ऐमनाबाद गांव के लोग हुए शहीद मेजर रोहित के खिलाफ, क्या देश से बड़ी हुई जाति?

ग्रेटर नोएडा वेस्ट में गन्दी पॉलिटिक्स : ऐमनाबाद गांव के लोग हुए शहीद मेजर रोहित के खिलाफ, क्या देश से बड़ी हुई जाति?

ऐमनाबाद गांव के लोग हुए शहीद मेजर रोहित के खिलाफ, क्या देश से बड़ी हुई जाति?

Tricity Today | शहीद के नाम पर गोल चक्कर का नाम रखने का विरोध।

ऐमनाबाद गांव के लोग हुए शहीद मेजर रोहित के खिलाफ, क्या देश से बड़ी हुई जाति? Greater Noida West : ग्रेटर नोएडा वेस्ट में रहने वाले मेजर रोहित हेलीकॉप्टर क्रैश में शहीद हो गए। उनको सच्ची श्रद्धांजलि देने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने ग्रेटर नोएडा वेस्ट में स्थित ऐस सिटी गोल चक्कर का नाम "शहीद मेजर रोहित चौक" के नाम से पारित किया। आज मेजर रोहित सिंह की प्रथम पुण्यतिथि है। आज के दिन ही ऐस सिटी गोल चक्कर का नाम शहीद मेजर रोहित चौक रखा जाना था, लेकिन उससे पहले ही यहां के लोकल लोगों ने बहुत ही शर्मनाक काम किया है। ऐमनाबाद गांव के लोगों ने शहीद के नाम पर गोल चक्कर का नाम रखने का विरोध किया और "ऐमनाबाद गुर्जर चौक" के नाम से बोर्ड लगा दिया। बताया जा रहा है कि इसमें एक स्थानीय नेता का हाथ है। लोगों का कहना है कि यह बेहद शर्मनाक कार्य है।

मेजर रोहित जम्मू-कश्मीर में हुए शहीद
दरअसल, ग्रेटर नोएडा वेस्ट में स्थित ऐस सिटी सोसाइटी में रहने वाले मेजर रोहित जम्मू-कश्मीर में शहीद हो गए थे। जिसके बाद पहली बार उनके परिजनों ने 8 नवंबर 2021 को पहला पत्र लिखते हुए मांग की थी कि ऐस सिटी गोल चक्कर का नाम "शहीद मेजर रोहित चौक" से रखा जाए। इस मांग को जेवर के धीरेन्द्र सिंह ने योगी आदित्यनाथ के सामने उठाया था। जिसके बाद योगी सरकार ने ऐस सिटी गोल चक्कर का नाम "शहीद मेजर रोहित चौक" रखने के लिए पारित किया।

ऐमनाबाद गांव के लोगों का शर्मनाक कारनामा
मेजर रोहित के परिजनों ने बताया, "आज रोहित की प्रथम पुण्यतिथि है। आज 21 सितंबर 2022 को ऐस सिटी गोल चक्कर का नाम मेजर रोहित के नाम पर रखा जाना था। इसको लेकर ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने भी अपनी पूरी तैयारी कर ली थी, लेकिन प्राधिकरण द्वारा मेजर रोहित के नाम का बोर्ड लगाने से पहले ऐमनाबाद गांव के कुछ लोगों ने गोल चक्कर पर आकर विरोध करना शुरू कर दिया। ऐमनाबाद गांव के लोग गोल चक्कर पर बैठ गए और कहने लगे कि शहीद मेजर रोहित बाहर के हैं। जबकि, शहीद का पूरा परिवार पिछले करीब 5 सालों से ग्रेटर नोएडा वेस्ट की सोसाइटी में रह रहा है। पूरे परिवार का दादरी विधानसभा का वोटर आईडी कार्ड बना हुआ है।"

पूरे कारनामे में लोकल नेता का हाथ
रोहित के परिजनों का कहना है, "यह काम शायद बसपा के पूर्व प्रत्याशी का है। बसपा प्रत्याशी भी शायद उनके साथ थे। शहीद-सैनिक के लिए ऐसा विरोध समझ में नहीं आ रहा है। यह राजनीति लग रही है। शहीद-सैनिक तो पूरा देश का होता है।"

गांव के लोगों ने गलत किया : श्याम सिंह भाटी
अखिल भारतीय गुर्जर वीर गुर्जर महासभा के उपाध्यश श्याम सिंह भाटी का कहना है, "ऐमनाबाद गांव के लोगों ने गलत किया है। किसी शहीद के खिलाफ विरोध करना सही नहीं है। शहीद पूरे देश के होते हैं। अगर गांव के लोगों की कुछ मांग है तो उनको नियमों के तरीके से काम करना चाहिए। मांग करने पर सिटी पार्क का नाम मिहिर भोज और स्टेडियम का नाम शहीद विजय सिंह पथिक रखा गया। शहीदों के नाम पर किसी को विरोध नहीं करना चाहिए। शहीद सर्व समाज और राष्ट्रीय के होते हैं।"

"क्या गांव किसी शहीद से ऊपर हो गया है?"
ग्रेटर नोएडा वेस्ट की रहने वाली और समाज सेविका रश्मि पांडेय का कहना है, "क्या गांव किसी शहीद से ऊपर हो गया है? अगर गांव के कुछ लोगों को आपत्ति है तो उनको दस्तावेज के आधार पर काम करना चाहिए, वैसे भी शहीद किसी स्थान के नहीं बल्कि पूरे देश के होते हैं। यह तो ग्रेटर नोएडा वेस्ट के लिए गर्व की बात है कि किसी गोल चक्कर का नाम एक शहीद के नाम पर रखा जा रहा है।"

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