जेवर एयरपोर्ट के तीसरे और चौथे चरण को योगी कैबिनेट ने दी मंजूरी, अब इन 10 गांवों में शुरू होगा भूमि अधिग्रहण

आज की सबसे बड़ी खबर : जेवर एयरपोर्ट के तीसरे और चौथे चरण को योगी कैबिनेट ने दी मंजूरी, अब इन 10 गांवों में शुरू होगा भूमि अधिग्रहण

जेवर एयरपोर्ट के तीसरे और चौथे चरण को योगी कैबिनेट ने दी मंजूरी, अब इन 10 गांवों में शुरू होगा भूमि अधिग्रहण

Tricity Today | Jewar Airport Project

जेवर एयरपोर्ट के तीसरे और चौथे चरण को योगी कैबिनेट ने दी मंजूरी, अब इन 10 गांवों में शुरू होगा भूमि अधिग्रहण Greater Noida : उत्तर प्रदेश सरकार ने शुक्रवार को कई बड़े फैसले लिए हैं। जेवर के पास बन रहे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के तीसरे और चौथे चरण के निर्माण को यूपी कैबिनेट से मंजूरी मिल गई है। तीसरे ओर चौथे चरण के एयरपोर्ट के लिए दस गांवों की 2,053 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा। यह काम पूरा होने से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट एशिया का दूसरा सबसे बडा एयरपोर्ट बन जाएगा। इस एयरपोर्ट पर 6 रन-वे बनाए जाएंगे।

एयरपोर्ट 4,752 हेक्टेयर जमीन पर बनेगा
चारों चरण में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट 4,752 हेक्टेयर जमीन पर बनाया जाएगा। चार चरणों में जब इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनकर तैयार हो जाएगा तो इसकी क्षमता 250 मिलियन पैसेंजर प्रति वर्ष होगी। इसके साथ ही इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास सबसे बडा कार्गो हब, एविएशन हब और एमआरओ बनाए जाएंगे। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का निर्माण आने वाले 70 साल के लिए किया जा रहा है। इसके लिए पहले चरण की जमीन कंपनी को दे दी गई है। दूसरे चरण के लिए भूमि अधिग्रहण चल रहा है। नियाल के सीईओ डॉ.अरुणवीर सिंह ने बताया कि अब तीसरे और चौथे चरण का निर्माण करने के लिए मंजूरी मिल गई है।

किस चरण में कितनी जमीन की दरकार
डॉ.अरुणवीर सिंह ने बताया कि अब तीसरे और चौथे चरण के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू होगी। जमीन अधिग्रहण का प्रस्ताव तैयार करके शासन के पास मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। जमीन अधिग्रहण पर करीब 15 हजार करोड़ रुपये खर्च होंगे। जमीन अधिग्रहण करने के लिए दस प्रतिशत धनराशि एडीएम लैंड के खाते में जमा कर दी जाएगी। इसमें यूपी सरकार के अलावा नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना अथॉरिटी की भागेदारी होगी। इसके बाद किसानों से सहमति ली जाएगी। उन्होंने बताया कि पहले चरण में 1,334 हेक्टेयर, दूसरे चरण में 1,365 हेक्टेयर और अब तीसरे व चौथे चरण में क्रमशः 1,318 और 735 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण होगा।

छह रनवे वाला देश का अकेला एयरपोर्ट
डॉ.अरुणवीर सिंह कहते हैं, "यह देश का सबसे बडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनेगा। चार चरणों में बनने वाले एयरपोर्ट के दो चरण के लिए जमीन का अधिग्रहण कर लिया गया है। चार रनवे पैसेंजर उड़ानों के लिए बनाए जाएंगे। पांचवा रनवे कार्गो हब और छठा रनवे एमआरओ के लिए बनाया जाएगा। यहां पर हैलीपोर्ट भी बनाया जाएगा। उन्होंने बताया कि एशिया का सबसे बड़ा एविएशन हब बनाया जाएगा। यहां पर हवाई जहाज के कलपुर्जे बनाने वाली इंडस्ट्री लगाई जाएगी। उन्होंने बताया कि पहले चरण में वर्ष 2023 में हवाई जहाज उड़ान भरने लगेंगे।"

कब कितने यात्री यहां से उड़ान भरेंगे
मिली जानकरी के मुताबिक साल 2023 से लेकर 2027 तक पहले चरण में 12 मिलियन पैसेंजर यहां से आवागमन करेंगे। वर्ष 2031 से 2033 तक 30 मिलियन पैसेंजर और 2033 से 2036 तक 50 मिलियन पैसेंजर इस हवाईअड्डे का उपयोग करेंगे। इस तरह वर्ष 2070 नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से 225 मिलियन पैसेंजर यात्रा करने लगेंगे। सीईओ ने बताया कि वर्ष 2042 में यह हवाईअड्डा 3 मिलियन टन कार्गो का आयात-निर्यात करेगा। साल 2049 में कार्गो बढ़कर 4.5 मिलियन टन तक पहुंच जाएगी। साल 2060 में 6.5 मिलियन टन और 2070 में यहां से 10 मिलियन टन कार्गो उड़ान भरेगा। हवाईअड्डे के विकासकर्ताओं का मानना है कि 2070 में यहां से 12 मिलियन टन कार्गो लाया और ले जाया जाएगा।

40 साल बाद दोबारा छोड़ा जाएगा ठेका
डॉ.अरुणवीर सिंह ने बताया कि जेवर अंतर्राष्ट्रीय हवाईअड्डा 40 साल के लिए ज्यूरिख कंपनी को संचालन के लिए दिया गया है। इसके बाद एयरपोर्ट के संचालन के लिए फिर से बिड होगी लेकिन पहले से संचालन करने वाली कंपनी को छूट दी जाएगी। उन्होंने बताया कि यहां प्रति पैसेंजर 4.97 रुपये यूपी सरकार, नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना अथॉरिटी को मिलेंगे।

Copyright © 2021 - 2022 Tricity. All Rights Reserved.