाइटी में भी कंटेंटमेंट जोन की संख्या कम हुई है। इस सोसाइटी में फिलहाल टोटल कंटेनमेंट जोन की संख्या 50 तक पहुंच गई है। गौर सिटी-1 में जिला प्रशासन की रिपोर्ट के मुताबिक अब कंटेंटमेंट जोन की संख्या 17 हो गई है। यानी कि ग्रेटर नोएडा वेस्ट में पहले के मुकाबले अब काफी राहत मिली हुई है।

आज की कोरोना रिपोर्ट
यूपी के स्टेट सर्विलांस ऑफिसर ने मंगलवार की दोपहर 3:00 बजे पिछले 24 घंटों की रिपोर्ट जारी की है। जिसमें बताया गया है कि गौतमबुद्ध नगर में इस दौरान 1229 संक्रमण के नए मामले सामने आए हैं। इसी दौरान 1117 मरीज जिले के अस्पतालों से स्वस्थ होकर अपने घर वापस पहुंच गए हैं। अब तक 47,474 लोग इस महामारी से निजात पा चुके हैं। हालांकि, पिछले 24 घंटों के दौरान दुर्भाग्यवश 12 लोगों की मौत भी हुई हैं। जिले में पिछले एक वर्ष के दौरान 339 लोग इस महामारी की चपेट में आकर मर चुके हैं। अभी जिले के अस्पतालों और होम आइसोलेशन में 8,340 सक्रिय मरीज हैं।

 

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