ट्राईसिटी टुडे की मुहिम और इस तरह खत्म हुआ भूमाफिया गैंगस्टर यशपाल तोमर का साम्राज्य

चिटहैरा भूमि घोटाला : ट्राईसिटी टुडे की मुहिम और इस तरह खत्म हुआ भूमाफिया गैंगस्टर यशपाल तोमर का साम्राज्य

ट्राईसिटी टुडे की मुहिम और इस तरह खत्म हुआ भूमाफिया गैंगस्टर यशपाल तोमर का साम्राज्य

Tricity Today | चिटहेरा भूमि घोटाला

ट्राईसिटी टुडे की मुहिम और इस तरह खत्म हुआ भूमाफिया गैंगस्टर यशपाल तोमर का साम्राज्य Greater Noida : सच ही जीतता है। जिस मुद्दे को आपके पसंदीदा न्यूज़ वेबपोर्टल "ट्राईसिटी टुडे" ने काफी गंभीरता से उठाया, उस मुद्दे और दावे पर अब राज्य सरकार की मुहर लग गई है। हम चिटहैरा भूमि घोटाले की बात कर रहे हैं। जिसमें शुक्रवार को मेरठ पुलिस की टीम गौतमबुद्ध नगर पहुंची। आईपीएस विवेक यादव के नेतृत्व में आई पुलिस टीम ने अंतरराज्यीय भूमाफिया यशपाल तोमर की करीब 150 बीघा जमीन को कुर्क किया है। पिछले 6 महीनों से "ट्राईसिटी टुडे" की टीम ने इस भूमि घोटाले पर ढाई दर्जन से भी ज्यादा खबरें प्रकाशित की हैं। जिसकी बदौलत ना केवल भूमाफिया सलाखों के पीछे पहुंचा, बल्कि जहां-जहां यशपाल तोमर ने जमीन पर कब्जा किया था, उन सारी जमीनों को पुलिस ने कुर्क किया है। एक और बड़ी बात हम आपको बता दें, हमारी टीम ने इस मामले की जांच कर रहे अधिकारियों के साथ जानकारी भी साझा कीं। 'ट्राईसिटी टुडे' की समाचार श्रृंखला प्रकाशित होने के बाद उत्तराखण्ड और उत्तर प्रदेश सरकार ने मामले में संज्ञान लिया। अब इस मामले में कार्रवाई का सिलसिला शुरू हुआ है। सिर्फ उत्तर प्रदेश ही नहीं बल्कि दूसरे राज्यों की पुलिस ने भी 'ट्राईसिटी टुडे' को धन्यवाद दिया है।

27 नवंबर 2021 को ट्राईसिटी टुडे ने किया था पूरे मामले का खुलासा
करीब 4 दशक पहले चिटहेरा गांव में दलितों और भूमिहीनों के नाम पर पट्टे आवंटित किए गए। यह आवंटन पत्रावली रद्द कर दी गई थी। इसके बाद तहसील में रखे दस्तावेजों में बड़े पैमाने पर हेरफेर किया गया। मतलब, किसी आवंटी को ग्राम पंचायत समिति ने आधा बीघा जमीन दी थी, दस्तावेजों में कटिंग और गड़बड़ियां करके उनके नाम कई-कई बीघा जमीन दर्ज कर दी गई। इसके बाद माफिया ने दूसरे जिलों से एससी और एसटी जातियों से ताल्लुक रखने वाले लोगों को चिटहेरा का मूल निवासी बताकर रजिस्ट्री और एग्रीमेंट करवाए। जब तक यह जमीन चिटहेरा गांव के दलितों के नाम थी, उन्हें तहसील प्रशासन ने संक्रमणीय भूमिधर घोषित नहीं किया। जैसे ही जमीन बाहरी लोगों के नाम दर्ज हुई, उन्हें संक्रमणीय भूमिधर घोषित कर दिया गया। ट्राईसिटी टुडे ने शीर्षक "बड़ा खुलासा : ग्रेटर नोएडा में अरबों की सरकारी जमीन माफिया ने हड़पी, किसानों को फर्जी मुकदमों में जेल भिजवाया, नोएडा एसटीएफ ने जांच शुरू की" से पहला समाचार प्रकाशित किया था।

