फुट ओवरब्रिज बनाने की योजना फ्लॉप, अब अथॉरिटी नए सिरे से करवा रही डिजाइनिंग

ग्रेटर नोएडा : फुट ओवरब्रिज बनाने की योजना फ्लॉप, अब अथॉरिटी नए सिरे से करवा रही डिजाइनिंग

फुट ओवरब्रिज बनाने की योजना फ्लॉप, अब अथॉरिटी नए सिरे से करवा रही डिजाइनिंग

Google Image | प्रतीकात्मक फोटो

फुट ओवरब्रिज बनाने की योजना फ्लॉप, अब अथॉरिटी नए सिरे से करवा रही डिजाइनिंग Greater Noida News : ग्रेटर नोएडा शहर के भीड़ भरे चौराहों पर सड़क पार करने के लिए फुटओवर ब्रिज बनाने की योजना 5 साल में भी परवान नहीं चढ़ पाई है। शुरू में 5 जगहों पर फुटओवर ब्रिज बनाने की योजना तैयार की गई थी। फिर संख्या घटाकर 3 कर दी गई। मिली जानकारी के मुताबिक शहर में फुटओवर ब्रिज बनाने के लिए प्राधिकरण को कोई कंपनी एप्रोच नहीं कर रही है। जिसकी वजह से यह प्रोजेक्ट बार-बार टाला जा रहा है। अब प्राधिकरण ने नए सिरे से फुटओवर ब्रिज का डिजाइन तैयार करने की जिम्मेदारी एपीजे इंस्टीट्यूट ऑफ आर्किटेक्चर को सौंपा है।

अब शहर में इन 3 जगहों पर बनाए जाएंगे फुटओवर ब्रिज
ग्रेटर नोएडा के निवासियों की सुविधा को देखते हुए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की तरफ से तीन फुटओवर ब्रिज बनाने का निर्णय लिया गया है। ये तीनों फुटओवर ब्रिज बीओटी (बिल्ड ऑपरेट एंड ट्रांसफर) के आधार पर बनेंगे। ये एफओबी कैलाश अस्पताल के सामने, गामा शॉपिंग मॉल के सामने, कलेक्ट्रेट ऑफिस के सामने बनाए जाएंगे। इसमें आधुनिक सुविधाओं के साथ ही लिफ्ट की सुविधा भी मिलेगी। यह फैसला इसी साल 25 सितंबर को प्राधिकरण की बोर्ड बैठक में लिया गया था। इसके बाद प्राधिकरण ने इच्छुक कंपनियों से आवेदन मांगे थे। आवेदन प्राधिकरण की वेबसाइट पर ऑनलाइन किए जाने थे। जानकारी मिली है कि किसी कंपनी ने शहर में फुट ओवरब्रिज बनाने के लिए आवेदन नहीं किया।
                          
नए सिरे से डिजाइन तैयार कराने में जुटा प्राधिकरण
सूरजपुर-कासना रोड पर जगत फार्म के सामने भीड़भाड़ को खत्म करने की कोशिश ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण कर रहा है। प्राधिकरण इसके लिए नए सिरे से डिजाइन तैयार करवा रहा है। प्राधिकरण के सीईओ कार्यालय की ओर से बताया गया है कि डिजाइन फाइनल होते ही प्रोजेक्ट पर काम शुरू होगा। बीते बृहस्पतिवार को प्राधिकरण के सीईओ नरेंद्र भूषण के सामने एपीजे स्कूल ऑफ आर्किटेक्ट एंड डिजाइन ने प्रस्तुतिकरण दिया है। सीईओ ने संस्थान से एक सप्ताह में विस्तृत परियोजना रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है।

