जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिए धारा-11 घोषित, जानिए क्या है इसका मतलब

BIG BREAKING : जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिए धारा-11 घोषित, जानिए क्या है इसका मतलब

जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिए धारा-11 घोषित, जानिए क्या है इसका मतलब

Tricity Today | प्रतीकात्मक फोटो

जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिए धारा-11 घोषित, जानिए क्या है इसका मतलब Noida News : जेवर में बन रहे नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे (Noida International Airport) से जुड़ी बड़ी खबर है। गौतमबुद्ध नगर के जिलाधिकारी ने एयरपोर्ट के दूसरे फेज से जुड़ी भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया में धारा-11 की घोषणा कर दी है। पिछले सप्ताह जिलाधिकारी सुहास एलवाई ने धारा-11 की घोषणा करने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार से मंजूरी मांगी थी। मंजूरी मिलने के बाद शुक्रवार को इसकी घोषणा कर दी गई। आपको बता दें कि दूसरे फेज को जमीन दे रहे किसानों में से करीब 70% ने सहमति दे दी है। कुल मिलाकर अब इस महत्वकांक्षी इंफ्रास्ट्रक्चरल डेवलपमेंट प्रोजेक्ट के रास्ते की सारी अड़चनें खत्म हो गई हैं।

क्या है धारा-11
भू-अर्जन अधिनियम 2013 की धारा-11 के तहत भूमि अधिग्रहण की प्रारंभिक अधिसूचना का प्रकाशन किया जाता है। तत्पश्चात अधिकारियों के अधिकार निर्धारित किए गए हैं। यह धारा कहती है कि जब भी सरकार को यह प्रतीत होता है कि किसी भी सार्वजनिक उद्देश्य के लिए किसी भी क्षेत्र में भूमि की आवश्यकता है या आवश्यकता होने की संभावना है, अधिग्रहण की जाने वाली भूमि के विवरण के साथ एक अधिसूचना ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में प्रकाशित की जाएगी। यह अधिसूचना आधिकारिक राजपत्र में प्रकाशित होगी। ऐसे क्षेत्र के इलाके में प्रसारित होने वाले दो दैनिक समाचार पत्रों में प्रकाशित की जाएगी। सूचना एक क्षेत्रीय भाषा वाले अखबार प्रकाशित करना जरूरी होगा। जिले की पंचायत, नगर पालिका या नगर निगम में स्थानीय भाषा में और जिला कलेक्टर, अनुविभागीय मजिस्ट्रेट और तहसील के कार्यालयों में प्रकाशन करना होगा।

अब क्या फर्क पड़ेगा
जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे के लिए जिन छह गांवों में भूमि अधिग्रहण किया जा रहा है, वहां के किसान जमीन नहीं भेज पाएंगे। कोई अन्य व्यक्ति भी जमीन की खरीद-फरोख्त नहीं कर पाएगा। अगर अब के बाद कोई इस तरह की जमीन से जुड़ी खरीद-फरोख्त करता है तो उसे अवैध माना जाएगा। ऐसे लोगों को इन गांवों के मूल किसान ना मानते हुए भूमि अधिग्रहण से संबंधित लाभ नहीं दिए जाएंगे। इतना ही नहीं जेवर तहसील के प्रॉपर्टी रजिस्ट्रार कार्यालय में यह अधिसूचना दाखिल हो गई है। सभी 6 गांवों में प्रॉपर्टी के बैनामे प्रतिबंधित कर दिए गए हैं।

पहले चरण में 1334 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण हुआ
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट जेवर के पहले चरण के लिए 1334 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया गया था। इस पर एयरपोर्ट का निर्माण कार्य शुरू हो चुका है। स्विस कंपनी इस एयरपोर्ट के निर्माण कार्य को कर रही है। सितंबर 2024 में जेवर एयरपोर्ट से उड़ाने शुरू हो जाएंगी। इसके साथ ही जेवर एयरपोर्ट के दूसरे चरण के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है। जिला प्रशासन इस प्रक्रिया को पूरा कर रहा है। 

दूसरे चरण में 1365 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण होगा
दूसरे चरण में 1365 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया जाना है। अधिग्रहण से पहले इन 6 गांव में सोशल इंपैक्ट एसेसमेंट (एसआईए) कराया गया। यह सर्वे गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय की टीम ने किया था। एसआईए रिपोर्ट सौंपने के बाद किसानों की सहमति लेने का काम शुरू किया गया। एडीएमएल ए बलराम सिंह की अगुवाई में किसानों से सहमति लेने का काम तेजी से चल रहा है। अधिकारियों को उम्मीद है कि है काम बहुत जल्द पूरा हो जाएगा।

किस गांव की कितनी जमीन का होगा अधिग्रहण
दूसरे चरण में करौली बांगर, दयानतपुर, कुरैब, रन्हेरा, मुंढरह और बीरमपुर की जमीन का अधिग्रहण होना है। इन गांव के करीब 5 हजार खाताधारकों से सहमति ली जानी है। जिला प्रशासन अब तक 1650 किसानों से सहमति ले चुका है। बाकी किसानों से सहमति लेने का काम चल रहा है। 1365 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहण होना है। इसमें 124 हेक्टेयर सरकारी जमीन है। इसे सीधा नागरिक उड्डयन विभाग के नाम करा दिया जाएगा। 57 हेक्टयर जमीन का यीडा पहले से अधिग्रहण कर चुका है। इसके अलावा करौली बांगर की 159 हेक्टेयर, दयानतपुर की 145, कुरैब की 326, रन्हेरा की 458 मुंढरह की 46 और बीरमपुर की 49 हेक्टेयर जमीन शामिल है। 

2,890 करोड रुपए का मुआवजा बांटा जाएगा
जमीन अधिग्रहण के बदले किसानों को 2,890 करोड़ का मुआवजा बांटा जाएगा। यह मुआवजा करौली बांगर, दयानतपुर, कुरैब, रन्हेरा, मुंढरह और बीरमपुर के किसानों को मिलेगा। मुआवजा सीधे किसानों के बैंक खाते में भेजा जाएगा। पहले चरण में भी किसानों के खाते में ही पैसा भेजा गया था।
 

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