अरबों रुपए के घोटाले की पोल 'ट्राईसिटी टुडे' ने खोली
ग्रेटर नोएडा के चिटहेरा गांव में अरबों रुपए की सरकारी जमीन माफिया यशपाल तोमर ने हड़प ली है। 'ट्राईसिटी टुडे' की जांच में यह भी पता चला कि इस घोटाले में कई स्थानीय नेताओं के कनेक्शन जुड़े हुए हैं। जिनके दम पर सैकड़ों करोड़ रुपए का यह घोटाला किया गया है। दादरी तहसील में तैनात रहे कई प्रशासनिक अधिकारी भी इस घोटाले में शामिल हैं। इतना ही नहीं दलितों और किसानों के पट्टों से जुड़े तहसील के राजस्व रिकॉर्ड में बड़े पैमाने पर हेराफेरी करके यह पूरा खेल हुआ है। गांव के जिन लोगों ने इसका विरोध किया, उनके खिलाफ दूसरे राज्यों में फर्जी मुकदमे दर्ज करवाए गए और जेल भिजवा दिया गया। 'ट्राईसिटी टुडे' ने इस मामले को काफी गंभीरता से उठाया था। जिसके बाद ना ही केवल पुलिस बल्कि गौतमबुद्ध नगर जिला प्रशासन, यूपी एसटीएफ, उत्तराखंड एसटीएफ से लेकर उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश हाईकमान तक हड़कंप मच गया था। जिसके बाद एक के बाद एक विभाग ने 'ट्राईसिटी टुडे' की खबर के आधार पर जांच शुरू कर दी थी।

लाव-लश्कर के साथ दादरी पहुंची मेरठ पुलिस
शुक्रवार की सुबह मेरठ पुलिस के एएसपी विवेक यादव लाव-लश्कर के साथ दादरी पहुंचे और भूमाफिया यशपाल तोमर की 135 करोड़ रुपए की संपत्ति को कुर्क कर लिया। यशपाल तोमर ने 18 पट्टों के भूखंड अपने नौकर कर्मवीर के नाम किए हुए थे। कर्मवीर के नाम 52 बीघा जमीन थी, जिसकी बाजार में कीमत करीब 31.51 करोड़ रुपए है। यशपाल तोमर ने अपने दूसरे नौकर कृष्णपाल के नाम 53 बीघा जमीन की थी। जिसकी कीमत आज के समय में 31.71 करोड़ रुपए है। इसके अलावा तीसरे नौकर के नाम 30 बीघा जमीन की हुई थी, जिसकी कीमत करीब 16 करोड़ रुपये है। 

13 मई को 135 करोड़ रुपए कक प्रॉपर्टी सीज हुई
मेरठ के एएसपी विवेक यादव के नेतृत्व में मेरठ पुलिस दादरी पहुंची और यशपाल तोमर की भी 78 बीघा जमीन जब्त कर ली है। जिसकी कीमत करीब 135 करोड रुपए है। यह तीनों बड़े-बड़े भूखण्ड नेशनल हाईवे के दादरी बाईपास, दादरी-चिटहेरा रोड पर बिजली घर के ठीक सामने और शिव नादर यूनिवर्सिटी के एक बराबर में हैं। 

18 अप्रैल 2022 को 153 करोड़ की संपत्ति जब्त हुई
यशपाल तोमर के खिलाफ सबसे बड़ी कार्रवाई 18 अप्रैल 2022 को सबसे पहले हुई थी। 18 अप्रैल को उत्तराखंड एसटीएफ की टीम ने यशपाल तोमर की 153 करोड़ों रुपए की संपत्ति को जब्त किया था। उस दौरान उत्तराखंड एसटीएफ चिटहेरा गांव में भी पहुंची थी और यहां पर यशपाल तोमर की 63 करोड़ रुपए की प्रॉपर्टी को सीज किया था, जो जमीन 1.3736 हैक्टेयर है। उसी दिन उत्तराखंड एसटीएफ ने हरियाणा से लेकर दिल्ली, बागपत और ग्रेटर नोएडा में 153 करोड़ रुपए की संपत्ति को सीज किया था। जिसमें इसकी कई लग्जरी कार और समेत बुलेट प्रूफ गाड़ियां भी शामिल थीं। बागपत के बरवाला गांव और गाजियाबाद के लोनी में 16 करोड़ रुपए की संपत्ति को सील किया गया था। जो इसकी पत्नी अंजना तोमर के नाम थी। इसके अलावा हरिद्वार में 72 करोड़ रुपए की संपत्ति को सील किया गया था, यह प्रॉपर्टी यशपाल के साले अरुण कुमार के नाम पर थी। यशपाल तोमर के भाई के नाम पर बागपत में करीब 20 लाख रुपए से ज्यादा की संपत्ति थी, जिसे उत्तराखंड टीम ने 18 अप्रैल को सील किया था। इसके अलावा एक इनोवा कार, दो फॉर्च्यूनर कार और 5 बैंक खातों को सीज किया गया था।

