अब आपके घर पर लगा क्यूआर कोड बताएगा, 'कूड़ा उठा या नहीं', ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की खास तैयारी

BIG BREAKING : अब आपके घर पर लगा क्यूआर कोड बताएगा, 'कूड़ा उठा या नहीं', ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की खास तैयारी

अब आपके घर पर लगा क्यूआर कोड बताएगा, 'कूड़ा उठा या नहीं', ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की खास तैयारी

Google Image | प्रतीकात्मक फोटो

अब आपके घर पर लगा क्यूआर कोड बताएगा, 'कूड़ा उठा या नहीं', ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की खास तैयारी
  • - घरों पर लगा क्यूआर कोड बताएगा “रोज कूड़ा उठ रहा है कि नहीं”
  • - डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन के नए टेंडर में प्राधिकरण ने किए कई नए प्रावधान
  • - जीपीएस से कनेक्ट होंगे कूड़ा ढोने में लगे हर वाहन
Greater Noida : आपके घर का कूड़ा रोज उठ रहा है कि नहीं, यह जानकारी ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण तक आपके घर पर लगे क्यूआर कोड से पहुंच जाएगी। अगर वेंडर की तरफ से नियमित रूप से कूड़ा उठाने में लापरवाही हो रही है तो प्राधिकरण उस पर कार्रवाई भी कर सकेगा। इस पहल से निवासियों के घरों रोज कूड़ा उठेगा। इससे ग्रेटर नोएडा को और स्वच्छ बनाने में बहुत मदद मिलेगी।

चयनित कंपनी अगले 10 साल तक घरों से कूड़ा उठाएगी
ग्रेटर नोएडा में रोजाना करीब 200 टन कूड़ा निकलता है। प्राधिकरण ने डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन का सिस्टम बना रखा है। इस काम में दो कंपनियां लगी हुई हैं। दोनों कंपनियों की समयावधि अगले माह खत्म हो रही है। इसे देखते हुए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ नरेंद्र भूषण के निर्देश पर जनस्वास्थ्य विभाग ने टेंडर निकाल दिया है। आवेदन प्राप्त करने की अंतिम तिथि 28 सितंबर है। 29 सितंबर को प्री-क्वालिफिकेशन बिड खुलेगी। चयनित कंपनी अगले 10 साल तक घरों से कूड़ा उठाएगी और उसे प्लांट तक पहुंचाएगी। 

प्राधिकरण ने किए कई बदलाव
कूड़ा उठाने की वर्तमान पद्धति में प्राधिकरण ने कई बदलाव किए हैं। प्राधिकरण डिजिटल तकनीक के जरिए कूड़ा उठाने की प्रक्रिया पर कड़ी नजर रखेगा। मसलन, हर घर पर क्यूआर कोड लगेगा। कूड़ा उठाने वाला कर्मचारी जब भी उस घर  से कूड़ा उठाने जाएगा तो वह मोबाइल स्कैनर के जरिए उसे स्कैन करेगा। स्कैन करते ही कूड़ा उठाए जाने की सूचना वेंडर तक पहुंच जाएगी। वेंडर इसकी मासिक सूचना प्राधिकरण के समक्ष रखेगा। 

गांव और सेक्टर के हर घर पर लगेगा क्यूआर कोड
ग्रेटर नोएडा के गांव हो या सेक्टर, सभी घरों में क्यूआर कोड लगेगा। इसी तरह कूड़ा उठाने में लगे वाहनों की निगरानी जीपीएस (ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम) तकनीक के जरिए भी होगी। इससे कौन सा वाहन किस एरिया में कब गया है,  यह जानकारी प्राधिकरण तक पहुंचती रहेगी। अभी तक सिर्फ सड़कों की मैकेनिकल स्वीपिंग में लगे वाहनों में ही जीपीएस का इस्तेमाल किया जा रहा था। कूड़े के प्रोसेसिंग प्लांट पर सीसटीवी कैमरे लगे होंगे। इसके जरिए कूड़ा ढोने में लगे वाहनों के आने-जाने पर नजर रखा जाएगा। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की वेबसाइट पर भी इसके बारे में पूरी जानकारी होगी। 

इस एप पर कर सकते है शिकायत 
डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन का नया सिस्टम लागू होने पर भी अगर कोई खामी रहती है तो निवासी ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के मित्रा एप पर शिकायत कर सकते हैं। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ नरेंद्र भूषण ने डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन का नया टेंडर जल्द फाइनल होने और निवासियों को और बेहतर सुविधाएं मिलने की उम्मीद जताई।

वेबसाइट पर होगी कूड़ा उठाने वाले कर्मचारियों का ब्योरा 
डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन के काम में लगे वेंडर के कर्मचारियों का ब्योरा ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की वेबसाइट पर होगा, ताकि लोगों को पता रहे कि उनके एरिया में कौन सफाईकर्मी तैनात है। उसका नाम, मोबाइल नंबर व आधार भी अपलोड होगा। अगर सफाई कर्मचारी कूड़ा उठाने में गैप करता है। वह एक-दो दिन नहीं आता है तो निवासी उस कर्मचारी को कॉल करके शिकायत भी कर सकेंगे। यह व्यवस्था भी पहली बार लागू होने जा रही है।

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