परी चौक और गौड़ सिटी चौराहा को लेकर सस्पेंस
जगत फार्म ग्रेटर नोएडा की सबसे बड़ी मार्केट है। पूरे शहर से खरीदार यहां अपनी जरूरत के सामानों की खरीदारों के लिए आते हैं। सूरजपुर-कासना रोड के दूसरी तरफ तमाम इंस्टीट्यूट बने हुए हैं। उधर से बड़ी तादात में छात्र मार्केट आते हैं और रोड पार करते हैं। तमाम ऑटो वाले सवारी के इंतजार में वहीं खड़े रहते हैं। आसपास भीड़भाड़ जैसा नजारा बना होता है। पैदल व साइकिल सवारों को भी दिक्कत होती है। वाहनों की आवाजाही प्रभावित होती है। जगत फार्म के सामने फुटओवर ब्रिज बनाने के लिए प्राधिकरण प्रयासरत है। दूसरी तरफ ग्रेटर नोएडा के सबसे व्यस्त चौराहे परी चौक और ग्रेटर नोएडा वेस्ट के गौर सिटी चौराहे पर फुट ओवरब्रिज बनाने की योजना ठंडे बस्ते में चली गई है।

अब डिजाइन और सुविधाओं में बदलाव की तैयारी
परियोजना परवान नहीं चढ़ी तो अथॉरिटी में नए सिरे से डिजाइन और सुविधाओं में बदलाव करने की बात कही है। क्या-क्या सुविधाएं विकसित की जा सकती हैं, इस पर एपीजे स्कूल ऑफ आर्किटेक्चर एंड प्लानिंग की चार सदस्यीय टीम ने सीईओ नरेंद्र भूषण के सामने प्रस्तुतिकरण दिया है। बताया है कि ऑटो स्टैंड बनाने, पैदल चलने वालों के लिए फुटपाथ, अलग-अलग बने साइकिल ट्रैक को जोड़ना होगा। सीईओ ने संस्थान से एक सप्ताह में विस्तृत परियोजना रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा। सीईओ ने उन सुझावों को समावेश करने को कहा है।

एपीजे इंस्टीट्यूट का डिजाइन राइट्स को भेजा जाएगा
इंस्टीट्यूट के सुझावों पर ग्रेटर नोएडा की ट्रैफिक सलाहकार संस्था राइट्स परीक्षण करेगी। प्रस्तुतिकरण के दौरान ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के एसीईओ अमनदीप डुली, महाप्रबंधक नियोजन मीना भार्गव, डीजीएम केआर वर्मा, वरिष्ठ प्रबंधक एके सक्सेना आदि मौजूद रहे जबकि इंस्टीट्यूट की तरफ से डॉ.बिपाशा कुमार, कनिका वर्मा, ज्योत्सना गौड़, कामिनी सिंह ने प्रस्तुतिकरण दिया। कुल मिलाकर यह प्रोजेक्ट अभी कागजों और फाइलों में ही चक्कर काट रहा है।

जहां जरूरत, वहां अथॉरिटी का ध्यान नहीं
फुटओवर ब्रिज प्रोजेक्ट को लेकर शहर के लोग भी संतुष्ट नहीं हैं। ग्रेटर नोएडा वेस्ट की सामाजिक संस्था 'वूमन ऑन व्हील्स' की संस्थापिका विजेता पांडेय ने कहा, "प्राधिकरण को सबसे पहले ग्रेटर नोएडा वेस्ट के गौड़ सिटी चौराहे पर फुटओवर ब्रिज बनाना चाहिए। यहां 24 घण्टे ट्रैफिक रहता है। लोगों को सड़क पार करने के लिए जान जोखिम में डालनी पड़ती है। हम यहां जबसे आकर बसे हैं, तभी से सुन रहे हैं कि फुटओवर ब्रिज बनेगा। अब पता चला है कि प्राधिकरण की योजना में यह नहीं है।" ग्रेटर नोएडा की अग्रणी सामाजिक संस्था एक्टिव सिटीजन टीम के संस्थापक सदस्य आलोक सिंह का कहना है, "प्राधिकरण को सबसे पहले यह देखना चाहिए की अति-आवश्यकता कहां है? क्या परी चौक पर दिनभर लोग तेज रफ्तार वाहनों के बीच से होकर सड़क पार नहीं कर रहे हैं। सही मायने में सबसे पहले परी चौक पर फुटओवर ब्रिज बनाया जाना चाहिए। एनआरआई सिटी और अंसल प्लाजा के बीच व मेट्रो स्टेशन से दोनों और आवागमन में लोगों को परेशानी होती है।"

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