हाईकोर्ट ने कहा- एनपीएस न लेने वाले शिक्षकों का वेतन नहीं रुकेगा, जिले में अब तक तनख्वाह नहीं दी

गौतमबुद्ध नगर की बीएसए सबसे ऊपर : हाईकोर्ट ने कहा- एनपीएस न लेने वाले शिक्षकों का वेतन नहीं रुकेगा, जिले में अब तक तनख्वाह नहीं दी

हाईकोर्ट ने कहा- एनपीएस न लेने वाले शिक्षकों का वेतन नहीं रुकेगा, जिले में अब तक तनख्वाह नहीं दी

Tricity Today | बीएससी ऐश्वर्या लक्ष्मी

Greater Noida/Allahabad : गौतमबुद्ध नगर की जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी सबसे ऊपर हैं। हाईकोर्ट और सरकार से ऊपर बीएसए की हठधर्मिता है। यह किसी और का नहीं जिले के शिक्षकों का कहना है। दरअसल, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने नई पेंशन योजना में शामिल नहीं होने वाले कर्मचारियों का वेतन रोकने संबंधी राज्य सरकार के आदेश पर रोक लगा दी है। 16 दिसंबर 2022 को जारी शासनादेश में कहा गया है कि जिस कर्मचारी ने नई पेंशन योजना के लिए रजिस्ट्रेशन नहीं कराया है, उनका वेतन रोक दिया जाए। कोर्ट ने इस मामले में राज्य सरकार से जवाब मांगते हुए कहा है कि अगले आदेश तक एनपीएस न अपनाने वाले याचियों का वेतन न रोका जाए। हाईकोर्ट का आदेश आने के बाद पूरे राज्य में प्राइमरी शिक्षकों का वेतन जारी कर दिया गया है। केवल गौतमबुद्ध नगर में अब तक शिक्षक वेतन की बाट जोह रहे हैं।

एनपीएस के प्रावधान उचित नहीं
एनपीएस नहीं अपनाने वाले कर्मचारियों को वेतन जारी करने का यह आदेश न्यायमूर्ति नीरज तिवारी ने शिवम शर्मा और 316 अन्य कर्मचारियों की याचिका पर दिया है। वेतन रोकने वाले शासनादेश को सैकड़ों कर्मचारियों ने याचिकाएं दाखिल करके चुनौती दी है। शासनादेश में यह प्रावधान है कि जो कर्मचारी नई पेंशन योजना नहीं अपनाएंगे, उनका वेतन रोक दिया जाएगा। याचियों के अधिवक्ता अग्निहोत्री कुमार त्रिपाठी ने कोर्ट को बताया कि राज्य सरकार ने 16 दिसंबर 2022 को शासनादेश जारी कर यह प्रावधान किया है कि नेशनल पेंशन स्कीम (एनपीएस) में रजिस्ट्रेशन न कराने वाले कर्मचारियों का वेतन रोक दिया जाएगा। याचियों का कहना है कि नेशनल पेंशन स्कीम के प्रावधान इस प्रकार के हैं कि इसे अपनाने के लिए किसी कर्मचारी को बाध्य नहीं किया जा सकता है। 

कोर्ट ने कहा- वेतन नहीं रुकेगा
अधिवक्ता अग्निहोत्री कुमार त्रिपाठी ने कहा कि एनपीएस नहीं लेने वाले कर्मचारी का वेतन रोका नहीं जा सकता है। याचिका में कहा गया कि इस मामले में हाईकोर्ट ने पूर्व में दाखिल कई याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए वेतन कटौती के आदेश पर रोक लगा रखी है। कोर्ट ने प्रकरण को सुनवाई के लिए स्वीकार करते हुए राज्य सरकार से जवाब दाखिल करने को कहा है। साथ ही कहा है कि अगली सुनवाई तक याचियों का वेतन नहीं रोका जाएगा।
उल्लेखनीय है कि नई पेंशन योजना अपनाने के खिलाफ कर्मचारी लंबे समय से लामबंद हैं। राज्य सरकार के कर्मचारी इसका विरोध कर रहे हैं। सरकार ने कर्मचारियों को नई पेंशन योजना अपनाने के लिए शासनादेश जारी करते हुए ऐसे कर्मचारियों का वेतन रोके जाने की चेतावनी दी है।

गौतमबुद्ध नगर में शिक्षकों को वेतन नहीं
हाईकोर्ट का यह आदेश आने के बाद पूरे राज्य में एनपीएस नहीं अपनाने वाले सरकारी कर्मचारियों को वेतन दे दिया गया है। गौतमबुद्ध नगर में शिक्षकों को वेतन नहीं दिया जा रहा है। जिले में करीब 300 शिक्षकों को वेतन नहीं दिया जा रहा है। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष प्रवीण शर्मा का कहना है कि बीएसए मनमानी कर रही हैं। केवल हमारे जिले में वेतन रोककर रखा है। शिक्षकों के घरों की ईएमआई रुक गई हैं। कई परिवारों में शादियां हैं। शिक्षकों के बच्चे बीटेक, बीएड और एमबीए कर रहे हैं, उनकी फीस जानी है। बीएससी ऐश्वर्या लक्ष्मी फोन तक नहीं उठाती हैं। उनसे बात करना भी आसान बात नहीं है। इस पूरे मुद्दे पर बात करने के लिए ट्राईसिटी टुडे की ओर से जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ऐश्वर्या लक्ष्मी को फोन किया गया। उन्होंने फोन नहीं उठाया। एसएमएस के जरिए सवाल लिखकर भेजा गया। उसका भी उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया है। लिहाजा, जिले के अध्यापकों की बात सही है कि गौतमबुद्ध नगर की बीएससी कोर्ट, कानून और सरकार से ऊपर हैं।

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