25 अप्रैल 2022 को 1.18 करोड़ रुपए की संपत्ति कुर्क हुई
उसके बाद 25 अप्रैल 2022 को गौतमबुद्ध नगर के चिटहेरा गांव में अरबों रुपये के भूमि घोटाले को अंजाम देने वाले भूमाफिया यशपाल तोमर के खिलाफ बागपत में बड़ी कार्यवाही हुई। बागपत पुलिस ने 25 अप्रैल को 1.18 करोड़ रुपए कीमत की संपत्ति को कुर्क किया था। जिसमें 18 बीघा कृषि भूमि, बरवाला गांव के दो आवासीय प्लॉट और मकान शामिल थे। यह डीएम हरिद्वार के आदेश पर पुलिस ने कार्यवाही की थी। यह कार्यवाही यशपाल तोमर के पैतृक गांव बरवाला में हुई थी।

5 मई 2022 को 11 करोड़ रुपए की संपत्ति जब्त
यशपाल तोमर के खिलाफ 5 मई को कार्रवाई हुई। बीते 5 मई 2022 को उत्तर प्रदेश शासन के आदेश पर यशपाल तोमर की लोनी रेल विहार कॉलोनी में करीब साढ़े 11 करोड़ रुपए की संपत्ति कुर्क की गई। इस समय भारी संख्या में पुलिस और प्रशासनिक अफसर मौजूद रहे।

अब तक 300 करोड़ रुपए से ज्यादा की संपत्ति कुर्क
कुल मिलाकर यशपाल तोमर के खिलाफ अब तक काफी बड़ी कार्रवाई की जा चुकी है। अभी तक यशपाल की करीब 300 करोड़ रुपए से ज्यादा की संपत्ति और प्रॉपर्टी पुलिस ने जब्त कर ली है। यह कार्रवाई केवल उत्तर प्रदेश ही नहीं बल्कि उत्तराखंड और दिल्ली में भी की गई है। यशपाल तोमर ने ना केवल अपने परिवारजनों के नाम बल्कि अपने नौकर और रिश्तेदारों के नाम पर अवैध संपत्ति की थी। इस मामले में सबसे पहले उत्तराखंड पुलिस और एसटीएफ टीम ने कार्रवाई की। अब तक यशपाल तोमर की 300 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति सीज की जा चुकी है।

30 जनवरी को उत्तराखंड एसटीएफ ने किया गिरफ्तार
आपको बता दें कि बीते 30 जनवरी 2022 को उत्तराखंड एसटीएफ ने यशपाल तोमर को गुरुग्राम से गिरफ्तार किया और उत्तराखंड ले गई थी। एसटीएफ ने ज्वालापुर की विवादित 56 बीघा जमीन और कांग्रेस नेता तोष जैन के घर में घुसकर धमकी देने के मामले में भूमाफिया यशपाल तोमर को दबोचा था। ज्वालापुर कोतवाली में पूछताछ के बाद उसको जेल भेज दिया गया था। उसके बाद उत्तराखंड पुलिस एसटीएफ यशपाल तोमर की अवैध अचल-चल सम्पति की जांच में जुट गई थी। उत्तराखंड एसटीएफ ने यशपाल को लेकर प्रकाशित हो रहीं 'ट्राईसिटी टुडे' की खबरों का संज्ञान लिया तो साला काला चिट्ठा खुलता चला गया।

चिटहैरा गांव के 12 लोगों को जेल भिजवाया
भूमाफिया इस समय उत्तराखंड की जेल में बंद है। उसने ना ही केवल धोखाधड़ी की, बल्कि काफी लोगों को फर्जी मुकदमे में फंसाकर जेल भी भिजवाया था। जब से आपके पसंदीदा न्यूज़ वेब पोर्टल 'ट्राईसिटी टुडे' ने इस मामले में खुलासा करना शुरू किया। तब से काफी पीड़ित लोग हमसे संपर्क कर चुके हैं। जिनकी शिकायतों को हमने काफी गंभीरता से उठाया है। भूमाफिया यशपाल तोमर का गैंग दादरी इलाके में किस कदर हावी था, अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि उनके खिलाफ आवाज उठाने पर किसान नेता सुनील फौजी को रेप के फर्जी मुकदमे में फंसाकर भठिंडा भेज दिया गया था। एक्टिविस्ट महेंद्र सिंह कोरी को एटेम्पट टू मर्डर के मामले में जेल भेजा गया था। इसी तरह बाकी 10 और लोगों को जेल भेजा गया है।

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