नोएडा पुलिस की एसआईटी ने पहली चार्जशीट दाखिल की, ट्राईसिटी टुडे के खुलासे पर लगी मुहर

चिटहेरा भूमि घोटाला : नोएडा पुलिस की एसआईटी ने पहली चार्जशीट दाखिल की, ट्राईसिटी टुडे के खुलासे पर लगी मुहर

नोएडा पुलिस की एसआईटी ने पहली चार्जशीट दाखिल की, ट्राईसिटी टुडे के खुलासे पर लगी मुहर

Tricity Today | चिटहेरा भूमि घोटाला

- गैंगस्टर भूमाफिया यशपाल तोमर और लेखपाल शीतला प्रसाद के खिलाफ चार्जशीट दाखिल
- यशपाल तोमर अभी हरिद्वार जेल में बन्द है और शीतला प्रसाद जमानत पर
- बाकी 9 आरोपियों के खिलाफ जांच कर रही गौतमबुद्ध नगर पुलिस की एसआईटी
- ट्राईसिटी टुडे की ओर से उठाए गए हर मुद्दे को चार्जशीट में सही माना गया

 

Greater Noida : आपके पसंदीदा न्यूज़ पोर्टल ट्राईसिटी टुडे को बड़ी कामयाबी मिली है। चिटहेरा भूमि घोटाले में गौतमबुद्ध नगर पुलिस की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) ने पहली चार्जशीट दाखिल कर दी है। खास बात यह है कि इस भूमि घोटाले का खुलासा करते हुए ट्राईसिटी टुडे ने किया और खबरों के माध्यम से जितने मुद्दे उठाए, उन सभी पर गौतमबुद्ध नगर पुलिस ने अपनी मुहर लगाई है। आपको बता दें कि चिटहेरा गांव में हुए अरबों रुपए के सरकारी भूमि घोटाले पर ट्राईसिटी टुडे करीब डेढ़ वर्षों से लगातार समाचार प्रकाशित कर रहा है।

ट्राईसिटी टुडे ने 27 नवंबर 2021 को पहला समाचार प्रकाशित किया
आपको बता दें कि आपके पसंदीदा न्यूज़ पोर्टल ट्राईसिटी टुडे ने इस घोटाले का खुलासा करते हुए शीर्षक "बड़ा खुलासा : ग्रेटर नोएडा में अरबों की सरकारी जमीन माफिया ने हड़पी, किसानों को फर्जी मुकदमों में जेल भिजवाया" से पहला समाचार प्रकाशित किया था। इसके बाद जांच शुरू हुई। गौतमबुद्ध नगर की अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) वंदिता श्रीवास्तव ने जांच की। जिसमें ट्राईसिटी टुडे की ओर से उठाए गए पूरे सारे मुद्दों को सही ठहराया। जिला प्रशासन ने यशपाल तोमर समेत 10 लोगों के खिलाफ पिछले साल 22 मई 2022 को एफआईआर दर्ज करवाई। पुलिस आयुक्त ने जांच के लिए एसआईटी का गठन किया। इसी बीच उत्तराखंड एसटीएफ ने यशपाल तोमर को गिरफ्तार किया। दूसरी तरफ एसआईटी ने चिटहेरा गांव के लेखपाल और दादरी के तत्कालीन नायब तहसीलदार को गिरफ्तार किया।

अब पुलिस ने दाखिल की है चार्जशीट
अरबों रुपये के सरकारी जमीन घोटाले में अब पुलिस ने पहली चार्जशीट जिला न्यायालय में दाखिल कर दी है। यह चार्जशीट घोटाले के मुख्य अभियुक्त भूमाफिया यशपाल तोमर और दादरी तहसील में कार्यरत लेखपाल शीतला प्रसाद के खिलाफ दाखिल की गई है। इस आरोप पत्र में 66 गवाहों के बयान दर्ज किए गए हैं और करीब साढ़े छह हजार दस्तावेज हैं। पुलिस ने जांच में पाया है कि चिटहेरा गांव में वर्ष 2017 से लेकर 2020 तक सैकड़ों करोड़ रुपए की जमीन भूमाफिया यशपाल तोमर और उसके गैंग ने हड़प ली। उसके साथ उत्तराखंड में तैनात कई आईपीएस, आईएएस अफसरों और नेताओं के रिश्तेदार भी शामिल हैं। पुलिस ने अदालत को बताया है कि एसआईटी ने यशपाल को रिमांड पर लेकर उससे पूछताछ की है। जिसके बाद चिटहेरा गांव के लेखपाल शीतला प्रसाद और तत्कालीन नायब तहसीलदार को गिरफ्तार किया गया। अब इस मामले में पुलिस ने पहली चार्जशीट यशपाल तोमर और शीतला प्रसाद के खिलाफ गौतमबुद्ध नगर जिला न्यायालय में दाखिल की है।

यशपाल तोमर पर हैं ये आरोप
पुलिस ने अपनी चार्जशीट में यशपाल तोमर को इस गैंग का सरगना करार दिया है। उस पर सरकारी जमीन को हड़पने का आरोप है। राजस्व रिकॉर्ड में फर्जीवाड़ा और जालसाजी करने का आरोप है। चिटहेरा गांव के किसानों को आतंकित करके उनके पट्टों की जमीन हड़पने और फर्जी मुकदमों में जेल भिजवाने का आरोप है। यह सारे मुद्दे ट्राईसिटी टुडे ने अपनी खबरों में उठाए हैं। एसआईटी ने यशपाल तोमर के खिलाफ आईपीसी की धारा 420, 467, 468, 471, 384 और अनुसूचित जाति जनजाति अधिनियम के तहत आरोप पत्र दाखिल किया गया है।

शीतला प्रसाद पर है ये आरोप
पुलिस की चार्जशीट के मुताबिक दादरी तहसील में कार्यरत लेखपाल शीतला प्रसाद पर भूमाफिया यशपाल तोमर और उसके गैंग का साथ देने का आरोप है। लेखपाल पर आरोप है कि उसने सरकारी जमीन भूमाफिया के इशारे पर निजी नामों पर दर्ज की है। शीतला प्रसाद के खिलाफ आईपीसी की धारा 420, 467, 468, 471 के अलावा आपराधिक षड्यंत्र रचने के आरोप में 120-बी के तहत आरोप पत्र दाखिल किया गया है। लेखपाल पर अनुसूचित जाति जनजाति के लोगों का शोषण और उत्पीड़न करने के आरोप भी हैं।

जल्दी एक और चार्जशीट दाखिल होगी
यशपाल तोमर के खिलाफ हरिद्वार में दर्ज मुकदमों की जमानत अर्जियां उत्तराखंड हाईकोर्ट ने खारिज कर दी हैं। उसने सुप्रीम कोर्ट से जमानत मांगी है। दूसरी ओर गौतमबुद्ध नगर में दर्ज मुकदमे की जमानत अर्जी जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने खारिज कर दी है। अब यशपाल ने इलाहाबाद हाईकोर्ट से जमानत मांगी है। दूसरी और गौतमबुद्ध नगर पुलिस की एसआईटी इस मामले में एक और चार्जशीट जल्दी अदालत में दाखिल करेगी। यह चार्जशीट दादरी तहसील के तत्कालीन ईआरके गोवर्द्धन के खिलाफ दाखिल होगी। ईआरके को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जमानत दे दी है।

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