पीएमओ ने अथॉरिटी की सीईओ से मांगा जवाब, पता नहीं कहां अटक गई 3 एसीईओ की जांच

ग्रेटर नोएडा नियुक्ति घोटाला : पीएमओ ने अथॉरिटी की सीईओ से मांगा जवाब, पता नहीं कहां अटक गई 3 एसीईओ की जांच

पीएमओ ने अथॉरिटी की सीईओ से मांगा जवाब, पता नहीं कहां अटक गई 3 एसीईओ की जांच

Tricity Today | प्रतीकात्मक फोटो

Greater Noida : ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी (Greater Noida Authority) में हुए फर्जी नियुक्ति घोटाले का मामला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) के दरबार तक जा पहुंचा है। मेरठ में रहने वाले नील कमल ने इस मामले में प्रधानमंत्री कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई है। प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से मामले में जल्दी कार्रवाई करके अवगत कराने को कहा गया है। प्रधानमंत्री कार्यालय में शिकायत पहुंचने से ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी में हडकंप मचा हुआ है। आपको बता दें कि इस मामले की जांच करने के लिए तीन अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी की समिति गठित है। समिति ने जांच पूरी कर ली है। रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।

मेरठ का निवासी पीएमओ पहुंच गया
नील कमल की ओर से प्रधानमंत्री कार्यालय में दर्ज कराई गई शिकायत में आरोप लगाया है कि ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी में फर्जी तरीके से अधिकारियों ने रात में जैम पोर्टल खोलकर भर्तियां की हैं। गुप-चुप तरीके से अपने बेटा, बहु, नाती, रिश्तेदार, भाई, भतीजे समेत 35 लोगों को नियुक्त कर लिया। इसके साथ ही राधा कष्णा सर्विस प्रोवाईडर एजेंसी से भी 35 लोगों की भर्ती की। फर्जी तरीके से कुल 70 कर्मचारियों की भर्ती की गई हैं। इस मामले की शिकायत समाज सेवी राजेंद्र सिंह और आदेश त्यागी ने सीएम पोर्टल पर की गई। इन दोनों शिकायत करने वालों से उल्टा सबूत मांग लिए गए।

कहां अटक गई तीन एसीईओ की जांच
सीईओ रितु महेश्वरी ने एसीईओ प्रेरणा शर्मा की अध्यक्षता जांच कमेटी बनाई। राजेंद्र सिंह और आदेश त्यागी ने जांच समिति के सामने 28 अक्टूबर को लिखित रूप में बयान दर्ज करवाए और सबूत भी उपलब्ध कराए। राजेंद्र सिंह और आदेश त्यागी का कहना है कि अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। समिति ने अब तक अपनी रिपोर्ट सीईओ को नहीं सौंपी है। वहीं, मेरठ मेडिकल के निवासी नील कमल इस मामले को लेकर दिल्ली प्रधानमंत्री कार्यालय जा पहुंचे हैं। नील कमल ने प्रधानमंत्री कार्यालय में सौपे गए पत्र में पूरे मामले का विस्तार पूर्वक जिक्र किया है।

बस अपनों के लिए निकलीं भर्तियां
उन्होंने बताया कि ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी के स्टाफ अफसर वीपी नवानी ने अपने बेटे को अथॉरिटी के बिजली विभाग में नौकरी दिलवाई। एसीईओ अमनदीप डुली के स्टाफ अफसर राजाराम मोर्या ने अपने दो भतीजों को नौकरी दिलवाई हैं। एसीईओ अमनदीप डुली के चपरासी ध्रुव सिंह ने अपने दो बेटे नौकरी पर लगवाए हैं। निजी सचिव और सीआर सेल के प्रभारी गजेंद्र चौधरी ने अपनी पत्नी, बेटा, दो भतीजों, बहु, रिश्तेदार अमित भाटी, रितिक और लवांश भाटी समेत 10 लोगों को नौकरी पर लगवाया है। जैम पोर्टल पर जिस एजेंसी के जरिए भर्ती की गई, उस एजेंसी के मालिक ने भी कोई कसर नहीं छोड़ी है। उसने अपने दो रिश्तेदारों को नौकरी लगवाया है। एचआर विभाग में तैनात मैनेजर ने अपने दो रिश्तेदारों को नौकरी लगवाया है।

अब पीएमओ में अथॉरिटी से मांगा जवाब
इस तरह से ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी के अधिकारी और कर्मचारियों ने भर्ती में बंदरबाट कर ली। किसी तरह का कोई विज्ञापन आम युवाओं के लिए नहीं निकाला गया है। आदेश त्यागी जैसे काबिल युवाओं ने आवेदन कर दिया तो उनका परीक्षा परिणाम आज तक जारी नहीं किया गया है। भर्ती करने का कोई तरीका नहीं अपनाया गया। प्रधानमंत्री कार्यालय में शिकायत पहुंचते ही ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी में हलचल मची हुई है।

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